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Shabnam Case: शबनम का प्रेमी सलीम जेल में सिर्फ इस शख्स से करता है मुलाकात, परिजनों को भी भुला दिया

Sat, 06 Mar 2021 09:16 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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shabnam case - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के बावनखेड़ी नरसंहार का आरोपी सलीम इन दिनों प्रयागराज की नैनी जेल में बंद है। वह इन दिनों सिर्फ एक शख्स से मुलाकात करता है। उसके अलावा किसी से भी नहीं मिलता। वहीं, सलीम हिंदी साहित्य की किताबें पढ़कर समय काट रहा है। जेल के अंदर वह फर्नीचर बनाने का भी काम रहा है। वह बढ़ई का काम बहुत बढ़िया कर रहा है। सलीम ने यहां पर बहुत शानदार फर्नीचर बनाए हैं। 
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shabnam case - फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज की नैनी जेल में हिंदी साहित्य की किताबें पढ़कर समय काट रहा है। जेल में वह बड़े साहित्यकारों की ज्यादातर किताबें पढ़ चुका है। उसे धार्मिक ग्रंथ कुरान भी उपलब्ध कराई गई है। सलीम और उसकी प्रेमिका शबनम को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। सलीम ने प्रेमिका के साथ मिलकर उसके परिवार के सात लोगों को निर्ममता से मौत के घाट उतारा था। 

 
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शबनम की वायरल फोटो - फोटो : अमर उजाला
नैनी जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट किए जाने के बाद सलीम का किताबों के प्रति झुकाव बढ़ा है और वह समय काटने केलिए किताबें पढ़ रहा है। उसकी मांग पर उसे पुस्तकालय में मौजूद किताबें उपलब्ध करा दी जाती हैं। प्रभारी डीआईजी जेल प्रेम नाथ पांडेय ने बताया जेल के पुस्तकालय में मुंशी प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, रामधारी सिंह दिनकर, जयशंकर प्रसाद सहित अन्य रचनाकारों की लगभग छह हजार कृतियां हैं। जेल मैनुअल के अनुसार पुस्तकालय में उपलब्ध किताबें बंदियों की मांग के अनुसार उन्हें दी जाती है।
 

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शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
जेल अधीक्षक पर लिखी थी शायरी
सलीम ने पूर्व में वरिष्ठ जेल अधीक्षक हरिबक्श सिंह को लेकर चार दर्जन से अधिक शायरी लिखीं। जिसको प्रकाशित कराने के लिए उसने अनुरोध भी किया था। वह अक्सर अपनी शायरी जेल अधिकारियों को पढ़ने के लिए भेजता रहता है।
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दोषी शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
परिजन से नहीं अपने वकील से करता है बात
परिजनों द्वारा मुंहमोड़ लेने के बाद सलीम भी उन्हें भूल चुका है। वह अब केवल अपने वकील से ही बात किया करता है। पिछले दो साल से उसकी कोई मुलाकात नहीं हुई है। नैनी जेल आने के बाद उसके पिता उससे मिलने आया करते थे, जिन्होंने बाद में आना बंद कर दिया।
 
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अमरोहा कांड के बाद की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
14/15 अप्रैल 2008 की रात अमरोहा जनपद के हसनपुर थानाक्षेत्र के गांव बावनखेड़ी में प्रेमी सलीम के साथ मिलकर मास्टर शौकत अली की बेटी शबनम ने अपने ही परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी थी। हत्या का शिकार होने वालों में शबनम के पिता शौकत अली, मां हाशमी, भाई अनीस और राशिद, भाभी अंजुम, फुफेरी बहन राबिया थे, जिनके गले कुल्हाड़ी से काटे गए थे, जबकि शबनम के मासूम भतीजे अर्श की गला दबाकर हत्या की गई थी। दरअसल, शबनम और सलीम एक दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन शबनम के परिवार को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। शबनम ने दो विषयों में मास्टर डिग्री ले रखी थी। वो एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी।
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