नवीन, जावेद तथा इनके दोस्तों को इस भीड़ का अनुमान था। इसलिए वे लोग म्योराबाद से पैदल ही संगम पहुंचे लेकिन उन्हें इसका अंदाजा बिल्कुल नहीं था कि निकलना इतना मुश्किल होगा। इधर-उधर घूमते हुए करीब दो घंटे में वे लोग कटरा पहुंचे थे। हालांंकि, लंबी पैदल यात्रा तथा इस कठिनाई के बाद भी उनमें उत्साह रहा तथा बीच-बीच में नारा लगाते हुए चल रहे थे।
जंघई के अमन कुमार, हंडिया के गोविंद, ऋषभ, तेजू सिंह अपने कई दोस्तों के साथ सुबह ही झूंसी स्थित अपने मित्र के घर पर पहुंच गए। इसके बाद वे लोग पैदल ही संगम पहुंचे। देवराज, पूर्णिमा, सीमा समेत अपने मोहल्ले के अन्य लोगों के साथ एयर शो देखने पहुंचे। इनमें करीब 55 वर्ष की राधिका तथा 11 साल के राहुल भी शामिल रहे। देवराज का कहना था कि वापसी में जाम की वजह से परेशानी होगी। इसलिए अंदावा में ही अपनी गाड़ी खड़ी कर दी और वहां से पैदल ही संगम पहुंचे।
फूलपुर के आदर्श, मोहम्मद अशरफ, तनवीर, दानिश, इरशाद, अभिषेक आदि ने भी अंदावा में अपनी गाड़ी खड़ी कर दी थी और पैदल ही संगम पहुंचे। ये लोग लगातार नारेबाजी करते हुए चल रहे थे।इस तरह के हजारों लोग रहे जो पैदल ही लंबी दूरी तय करके संगम पहुंचे थे। खास यह कि इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, अधिक उम्र के लोग तथा बच्चे भी शामिल रहे।