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UP: पूजा शकुन का महामंडलेश्वर पद खत्म, अखाड़े से भी निष्कासित; पहले गांधी के पुतले को गोली मारकर गई थी जेल

Sat, 04 Oct 2025 07:06 PM IST
विकास कुमार अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ पुलिस ने पूजा शकुन के खिलाफ अदालत से एनवीडब्ल्यू भी प्राप्त कर लिए हैं। अगर पूजा शकुन जल्द हाजिर या पकड़ी नहीं गई तो पुलिस संपत्ति कुर्की की दिशा में कदम उठाएगी। 
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Abhishek Gupta murder - फोटो : अमर उजाला
महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती को निरंजनी अखाड़े व महामंडलेश्वर पद से से किया गया निष्कासित। इस संबंध में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पूरी जी महाराज ने अमर उजाला को दिए बयान में कहा कि पूजा शकुन की योग्यता व धार्मिक कार्यों में रुचि को देखते हुए निरंजनी अखाड़े में सदस्यता के साथ साथ यह गरिमामयी पद दिया गया था। मगर उनके कृत्यों से निरंजनी अखाड़ा व अखाड़ा परिषद बेहद आहत हुआ है। इसी के चलते उन्हें निरंजनी अखाड़ा व महामंडलेश्वर के पद से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है। 
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पूजा शकुन (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब कृत्य क्षमा योग्य नहीं
हालांकि उन्हें अखाड़ा शामिल कराने से पहले पारिवारिक तथ्यों पर भी जानकारी जुटाई गई थी। पूर्व में भी गांधी के पुतले को गोली मारने में जेल गई थी। तब इस तरफ राजनीतिक कारणों से ध्यान नहीं दिया गया था। मगर अब कृत्य क्षमा योग्य नहीं है।
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महात्मा गांधी के पुतले को गोली मारती पूजा शकुन पांडेय - फोटो : फाइल फोटो
पूजा शकुन के खिलाफ अदालत से एनवीडब्ल्यू प्राप्त
इधर, अलीगढ़ पुलिस ने पूजा शकुन के खिलाफ अदालत से एनवीडब्ल्यू भी प्राप्त कर लिए हैं। अगर पूजा शकुन जल्द हाजिर या पकड़ी नहीं गई तो पुलिस संपत्ति कुर्की की दिशा में कदम उठाएगी। बता दें कि पूजा शकुन अभिषेक गुप्ता हत्याकांड में साजिश की आरोपी है व जिला पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

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abhishek gupta aligarh - फोटो : अमर उजाला

 20 साल पहले मिट्टी का तेल डाल कॉलेज की छत पर चढ़ी थी पूजा
अलीगढ़ में बाइक शोरूम संचालक अभिषेक की हत्या में आरोपी पूजा शकुन पांडेय उर्फ महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती का छात्र जीवन से ही विवादों से नाता रहा है। वर्ष 2005 में उसके पिता आरआर आजाद जेवी जैन कॉलेज में प्राचार्य थे और उन्हें निलंबित कर दिया गया था, जिसके विरोध में वह कॉलेज की छत पर चढ़ गई थी और खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। पांच घंटे तक कॉलेज में बखेड़ा चला था।

यह घटना सहरानपुर में 20 फरवरी 2005 को हुई थी। उस समय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दबाव में कॉलेज की प्रबंध समिति ने पिता का निलंबन वापस ले लिया था, तब जाकर पूजा कॉलेज की छत से उतरी थी। 

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अभिषेक गुप्ता के साथ पूजा शकुन (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां-बाप, भाई और नौकर के साथ हुई थी गिरफ्तार
उसके बाद समर्थकों के साथ आरआर आजाद कॉलेज के प्राचार्य कक्ष पर पहुंचे और ताला तोड़कर प्राचार्य की कुर्सी कब्जा ली थी। देर शाम समर्थकों की भीड़ छंटने के बाद पुलिस ने पूजा को आत्मदाह की कोशिश करने और उसे आत्मदाह करने के लिए उकसाने में पिता आरआर आजाद, मां शकुंतला, भाई विवेक व नौकर हरीसिंह को गिरफ्तार कर लिया था।
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परिवार के साथ पूजा शकुन (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दी थी तीन लाख की सुपारी
पूजा शकुन पांडेय और उनके पति अशोक पांडेय ने बाइक शोरूम स्वामी अभिषेक को मारने के लिए तीन लाख की सुपारी दी थी। गिरफ्तार किए गए शूटर ने पुलिस को पूछताछ में यह बात बताई। खैर के बाइक शोरूम स्वामी अभिषेक गुप्ता की 26 सितंबर की रात को हत्या हुई थी। इसमें परिजनों ने अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय, उसके पति राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडेय व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने अशोक पांडेय को 28 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी और पूजा शकुन की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रैकी के बाद दिया हत्याकांड को अंजाम
अभिषेक का शोरूम के पास ही कमरा भी था। अभिषेक रोजाना अपने पिता व चचेरे भाई के साथ द टाउन पैलेस होटल पर खाना खाने आते थे। किसी कारणवश वह उस दिन खाना खाने नहीं गए। उन्होंने तय कर रखा था कि अभिषेक के बाहर निकलने पर उनकी हत्या करनी है, लेकिन मौका नहीं लगा। काफी देर तक वह गोलगप्पे की ढकेल पर खड़े होकर इंतजार करते रहे। शाम को अभिषेक अपने पिताजी व चचेरे भाई के साथ रोडवेज बस में बैठकर खेरेश्वर चौराहे की तरफ चले तो उन्होंने रोडवेज बस का पीछा शुरू कर दिया। खेरेश्वर चौराहे पर पहुंचकर अभिषेक गुप्ता अपने पिता व चचेरे भाई के साथ जैसे ही बस से उतरकर पैदल पैदल आकर सिकंदराराऊ की ओर जाने वाली बस में चढ़ रहे थे, तभी मौका देख आसिफ ने तमंचे से गोली चला दी और घटना को अंजाम देकर मौके से भाग गए।
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