फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉक डाउन की अफवाह पर जरूरी सामान खरीदने की मची होड़

Fri, 20 Mar 2020 12:43 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
1 of 3
कोरोना वायरस बुलेटिन - फोटो : self
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बृहस्पतिवार की रात राष्ट्र के नाम संदेश आने के पूर्व शहर भर में अफवाह रही कि पीएम शाम को देश भर में लॉक डाउन की घोषणा कर सकते हैं। इस अफवाह का असर यह रहा कि तमाम शहरियों ने खाने पीने के जरूरी सामान आदि खरीदने शुरू कर दिए।

लोगों को आशंका थी कि चीन और इटली की तरह कहीं भारत में घरों में रहने का फरमान सरकार न दे दे। अधिकांश लोगों ने सब्जी, आटा, चावल, दाल एवं खाने पीने की वस्तुएं खरीदने को ही तरजीह दी। रात आठ बजे पीएम के राष्ट्र के नाम संदेश देने के दौरान रविवार 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू ’ की बात सामने आने पर एकाएक दुकानों में फिर से भीड़ गई।
विज्ञापन

2 of 3
मनोवैज्ञानिक की राय - फोटो : Amar Ujala
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान लोगों को यह भी बताया कि सामान जमा करने की होड़ न लगाए, फिर भी बहुत से लोगों ने इस बात की अनसुनी कर खरीदारी की। किसी ने चावल खरीदा तो किसी ने आटा।

पीएम के संदेश के बाद भी लोगों ने घी, तेल, रिफाइंड, सब्जी मसाले, चीनी, चाय की पत्ती, पैकेट दूध आदि लोगों  ने खरीदे। इसके पूर्व लॉक डाउन की अफवाह पर भी गली-मोहल्लों की दुकानों में ज्यादा बिक्री हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
कोरोना वायरस बुलेटिन - फोटो : self
सिविल लाइंस में भी घरेलू उपयोग में सामान खरीदने के लिए लोग जुटे। मुट्ठीगंज के किराना व्यापारी विजय केसरवानी ने बताया कि आम दिनों के मुकाबले आज रसोई में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थ ज्यादा बिके। आटा, चावल, दाल आदि लोगों ने ज्यादा लिया।

गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश केसरवानी ने कहा कि शहर में आटा, दाल, चावल, चीनी की कमी नहीं है। लोग बेवजह इसका स्टॉक न करें। उधर भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. एलएस ओझा ने कहा कि लोग सामान खरीदने की होड़ में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि सरकारी निर्देश का शत प्रतिशत अनुपालन जरूरी है। इस बीमारी का ट्रीटमेंट सिर्फ सावधानी है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें