नन्हे नागा संन्यासी अपने आप में एक ऐसा विषय है जिसको समझना आसान नहीं था। इसके बारे में जानने के लिए आवाहन अखाड़े के अधिकारियों से संपर्क किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद महाकुंभ में आए एक और नन्हे साधु के बारे में जानने के लिए निरंजनी अखाड़े से जानकारी ली गई। यहां पर एक 15 साल के नन्हे नागा ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनका नाम था दक्षगिरी महाराज, उम्र 15 साल। महज पांच साल की उम्र में इन्होंने संन्यास लेने का मन बना लिया था और अब संन्यासियों की दुनिया में यह 10 साल बिता चुके हैं।