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UP: भाजपा नेता को टाइगर ग्रुप के सरदार ने इसलिए मारा, इस चाहत में प्रापर्टी डीलर के पार्टनर ने भी दिया साथ

Wed, 06 Aug 2025 02:59 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ में सांसद के करीबी प्रापर्टी डीलर सोनू चौधरी की हत्या का खुलासा हो गया है। टाइगर ग्रुप के सरदार ने डॉन बनने की चाहत में सोनू की हत्या साजिश रची थी। सोनू चौधरी दिसंबर में जेल से छूटे टाइगर ग्रुप सरगना हेमू की दबंगई और प्रापर्टी कारोबार में आड़े आने लगा था।
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aligarh murder - फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ में सांसद के करीबी प्रापर्टी डीलर सोनू चौधरी की हत्या की साजिश में अभी काफी परतें खुलना बाकी हैं। मगर अब तक का खुलासा बताता है कि इस हत्या के दो बड़े मकसद रहे। पहला लंबे समय से रिक्त पड़ी रामघाट रोड की जरायम बादशाहत पर कब्जे का सपना। डॉन बनने की चाहत का ये सपना सोनू के गांव के ही अपराधी टाइगर ग्रुप सरगना हेमू ने देखा। जिसे पूरा करने में सोनू के पार्टनर दिनेश ने मदद की। दोनों ने मिलकर राजनीतिक-आर्थिक रूप से समृद्ध व दबंग छवि के प्रापर्टी डीलर सोनू को रास्ते से हटा दिया।
 
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aligarh murder - फोटो : अमर उजाला
जेल से छूटने पर हुआ था हेमू का स्वागत
पुलिस रिकार्ड में कोंडरा गांव के ही हेमू पर अब तक छोटी-मोटी फायरिंग व दबंगई के अपराध दर्ज हैं। वह पिछले वर्ष तालानगरी के एक कारोबारी पर प्रापर्टी विवाद में फायरिंग के अपराध में जेल गया था। दिसंबर माह में छूटकर आया। तब उसका जेल से लेकर गांव तक स्वागत हुआ। 
 
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aligarh murder - फोटो : अमर उजाला
बाइकों पर युवाओं की भीड़ जबरदस्त रौले के साथ उसे लेकर आई। तालानगरी चौकी के सामने से होकर उसका गिरोह गुजरा। सोशल मीडिया पर वीडियो तक वायरल हुए। मगर उस समय चौकी पुलिस या अन्य किसी ने उसकी सक्रियता या गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया।
 

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अलीगढ़ में भाजपा नेता की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिर उठाने लगा टाइगर ग्रुप
इसके बाद आए दिन टाइगर ग्रुप की दबंगई सामने आने लगी। चूंकि हेमू जेल में रहकर कुछ बड़े अपराधियों के संपर्क में आ गया था। इसलिए उसने बाहर आकर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया, जिसे टाइगर ग्रुप नाम दिया गया। उसमें पीएसी से लेकर हरदुआगंज तक के गांवों व क्षेत्र के 100 से अधिक दबंग व आपराधिक छवि के युवा जोड़े।
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अलीगढ़ में भाजपा नेता की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उस ग्रुप का मकसद था कि किसी साथी का कहीं कोई झगड़ा या विवाद होता है तो बस ग्रुप में सूचना डाल दो। पुलिस की यूपी-112 की तर्ज पर दस से पंद्रह मिनट में हमारी टीम वहां पहुंचेगी। अपने साथी की मदद में विपक्षी संग मारपीट व फायरिंग कर निकल जाएगी। 

 
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अलीगढ़ में भाजपा नेता की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस ग्रुप ने तब से अब तक आधा दर्जन करीब घटनाओं को अंजाम दिया। जिनमें काफी पुलिस रिकार्ड में नहीं रहीं। अंदरखाने की खबर यह भी कि उस समय तालानगरी चौकी पर हेमू का काफी आना जाना था। इसलिए सब चलता रहा।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रापर्टी व्यापार में आड़े आया सोनू तो रची साजिश
प्रापर्टी डीलर सोनू हत्याकांड के बाद इस खुलासे में लगी पुलिस की टीमों को सोनू, हेमू व दिनेश के विषय में काफी कुछ जानकारियां मिलीं। इन्हीं जानकारियों में अहम तथ्य यह था कि सोनू आर्थिक व राजनीतिक रूप से काफी सक्षम था ही। साथ में उसका रामघाट रोड पर पीएसी से हरदुआगंज से आगे तक के प्रापर्टी व्यापार में खासा दखल था। 
 

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शैलेंद्र सिंह उर्फ सोनू चौधरी की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच जेल से आने के बाद टाइगर ग्रुप सरगना हेमू ने खुद को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए दबंगई के दम पर प्रापर्टी व्यापार में हाथ पांव मारना शुरू किया। कुछ जगह वह सफल भी हुआ। मगर गांव की एक जमीन को लेकर सोनू उसके आड़े आया। हेमू को पता चला कि जिस जमीन पर वह प्लाटिंग करना चाहता था, उसका सौदा सोनू ने कर लिया है। 
 

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गोली लगने से कार के शीशे में हुए छेद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिसे लेकर सोनू-हेमू में कुछ मनमुटाव हुआ था। बाद में दोनों में घर पर बातचीत भी हुई थी। तभी सोनू के पार्टनर दिनेश पर हेमू ने हाथ रख दिया। दिनेश व सोनू में भी प्रापर्टी व सरिया के व्यापार में वर्चस्व को लेकर अंदरखाने कुछ मनमुटाव चल रहे थे। बस यहीं से हेमू व दिनेश ने सोनू की हत्या की साजिश बना ली।

 

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मौके पर जांच के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या के लिए हेमू ने हायर किए शूटर
चार माह पहले हेमू व दिनेश में हुई मंत्रणा के बाद हेमू ने शूटरों का इंतजाम किया। दिनेश ने करीब ढाई लाख रुपया देना तय किया। हेमू ने अपने साथी तालसपुर के शिवा व जेल में दोस्त बने राया मथुरा के गांव गजो के अपराधी संजू को इस हत्या के लिए राजी किया। संजू को रॉयल होम कालोनी में कमरा किराये पर दिलाया। 
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गोली लगने से कार के शीशे में हुए छेद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद संजू ने घूमकर पूरे इलाके के रास्ते व सीसीटीवी देखे। एक जगह रास्ते पर सीसीटीवी लगा था। उसे भी संजू ने गायब किया था। इस बीच इलाके के ही एक अन्य शूटर को भी शामिल किया गया था। मगर उसने ऐन वक्त पर हत्या में शामिल होने से इंकार कर दिया। बाद में शिव व संजू ने ही इस घटना को अंजाम दिया।
 
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