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इलाहाबाद विविः कॉलेजों में नहीं चलीं कक्षाएं, पर हुईं परीक्षाएं

Sat, 04 Jan 2020 01:32 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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cmp college - फोटो : प्रयागराज
प्रो. आरएल हांगलू के समर्थन उतरे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालयों के शिक्षकों का कार्य बहिष्कार शुक्रवार को भी जारी रहा। इससे कॉलेजों में कक्षाएं नहीं चलीं लेकिन परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की गईं। शिक्षकों ने सांसद केशरी देवी पटेल और सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी को प्रो. हांगलू के समर्थन में ज्ञापन भी सौंपा।

सांसद केशरी देवी पटेल को ज्ञापन देते हुए ऑक्ट अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि पहली बार ऐसा कुलपति आया जिसने महाविद्यालयों के शिक्षकों का दर्द समझा और इसके लिए ठोस कदम उठाए। महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री और राष्ट्रपति को कुलपति द्वारा किए गए कार्यों की वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाए। सांसद ने आश्वासन दिया कि इस संदर्भ में वह मानव संसाधन विकास मंत्री से बात करेंगी।

 इसके बाद शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी से मिलने उनके आवास पहुंचा लेकिन वह लखनऊ जा चुकीं थीं। शिक्षकों ने उनके आवास पर ज्ञापन सौंपा। हालांकि ज्ञापन देने के बाद ही खबर आ गई कि राष्ट्रपति ने कुलपति का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इससे शिक्षकों ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो. हांगलू के जाने से इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालय कई वर्षों तक पीछे चले जाएंगे।
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cmp college - फोटो : प्रयागराज
आज वापस हो सकता है कार्य बहिष्कार
ऑक्टा के आह्वान पर महाविद्यालयों में शिक्षकों का कार्य बहिष्कार शनिवार को वापस हो सकता है। नए घटनाक्रम पर विचार के लिए चार जनवरी को सुबह 11 बजे सीएमपी डिग्री कॉलेज में ऑक्टा कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें कार्य बहिष्कार वापस लिए जाने पर निर्णय हो सकता है। ऑक्टा ने बृहस्पतिवार को ही राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कुलपति का इस्तीफा मंजूर न करने की मांग की थी लेकिन अगले ही दिन उनका इस्तीफा मंजूर हो गया। 

शिक्षकों के कार्य बहिष्कार की मंत्रालय से शिकायत
इविवि के संघटक कॉलेजों में शिक्षकों के कार्य बहिष्कार के कारण कक्षाएं ठप होने की शिकायत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से की गई है। यह शिकायक पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं सपा नेता ऋचा सिंह एवं पूर्व उपाध्यक्ष एवं एबीवीपी के कार्यकर्ता विक्रांत सिंह ने की है।
मंत्रालय को लिखे अलग-अलग पत्रों में कहा गया है कि कॉलेजों में परीक्षाएं निकट हैं और कक्षाएं ठप चल रही है, जिससे विद्यार्थियों का नुकसान हो रहा है। यह आरोप भी लगाया है कि ऑक्टा अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह एवं महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह शिक्षकों को डरा धमकाकर कक्षाएं न लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इससे महाविद्यालयों में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मांग की गई कि कार्य बहिष्कार करने वाले शिक्षकों का वेतन काटा जाए। उधर, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे, सतीश चंद्र अग्रवाल, कृष्णमूर्ति यादव, केके राय ने भी बैठक कर इस बात की निंदा की कि कुछ शिक्षकों द्वारा कक्षाओं को ठप करके अराजकता की स्थिति उत्पन्न कर दी गई है।
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cmp college - फोटो : प्रयागराज
मार्च निकालने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग
इलाहाबाद विश्वविद्यालय संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से एसएसपी को ज्ञापन देकर कुलपति के समर्थन में मार्च निकालने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। समिति के लोगों का कहना है कि जिले में धारा 144 लागू है। ऐसे में सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने मार्च निकालकर धारा 144 का उल्लंघन किया है।

पीआरओ का इस्तीफा भी नामंजूर
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. चितरंजन कुमार सिंह का इस्तीफा भी नामंजूर कर दिया गया है। डॉ. चितरंजन ने दो जनवरी को अपने पद से इस्तीफ दे दिया था लेकिन शुक्रवार को कार्यवाहक कुलपति ने उनका इस्तीफा नामंजूर करते हुए उन्हें पूर्व की भांति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का अनुरोध किया है।
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allahabad university - फोटो : प्रयागराज
मंत्रालय को पत्र भेजकर हांगलू पर नजर रखने की मांग
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भेजकर आशंका जताई है कि खुद को जांच में फंसते देख प्रो. रतन लाल हांगलू विदेश का रुक कर सकते हैं। रोहित ने मांग की है कि प्रो. हांगलू पर नजर रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जांच पूरी होने तक वह विदेश न जाएं।

विचार तक ही सीमित रह गया महासंघ का गठन
कुलपति के इस्तीफे से पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) और कॉलेजों के शिक्षकों के संगठन ऑक्टा को मिलाकर महासंघ बनाने पर विचार किया गया था। इसके लिए दोनों संगठनों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक भी हुई थी लेकिन हांगलू के इस्तीफा देने के बाद दोनों संगठनों की राहें अलग-अलग हो गईं। ऑक्टा ने कुलपति के समर्थन में कार्य बहिष्कार कर दिया तो ऑटा ने इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ऐसे में दोनों संगठनों को मिलाकर महासंघ का गठन भी विचार तक सीमित रह गया।

प्रो. हागंलू मामले में सीबीआई जांच की मांग
प्रो. हांगलू के मामले में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलाय ने तीन सदस्यी जांच कमेटी का गठन कर दिया है लेकिन तमाम लोग इस जांच से भी संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने सीबीआई जांच की मांग भी की है। स्वदेशी जागरण मंच के डॉ. सुरेश नागर चौधरी और इविवि में शारीरिक शिक्षा के विभागाध्यक्ष प्रो. डीसी लाल ने हांगलू पर तमाम तरह की अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। प्रो. डीसी लाल का आरोप है कि प्रो. हांगलू ने विश्वविद्यालय और संघटक महाविद्यालयों में पठन-पाठन एवं नियुक्तियों संबंधित स्थापित मापदंडों को दरकिनार करते हुए नौकरियों की बंदरबांट की।
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