फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Atiq Ahmed Son Death: 'तू ही घर का सहारा था, हमें छोड़कर क्यों चला गया', अबान को देखते अली ने बोले ये शब्द

Sun, 09 Aug 2026 09:18 AM IST
Sharukh Khan अमित गुप्ता, अमर उजाला, प्रयागराज

सार

प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे अबान को शनिवार शाम कसारी-मसारी स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अली और उमर बार-बार अबान की ओर देखते रहे। कुछ देर बाद परिवार के लोगों ने खुद को संभाला। अली के मुंह से निकला, 'अब तू ही घर का सहारा था, हमें छोड़कर क्यों चला गया...
विज्ञापन
1 of 13
Atiq Ahmed Son Death - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
प्रयागराज में गाड़ी से उतरकर जैसे ही माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अपने छोटे भाई अबान के शव की ओर बढ़ा, उसके कदम भारी पड़ रहे थे। कुछ दूर चलने के बाद वह कफन में लिपटे अबान के शव के सामने पहुंचा तो खुद को संभाल नहीं सका। भाई का चेहरा देखते ही अली की आंखों से आंसू छलक पड़े।

दर्द में डूबे अली के मुंह से निकला, 'अब तू ही घर का सहारा था, हमें छोड़कर क्यों चला गया... हम लोगों ने ऐसा क्या गुनाह किया था, जो पहले अब्बू, भाई और अब तू चला गया।' अबान का शव देखते ही अली और उमर भावुक हो गए। 
विज्ञापन

2 of 13
अबान के जनाजे में शमिल बड़े भाई उमर, अली और अहजम - फोटो : अमर उजाला
दोनों की आंखों से आंसू थे। भाई को अंतिम विदाई देते समय अली और उमर खुद को संभाल नहीं सके। चेहरे पर भाई को खोने का दर्द दिखाई दे रहा था। दोनों कभी शव की ओर देखते तो कभी एक-दूसरे की तरफ देखकर खुद को संभालने की कोशिश करते। अहजम भी इस दौरान दोनों के साथ था।

 
विज्ञापन

3 of 13
अबान अहमद के के जनाजे में शमिल होने पहुंचा अहजम - फोटो : अमर उजाला
तीनों में अबान को लेकर बातें होती रहीं। अली और उमर एक- दूसरे को ढाढ़स बंधाते रहे। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया तो कुछ देर के लिए माहौल और भी गमगीन हो गया। परिवार के लोगों ने तीनों भाइयों को संभालने की कोशिश की।

 

4 of 13
अबान अहमद का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोई उन्हें ढाढ़स बंधाता रहा तो कोई जनाजे की तैयारी के लिए आगे बढ़ने के लिए कहता रहा। कुछ देर तक ऐसा लगा मानो परिवार के लोग इस सदमे को स्वीकार ही नहीं कर पा रहे हों। शव के पास मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। कब्रिस्तान के आसपास 5000 लोगों के एकत्रित होने की बात कही गई है।
विज्ञापन

5 of 13
अबान अहमद के के जनाजे में शमिल होने पहुंचा बड़ा भाई अली - फोटो : अमर उजाला
अबान की तरफ देखते रहे अली व उमर
अली और उमर बार-बार अबान की ओर देखते रहे। कुछ देर बाद परिवार के लोगों ने खुद को संभाला। अबान के शव को कब्रिस्तान स्थित मस्जिद के पास लाया गया। वहां नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। इसके बाद अहजम, अली और उमर ने अबान के जनाजे को कंधा दिया। अवान को अतीक अहमद की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
विज्ञापन

6 of 13
कसारी मसारी कब्रिस्तान में अबान अहमद के जनाजे में भीड़ बेकाबू हो गई - फोटो : अमर उजाला
उमर के आते ही टूटा कब्रिस्तान का सुरक्षा घेरा
अबान के जनाजे के दौरान उमर की गाड़ी आते ही कब्रिस्तान का सुरक्षा घेरा टूट गया। प्रवेश द्वार पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा रखी थी लेकिन बैरिकेडिंग हटाकर भीड़ आगे बढ़ने लगी।
 
विज्ञापन

7 of 13
कब्रिस्तान में अबान अहमद के जनाजे में शमिल लोग। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी रही - फोटो : अमर उजाला
देखते ही देखते कई लोग पुलिस और सुरक्षाकर्मियों का घेरा तोड़कर कब्रिस्तान में घुस गए। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को रोकने की कोशिश की। लोगों को पीछे हटने के लिए कहा गया लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती रही।

8 of 13
कसारी मसारी कब्रिस्तान में अबान अहमद के जनाजे में जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
अतीक की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक हुआ अबान, तीनों भाइयों ने दिया कंधा
प्रयागराज में अतीक अहमद के बेटे अबान को शनिवार शाम कसारी-मसारी स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अबान का जनाजा 6:45 बजे कब्रिस्तान पहुंचा। इसके बाद मस्जिद के पास नमाज अदा की गई। तीनों भाइयों उमर, अली और अहजम ने जनाजे को कंधा दिया। 

9 of 13
कसारी मसारी कब्रिस्तान में अबान अहमद को दफनाने के दौरान नमाज पढ़ी गई। - फोटो : अमर उजाला
अतीक, उसके भाई अशरफ और बेटे असद की कब्र के पास ही अबान को दफनाया गया। अबान के सुपुर्द-ए-खाक के दौरान उसकी मां शाइस्ता परवीन के बेटे का अंतिम दीदार करने को लेकर खूब चर्चा रही। 

10 of 13
कसारी मसारी कब्रिस्तान में अबान अहमद का शव एंबुलेंस से पहुंचा - फोटो : अमर उजाला
शाम चार बजे से ही बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान पहुंच गए। उमर और अली के पहुंचने के बाद जैसे ही अहजम पहुंचा भीड़ पुलिस और सुरक्षाकर्मियों का घेरा तोड़कर अंदर घुसने लगी।

11 of 13
अबान अहमद के सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने कब्रिस्तान पहुंचे एआइएमआइएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकतon death - फोटो : अमर उजाला
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ना पड़ा। कई लोग चप्पल छोड़कर भागते नजर आए। कुछ देर बाद पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया। कसारी-मसारी कब्रिस्तान के अलावा आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पूरे इलाके में 800 पुलिसकर्मी तैनात रहे। 

 

12 of 13
अबान अहमद के जनाजे में शामिल भाई उमर, अली और अहजम। - फोटो : अमर उजाला।
मस्जिद के पास उठा जनाजा गले मिले उमर-अली
कसारी-मसारी कब्रिस्तान स्थित मस्जिद के पास प्रिजर्व वैन से नीचे उतरते ही उमर और अली एक-दूसरे से गले मिले। इसके बाद अहजम के साथ नमाज अदा की गई। नमाज के बाद अबान का जनाजा उठाया गया। फिर तीनों भाइयों ने शव को कंधा दिया। भीड़ के कारण पुलिस को घेरा बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

 
विज्ञापन

13 of 13
अबान के जनाजे हिस्सा लेने के लिए उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
बंदी वाहन से पहुंचे उमर और अली
उमर और अली जिस बंदी वाहन में सवार थे, उसके आगे-पीछे पुलिस की करीब 15 गाड़ियां चल रही थीं। सबसे पहले उमर कब्रिस्तान पहुंचा फिर अली। दोनों की सुरक्षा के लिए करीब 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बाद अहजम आया। फिर एंबुलेंस से अबान का शव कब्रिस्तान लाया गया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें