सिविल लाइंस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में 9.46 करोड़ के गबन मामले में पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पता चला है कि आरोपी अफसर पिछले डेढ़ साल से रुपयों की हेराफेरी में लगा था। यही नहीं उसने ब्याज पर चलाने के साथ ही गबन की गई रकम का बड़ा हिस्सा निवेश भी किया था।
सिविल लाइंस स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में 9.46 करोड़ रुपये गबन मामले में एक दिन पहले सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। शाखा प्रबंधक अमित मालवीय ने रुपये गबन करने का आरोप लगाते हुए बैंक में एसडीओ के पद पर तैनात अंशुमान दुबे पर रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामला करोड़ों रुपयों के गबन का था, ऐसे में पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज करने के साथ ही जांच पड़ताल शुरू की। तब पता चला कि आरोपी अफसर पिछले डेढ़ साल से रुपयों की हेराफेरी में लगा था। शाखा प्रबंधक ने पुलिस को बताया कि मामले की जानकारी के बाद विभागीय जांच में उसने यह बात बताई।