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UP: धर्मांतरण गिरोह के संपर्क में थीं नीट और इंजीनियरिंग की छात्राएं... ब्रेनवास करता था रहमान; ऐसे हुई पहचान

Mon, 28 Jul 2025 03:37 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ की नीट और इंजीनियरिंग की छात्राएं धर्मांतरण गिरोह के संपर्क में थीं। आगरा पुलिस ने पूछताछ में जानकारियां निकलवाई हैं। युवती से गिरोह के खिलाफ बयान कराने के प्रयास हैं। छात्राओं को ट्यूटर के जरिये अब्दुल रहमान से पहचान हुई। फिर वह ऑनलाइन संपर्क में रहता था।
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धर्मांतरण गिरोह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा धर्मांतरण गिरोह का सरगना अब्दुल रहमान अलीगढ़ में एएमयू की उन पूर्व छात्राओं का ब्रेनवास करता था, जो किसी न किसी माध्यम से उसके गिरोह के गुर्गों के संपर्क में थीं। यह तथ्य नीट की तैयारी के समय इस गिरोह के संपर्क में आई एएमयू की पूर्व छात्रा से पूछताछ में उजागर हुआ है। अब पुलिस इस युवती के जरिये इस गिरोह से जुड़ीं अन्य युवतियों का ब्यौरा जुटाने को प्रयासरत है। एजेंसियों को अभी तक जो पता चला है उसके मुताबिक नीट के साथ ही कई इंजीनियरिंग की छात्राएं भी इस गिरोह के संपर्क में थीं।

 
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धर्मांतरण गिरोह का सदस्य रहमान कुरैशी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मांतरण गिरोह पर काम कर रही आगरा पुलिस की जांच में उजागर हुआ है कि अब्दुल रहमान गिरोह ने यूपी के मुस्लिम आबादी वाले सभी शहरों के साथ-साथ देश के कई राज्यों में अपना नेटवर्क बना रखा था। जिनमें अलीगढ़ भी शामिल था। चूंकि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में तमाम हिंदू युवतियां पढ़ती हैं। वे किसी न किसी माध्यम से उसके गिरोह के गुर्गों के संपर्क में आ ही जाती थीं। इसी जरिये उसके द्वारा इन युवतियों के ब्रेनवास के संकेत मिले हैं।
 
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अवैध धर्मांतरण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोविड काल में यह युवती आई थी संपर्क में
अब तक अलीगढ़ की एक युवती आगरा पुलिस के संपर्क में आई है। जो इस गिरोह के चंगुल में फंसी थी। उसके साथ एक युवती बरेली की व दूसरी उड़ीसा की रहने वाली भी इस गिरोह से जुड़ी पाई गई हैं। शहर की इस युवती को शनिवार को आगरा बुलाकर हुई पूछताछ में उसने बताया कि 12वीं करने के बाद कोविड में नीट की तैयारी के समय वह अपने ट्यूटर के जरिये इस गिरोह के चंगुल में आई।

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अवैध धर्मांतरण गिरोह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खुद व सहेलियों का चाहती थी धर्मांतरण कराना
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में उसने स्वीकारा कि इस गिरोह के संपर्क में आकर कलमा पढ़ने के बाद वह खुद धर्मांतरण करना चाहती थी। साथ में अपने परिवार, अपनी सहेलियों तक को इसके लिए उकसाती थी। ट्यूटर की शादी होने के बाद वह सीधे अब्दुल रहमान और आयशा के संपर्क में थी। युवती ने बताया ऑनलाइन बातचीत के समय वह उसे व उसके साथ पढ़ने वाली अन्य सहेलियों को भी इसी तरह धर्मांतरण के लिए समझाता था। इसके फायदे गिनाता था। कुल मिलाकर युवती का इस कदर ब्रेनवास किया गया कि वह खुद अपने घर में व सहेलियों को इसके फायदे गिनाने लगी थी।
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धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्यूटर बताएगा कितनी युवतियां गिरोह से जोड़ीं
आगरा पुलिस इस युवती के उस ट्यूटर को भी तलाश रही है, जिसने कलमा पढ़वाया था। बाद में उसी के माध्यम से युवती इस गिरोह के सरगना के संपर्क में आ गई। उसके जरिये यह स्पष्ट होगा कि कितनी युवतियों को उसने इस गिरोह से जोड़ा था। उसके विषय में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
 
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धर्मांतरण गिरोह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टीम का अलीगढ़ में डेरा, तलाशा जा रहा नेटवर्क
इस गिरोह पर काम कर रही आगरा पुलिस की टीम व एजेंसी से जुड़े लोगों का अलीगढ़ में डेरा लगा हुआ है। चूंकि अलीगढ़ की 9 युवतियां इस वर्ष में गायब हैं। साथ में अब तक एएमयू की एक पूर्व छात्रा इस गिरोह से जुड़ी पाई गई है। इसी कड़ी के आधार पर आगे भी कुछ निकालने का प्रयास टीम कर रही है।
 
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आगरा धर्मांतरण कांड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले भी पूर्व छात्राओं के धर्मांतरण हुए हैं उजागर
अलीगढ़ में एएमयू की पूर्व छात्रा के धर्मांतरण का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर में युवतियों द्वारा एएमयू में पढ़ाई के समय मर्जी से धर्म परिवर्तन कर दूसरे धर्म के युवक से शादी के मामले हुए हैं। उनमें एक प्रकरण शहर के क्वार्सी के स्वर्ण जयंती नगर व दूसरा पुराने शहर के रेलवे रोड इलाके से जुड़ा है। टीमें उन प्रकरणों को भी खंगालने का प्रयास करेंगी। कहीं ये उसी गिरोह से प्रेरित तो नहीं।
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धर्मांतरण गिरोह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगढ़ की पूर्व एएमयू छात्रा युवती इस गिरोह के संपर्क मेें ट्यूटर के जरिये आई थी। उसने खुद यह स्वीकारा है। अब्दुल रहमान ने भी उसका ऑनलाइन ब्रेनवास किया। अभी उसे समझाकर अपने घर भेजा है। अगर वह बयान देने को राजी हुई तो बयान कराए जाएंगे। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है उसके साथ की कितनी अन्य युवतियां इस गिरोह के संपर्क में आईं। उसके संपर्कों के जरिये अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।-दीपक कुमार, कमिश्रर आगरा कमिश्ररेट
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