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Air Force Day : एयर शो में उमड़ा जनसमूह, दिखा कुंभ के अमावस जैसा नजारा

Sun, 08 Oct 2023 09:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Air Force Day : मौका था वायु सेना दिवस के अवसर पर आयोजित एयर शो का। इसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। संगम क्षेत्र के हर काेने पर तो लोगों की भीड़ रही ही, अरैल, झूंसी की तरफ भी अपार जनसमूह उमड़ा। भीड़ का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि सुबह 10 बजे से लोगों के संगम क्षेत्र में आने का क्रम शुरू हो गया था।
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संगम तट पर आयोजित भारतीय वायु सेना के एयर शो को देखने उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

प्रयागराज की धरती पर रविवार को जोश से लबरेज जनसमूह के बीच भारतीय जाबांजों के शौर्य की नई गाथा लिखी गई। आसमान में गर्जना करते वायु सेना के लड़ाकू विमानों और जाबांजों ने सुरक्षित भारत का भरोसा दिलाया तो लोगों ने भी नारों एवं तालियों से उनका स्वागत किया। जोश एवं उत्साह का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि तिलमिलाती धूप के बावजूद संगम की रेती तथा आसपास के क्षेत्रों में कुंभ के अमावस जैसा नजारा देखने को मिला।











मौका था वायु सेना दिवस के अवसर पर आयोजित एयर शो का। इसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। संगम क्षेत्र के हर काेने पर तो लोगों की भीड़ रही ही, अरैल, झूंसी की तरफ भी अपार जनसमूह उमड़ा। भीड़ का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि सुबह 10 बजे से लोगों के संगम क्षेत्र में आने का क्रम शुरू हो गया था।

करीब 12 बजे तक महात्मा गांधी मार्ग, बालसन से संगम, शास्त्री ब्रिज, कीडगंज समेत संगम की तरफ जाने वाले हर मार्ग पर रेला लग गया था। करीब पौने तीन बजे एयरशो शुरू होने के बाद भी लोगों के आने का सिलसिला जारी रहा। यही स्थित अरैल और झूंसी की तरफ भी रही। अरैल में गंगा और यमुना के किनारे हजारों लोग वायु योद्धाओं की इस जाबांजी का हिस्सा बने।

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एयर शो की शुरुआत चिलुक हेलीकॉप्टर से हुई तो लोगों ने तालियों से उसका स्वागत किया। इसके बाद यह सिलसिला लगातार चलता रहा। करीब आठ हजार फीट की ऊंचाई से 10 पैराजंपर तिरंगा लहराते हुए नीचे आए। इस दौरान तालियों की करतल ध्वनि के साथ भारत माता की जय, वंदेमातरम का जयघोष भी होता रहा। जवानों ने भी जमीन उतरने के बाद हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया तो इस दौरान भी लोग लगातार ताली बजाते और नारेबाजी करते रहे।













जोश और उत्साह का आलम यह रहा कि पूरे आयोजन तक लोग डटे रहे। कई लोग एयर शो के आखिरी पड़ाव के दौरान ही घन जाने का मन बनाते रहे। ताकि, एक साथ छूटने वाली भीड़ से बचा जा सके लेकिन एयर शो के आकर्षण से खुद को अलग नहीं कर पाए और आखिरी पल तक डटे रहे।

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मुख्य मार्ग ही नहीं गलियों तक में लगा रहा रेला

शहरी कुंभ के दौरान अमावस्या तथा अन्य प्रमुख स्नान पर्वों पर ही इस तरह की भीड़ से रूबरू हुए होंगे। एयर शो देखने के लिए हजारों लोग 10 किमी से भी अधिक दूरी तय करके संगम क्षेत्र में पहुंचे। इसका नतीजा रहा कि संगम की तरफ आने वाले मुख्य मार्ग ही नहीं दारागंज, अलोपीबाग, कीडगंज, अल्लापुर आदि मोहल्लों की गलियों में भी रेला लगा रहा।

लोगों के लिए संगम, अरैल तथा झूंसी पहुंचना तो अपेक्षाकृत आसान रहा लेकिन एयर शो खत्म होने के बाद जब लाखों लोग एक साथ निकले तो बस एक-दूसरे के पीछे चले ही जा रहे थे। गंगा के किनारे संगम से नागबासुकी तक सड़क तथा आसपास सिर्फ हुजुम निकल रहा था। नाला, नाली कुछ भी नहीं देख रहे थे, बस एक ही लक्ष्य था कि यहां से निकला जाए। स्थिति यह थी कि नागबासुकी तक जबरदस्त भीड़ रही। निराला चौराहा के पास तो आगे जाना भी मुश्किल हो गया। ऐसे में भीड़ से बचने के लिए लोगों ने गलियों का सहारा लिया लेकिन कहीं राहत नहीं मिली।

नवीन, जावेद तथा इनके दोस्तों को इस भीड़ का अनुमान था। इसलिए वे लोग म्योराबाद से पैदल ही संगम पहुंचे लेकिन उन्हें इसका अंदाजा बिल्कुल नहीं था कि निकलना इतना मुश्किल होगा। इधर-उधर घूमते हुए करीब दो घंटे में वे लोग कटरा पहुंचे थे। हालांंकि, लंबी पैदल यात्रा तथा इस कठिनाई के बाद भी उनमें उत्साह रहा तथा बीच-बीच में नारा लगाते हुए चल रहे थे।

जंघई के अमन कुमार, हंडिया के गोविंद, ऋषभ, तेजू सिंह अपने कई दोस्तों के साथ सुबह ही झूंसी स्थित अपने मित्र के घर पर पहुंच गए। इसके बाद वे लोग पैदल ही संगम पहुंचे। देवराज, पूर्णिमा, सीमा समेत अपने मोहल्ले के अन्य लोगों के साथ एयर शो देखने पहुंचे। इनमें करीब 55 वर्ष की राधिका तथा 11 साल के राहुल भी शामिल रहे। देवराज का कहना था कि वापसी में जाम की वजह से परेशानी होगी। इसलिए अंदावा में ही अपनी गाड़ी खड़ी कर दी और वहां से पैदल ही संगम पहुंचे।


फूलपुर के आदर्श, मोहम्मद अशरफ, तनवीर, दानिश, इरशाद, अभिषेक आदि ने भी अंदावा में अपनी गाड़ी खड़ी कर दी थी और पैदल ही संगम पहुंचे। ये लोग लगातार नारेबाजी करते हुए चल रहे थे।इस तरह के हजारों लोग रहे जो पैदल ही लंबी दूरी तय करके संगम पहुंचे थे। खास यह कि इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, अधिक उम्र के लोग तथा बच्चे भी शामिल रहे।

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एयरक्राफ्ट के बारे में जानने की बनी रही ललक
 

खासतौर पर, युवाओं और बच्चों में लड़ाकू विमानों तथा सेना के हेलीकॉप्टर के बारे में जानने की खासी उत्सुकता रही। उनका कमेंट्री पर ध्यान रहा ही, कुछ सुनने चूक जाते तो एक-दूसरे पूछते भी। बच्चों के साथ पहुंचे जितेंद्र कुमार, शिव प्रकाश श्रीवास्तव आदि जहाज के बारे में लगातार उन्हें बताते भी रहे।

 

जोश के आगे फीका पड़ा सूरज का तेवर


रविवार को सूर्य देव भी अपनी पूरी तेजी के साथ आसमान में मौजूद रहे तो गर्मी ने भी परेशान किया लेकिन जाबांजों के स्वागत में आसमान की तरफ टकटकी लगाए लोगों की निगाहें झुकने को तैयार नहीं थीं। पूरे मैदान में तेज धूप के बीच लोग घंटों न सिर्फ बैठे रहे बल्कि जोश से भी लबरेज रहे। राफेल और तेजस की गर्जना के बीच तालियों और नारों की गूंज भी लगातार सुनाई देती रही।

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हर उड़ान को कैमरे में किया कैद
 

एयर शो के दौरान लोगों की नजरों के अलावा मोबाइल के कैमरों की दिशा भी आसमान की तरफ रही। लोग हर उड़ान एवं गतिविधि को कैमरे में कैद करने के लिए आतुर दिखे। इतना ही नहीं ज्यादातर के मोबाइल का स्टेटस भी एयर शोक का समर्पित रहा।

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