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कोटक महिंद्रा बैंक में 9.46 करोड़ के गबन का मामलाः आरोपी अफसर डेढ़ साल से कर रहा था रुपयों की हेराफेरी

Tue, 07 Apr 2020 10:35 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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कोटक महिंद्रा बैंक
सिविल लाइंस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में 9.46 करोड़ के गबन मामले में पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पता चला है कि आरोपी अफसर पिछले डेढ़ साल से रुपयों की हेराफेरी में लगा था। यही नहीं उसने ब्याज पर चलाने के साथ ही गबन की गई रकम का बड़ा हिस्सा निवेश भी किया था। 

सिविल लाइंस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में 9.46 करोड़ रुपये गबन मामले में एक दिन पहले सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। शाखा प्रबंधक अमित मालवीय ने रुपये गबन करने का आरोप लगाते हुए बैंक में एसडीओ के पद पर तैनात अंशुमान दुबे पर रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामला करोड़ों रुपयों के गबन का था, ऐसे में पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज करने के साथ ही जांच पड़ताल शुरू की। तब पता चला कि आरोपी अफसर पिछले डेढ़ साल से रुपयों की हेराफेरी में लगा था। शाखा प्रबंधक ने पुलिस को बताया कि मामले की जानकारी के बाद विभागीय जांच में उसने यह बात बताई।
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आईटी का छापा - फोटो : अमर उजाला
यही नहीं यह भी बताया कि उसने कुछ लोगों को ब्याज पर बांटने के साथ ही रकम का एक हिस्सा अपने व अपने परिजनों के नाम से भी निवेश किया था। यही नहीं उसने उन लोगों के नाम भी बताए, जिनको ब्याज पर रकम दी थी। उधर मंगलवार को मामले की जांच पड़ताल करने सिविल लाइंस पुलिस की एक टीम बैंक भी पहुंची। सूत्रों की मानें तो बैंक अफसरों से जानकारी लेने के साथ ही पुलिस ने मामले से जुड़े कई दस्तावेज भी कब्जे में लिए।

उधर सूत्रों की मानें तो हिरासत में लिए गए मीरापुर निवासी आरोपी अफसर अंशुमान से मंगलवार को भी पूछताछ जारी रही। हालांकि पुलिस हिरासत में लिए जाने की बात से इंकार करती रही। इंस्पेक्टर का कहना है कि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। जांच पड़ताल की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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कैग की रिपोर्ट ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर पहले भी सवाल उठाए हैं। - फोटो : demo pic

मुख्यालय से मेल आने के बाद खुला मामला

कोटक महिंद्रा बैंक में करोड़ों के गबन का मामला मुख्य शाखा से चार अप्रैल को आए एक मेल के बाद खुला। दरअसल बैंक की सीआरयू टीम ने मेल कर स्थानीय अफसरों को जानकारी दी थी कि बीओबी खुल्दाबाद स्थित बैंक के करेंसी चेस्ट खाते में जमा रकम का मिलान नहीं हो पा रहा है। विभागीय जांच में पता चला कि बैंक के बीओबी खुल्दाबाद शाखा स्थित करेंसी चेस्ट खाते में रकम डालने खुद अंशुमान जाता था। उधर शाखा मैनेजर ने तहरीर देकर पुलिस को बताया है कि विभागीय जांच के दौरान आरोपी ने करेंसी चेस्ट शाखा में रुपये जमा करने से पहले ही वह कुछ रुपये निकाल लेता था। 
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