तीसरे चरण में पहुंचे कोरोना वायरस से बचने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू के एलान पर रविवार को संगमनगरी में पहली बार एकजुटता मिसाल बन गई। चाहे कर्फ्यू रहा हो या फिर भारत बंद या प्रदेश बंद का किसी राजनीतिक दल व सामाजिक संगठन का एलान, लेकिन ऐसी बंदी कभी देखी नहीं गई थी। बड़े-बुजुर्गों को भी याद नहीं है कि कभी उनके बचपन या किशोरावस्था के दिनों में ऐसा सन्नाटा सड़कों पर पसरा रहा हो।
जनता कर्फ्यू के समर्थन में सामाजिक, धार्मिक व व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों की एकजुटता का भी असर रविवार को सड़कों पर साफ दिखा। इसे लोगों का धैर्य कहें या समझदारी या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का प्रभाव, लेकिन जनता कर्फ्यू में लोग निकले नहीं। चाहे चौराहे हों या फिर तिराहे। रातों रात हर जगह कोरोना वायरस के प्रति सजगता और पीएम मोदी की अपील पर जनता कर्फ्यू में हिस्सा लेने वाले होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर इस बात की गवाही देते रहे कि इस आपदा की घड़ी में शहर कितना जागरूक है।