सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा की गई जांच और उसकी संस्तुतियों की रिपोर्ट न्यायालय में पेश की गई। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में डीजीपी यूपी पुलिस से कहा है कि वह घटना की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन पुलिस और पीएसी के जवानों की पहचान करें जो अनावश्यक लाठीचार्ज में शामिल थे। उनके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत उपयुक्त कार्रवाई की जाए।
आयोग ने घटना में घायल हुए छह छात्रों को मानवीय आधार पर मुआवजा देने का मुख्य सचिव को निर्देश दिया है । आयोग ने डीजीपी से कहा है कि इस प्रकार की परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ तथा आरएएफ जैसी फोर्स को जागरूक किया जाए। उनको ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। इन सुरक्षाबलों को और अधिक प्रोफेशनल बनाया जाए ताकि वह ऐसी घटनाओं के समय आम नागरिकों के मानवाधिकार का सम्मान कर सके।