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महंत आशीष गिरी की मौत का मामलाः गोली एक चली तो कमरे से कैसे मिले दो खोखे

Mon, 18 Nov 2019 01:15 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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महंत आशीष गिरी - फोटो : अमर उजाला
अखाड़े में महंत की संदिग्ध हाल में मौत के मामले में भले ही पुलिस इसे सुसाइड मान रही हो, लेकिन घटनास्थल के हालात से उसकी यह थ्योरी सवालों के घेरे में है। दरअसल जो बातें इस मामले को संदिग्ध बनाती हैं, उनमेें एक खास बात यह है कि कमरे से पुलिस को कारतूस के दो खोखे मिले। अब सवाल यह है कि जब महंत को एक गोली लगी, तो दूसरी गोली आखिर किसने चलाई। 
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mahant ashish giri sucude news - फोटो : प्रयागराज
सूत्रों की मानें तो घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस जांच में जुटी थी कि इसी दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई। पुलिसकर्मी उस वक्त हैरान रह गए जब वहां कारतूस के दो खोखे मिले। चौंकाने वाली बात यह थी कि महंत की कनपटी पर एक गोली लगी थी। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, महंत ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी की। अब सवाल यह है कि महंत जब एक ही गोली लगने के बाद बिस्तर पर लुढ़क गए तो फिर कमरे में दूसरा खोखा कहां से आया। इसके अलावा एक अन्य खास बात यह भी है कि इतने बड़े आश्रम में गोली चलने की आवाज किसी ने नहीं सुनी।
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महंत आशीष गिरी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को भी यही बताया गया है कि बहुत देर तक नीचे नहीं आने पर जब उन्हें साधु बुलाने उनके कमरे में पहुंचा तो घटना की जानकारी हुई। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि महंत के कमरे का दरवाजा भी खुला हुआ था। दरवाजा खुला होने के बावजूद यह कैसे संभव है कि ऊपरी मंजिल पर गोली चले और आश्रम में चंद कदम पर स्थित कमरों व नीचे के तल पर मौजूद लोगों को इसकी आवाज नहीं सुनाई दे। इस संबंध में जब दारागंज पुलिस से बात की गई तो उसका भी यही कहना था कि उसके सामने कोई ऐसा व्यक्ति नहीं आया जिसने गोली चलने की आवाज सुनी हो। उधर बरामद दो खोखों के बारे में बताया कि इनमें से एक खोखा पुराना था। लेकिन सवाल यह भी है कि महंत ने आखिर पुराना खोखा क्यों रखा हुआ था। साथ ही अगर पुराना खोखा कमरे में था तो भी यह नए खोखे के साथ बिस्तर पर कैसे पहुंचा। 

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mahant ashish giri sucude news - फोटो : प्रयागराज
पांच-पांच लाख के दो चेक भी मिले

पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल के दौरान कमरे में अन्य सामान के साथ ही एक जिंदा कारतूस भी मिला। इसके अलावा टैबलेट, दो मोबाइल, आई कार्ड, शस्त्र लाइसेंस के अलावा दो चेक भी मिले। दोनों चेक पांच-पांच लाख रुपये के बताए जा रहे हैं जो अखाड़े के नाम पर जारी किए गए थे। पुलिस अफसरों ने बताया कि इन सभी चीजों को कब्जे में ले लिया गया है। 
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mahant ashish giri sucude news - फोटो : प्रयागराज
सिर के पार हो गई थी गोली

मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण आननफानन में घटना के कुछ देर बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि गोली कनपटी पर बायीं ओर मारी गई थी जो सिर को भेदते हुए दाहिनी ओर से पार हो गई थी। इसके अलावा शरीर में किसी अन्य चोट का निशान नहीं मिला। 
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महंत आशीष गिरी - फोटो : Social Media
आखिरी बार महंत की अखाड़ा परिषद अध्यक्ष से हुई थी बात

प्रयागराज। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव महंत आशीष गिरि की आखिरी बार बात अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरि से हुई थी। नाश्ते के लिए बुलाने पर उन्होंने थोड़ी देर में मठ पहुंचने की बात कही थी। हालांकि, कुछ देर बाद ही वह कमरे में मृत पड़े मिले। उधर घटना को लेकर आश्रम में रहने वाले साधु-संत कुछ भी बोलने से कतराते रहे। 
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आश्रम में छाया रहा शोक - फोटो : अमर उजाला
आश्रम में अखाड़े के सचिव की गोली लगने से मौत की खबर मिलते ही पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। दारागंज पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी ही थी कि कुछ ही देर में वहां एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव व डीआईजी केपी सिंह भी आ गए। अफसरों ने घटनास्थल पर जांच पड़ताल की। मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने वहां मिले फिंगर प्रिंट के नमूने लिए। साथ ही अन्य चीजों की भी बारीकी से जांच की। उधर तब तक जानकारी पर महंत नरेंद्र गिरि भी आ गए। 

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आश्रम में छाया रहा शोक - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक, उन्होंने बताया कि सुबह उनकी महंत आशीष से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बाघंबरी मठ में नाश्ते के लिए बुलाया तो महंत ने थोड़ी देर बाद आने की बात कही। इसके बाद बहुत देर तक उनके नहीं आने पर आश्रम में जानकारी की गई। इसी दौरान एक साधु उन्हें बुलाने पहुंचा तो वह दूसरी मंजिल पर बने अपने कमरे में मृत पड़े मिले। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का कहना है कि फोन पर हुई बातचीत मेें महंत सामान्य थे। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि पिछले पांच छह दिनों में तबीयत ज्यादा खराब रहने की वजह से वह परेशान रहने लगे थे। 

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जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कारतूस व खोखा भी मिला
पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल के दौरान कमरे में अन्य सामान के साथ ही दो कारतूस व एक खोखा भी मिला। इसके अलावा लैपटॉप, टैबलेट, दो मोबाइल, आई कार्ड, शस्त्र लाइसेंस के अलावा दो चेक भी मिले। दोनों चेक पांच-पांच लाख रुपये के थे। हालांकि यह नहीं पता चल सका कि चेक किसके नाम से या किसकी ओर से जारी किए गए थे। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने इन सभी चीजों को कब्जे में ले लिया है। 

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आश्रम में बैठे साधु-संत - फोटो : अमर उजाला
सवालों का नहीं दिया जवाब

इस मामले में आश्रम के लोगों ने पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी। वह मामले में कुछ भी बताने से कतराते रहे। उनका कहना था कि घटना के बारे में कोई भी जानकारी अखाड़े के जिम्मेदार पदाधिकारी ही दे सकते हैं। उधर घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ भी आश्रम के बाहर जुट गई थी। इस दौरान एक युवती फफक-फफक कर रोती रही। हालांकि वह कौन थी, इस बारे में पुलिस भी कुछ नहीं बता पाई। उधर चर्चा इस बात की भी रही कि युवती व उसका परिवार महंत के भक्त थे। आश्रम के बाहर जुटे स्थानीय लोगों का कहना था कि महंत काफी मिलनसार थे। कहीं भी मिलने पर वह हालचाल जरूर पूछते थे।
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जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
निरंजनी सचिव श्रीमहंत आशीष गिरि को दी गई ‘जल समाधि’

प्रयागराज। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत आशीष गिरि को रविवार की शाम संत परंपरा के मुताबिक छतनाग-अरैल के करीब गंगा में ‘जल समाधि’ दे दी गई। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी के सचिव श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि  उनकी किडनी और लिवर खराब हो गया था। उनका पहले वाराणसी और फिर देहरादून के एक निजी अस्पताल में इलाज भी चल रहा था। किसी दवा के ‘रिएक्शन’ से शरीर पर चकत्ते निकल आए थे। इलाज के दौरान ही जांच में डॉक्टर ने बताया था वह अधिक शराब पीते हैं, जिससे उनका लिवर खराब हो गया है। उन्हें समझाने और भरोसा दिलाने की कई बार कोशिश की गई कि सबकुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन, लगता है कि बीमारी से हताश-निराश होने और शराब पीने की बात संतों के बीच में फैलने के बाद आत्मग्लानि में उन्होंने ऐसा कदम उठाया।



 
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