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यूपी में मासूम छात्र का कत्ल: झूठ पर झूठ बोलता रहा प्रबंधक, दो घंटे तक नहीं बताया... कृतार्थ कहां और कैसा है?

Tue, 24 Sep 2024 02:35 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
हाथरस में कक्षा दो के छात्र की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। स्कूल प्रबंधक दो घंटे तक झूठ पर झूठ बोलता रहा। कृतार्थ के पिता अपने बच्चे के लिए बदहवास होकर दौड़ते रहे मगर प्रबंधक ने उन्हें यह नहीं बताया कि कृतार्थ कहां और कैसा है। सुबह फोन पर कहा था कि उनके बेटे की मामूली तबीयत खराब हो गई है, स्कूल आ जाइए, जबकि बच्चे की मौत हो चुकी थी।

कृतार्थ के पिता श्रीकृष्ण को स्कूल प्रबंधक ने सुबह ठीक 5:15 बजे फोन करके बताया कि उनके बेटे की तबीयत खराब है। पिता श्रीकृष्ण भी इकलौते बच्चे की तबीयत खराब होने की जानकारी पाते ही घर से निकल गए, लेकिन जब स्कूल पहुंचे तो वहां कृतार्थ नहीं था। उन्होंने स्कूल प्रबंधक दिनेश बघेल को फोन किया।
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
दिनेश ने बताया कि वह सादाबाद आ गए हैं। श्रीकृष्ण सादाबाद पहुंचे तो प्रबंधक बोला कि वह आगरा जा रहे हैं और खंदौली तक आ गए हैं। अब श्रीकृष्ण को शक हुआ तो उन्होंने थोड़ी देर बाद फिर फोन किया। तब दिनेश ने बताया कि वह वापस लौट रहे हैं। 

 
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
लिहाजा श्रीकृष्ण सादाबाद में खड़े हो गए। जब यहां प्रबंधक गाड़ी लेकर पहुंचा तो उसे घेर लिया। जब देखा तो कार में कृतार्थ का शव पड़ा था। पिता ने बताया कि आगरा टेढ़ी बगिया तक हमें प्रबंधक चकमा देता रहा। हम गाड़ी भागते रहे। 

 

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
अपनी गाड़ी में मेरे बच्चे का बैग रख लिया था। जब बच्चा बीमार था, तो बैग ले जाने का क्या मतलब था? मृतक के पिता ने बताया कि यह लोग मेरे बच्चे के शव को ठिकाना लगाने जा रहे थे। जब बच्चा बीमार था, तो उसका बैग क्यों लेकर जाएगा? 
 
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
आरोप लगाया कि जब गाड़ी से प्रबधंक निकला तो शराब के नशे में था। गाड़ी से निकलते ही बोला कि मुझसे कि गलती हो गई, मुझे माफ कर दो। उन्होंने बताया कि मेरी छोटी बेटी एलकेजी में इसी स्कूल में पढ़ती है, वह रोजाना घर आती है।

 
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
रात को खुला हुआ था हॉल का दरवाजा
जिस हॉल में बच्चे रात को सो रहे थे, उसका दरवाजा भी खुला हुआ था, जबकि नीचे के तल पर बने कमरे में केयर टेकर और एक शिक्षक भी रहता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि किसी को घटना के बारे में पता तक नहीं चला। 

 
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
अभी यह भी साफ नहीं है कि हत्या के पीछे कौन है। क्या वजह है। पुलिस भी अभी तक कुछ पता नहीं कर सकी है। पुलिस को बस इतना ही पता है कि हत्या हुई है। वह भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के माध्यम से। 

 

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
यह बोले गए झूठ
सुबह पांच बजे श्रीकृष्ण को फोन कर बताया कि उनके बेटे कृतार्थ की तबीयत खराब है।
सुबह 5:15 पर श्रीकृष्ण को फोन किया गया कि जल्दी आ जाओ, कृतार्थ को अस्पताल ले जाना पड़ेगा।
सुबह 5:25 पर श्रीकृष्ण ने प्रबंधक को फोन किया कि हम स्कूल आ गए, बताया गया कि वह सादाबाद अस्पताल ले आए हैं।
सुबह 5:30 पर श्रीकृष्ण ने फोन किया कि कृतार्थ कैसा है तो बताया कि डॉक्टर देख रहे हैं।
सुबह 6:30 पर श्रीकृष्ण हाथरस पहुंचे तो प्रबंधक ने बताया कि वह आगरा जा रहे हैं।
सुबह 6: 45 पर सादाबाद में साथियों के साथ श्रीकृष्ण पहुंचे और प्रबंधक की गाड़ी को रोक लिया।

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
इंजीनियर बनाना चाहते थे पिता...मासूम का शव लेकर लौटे
मृतक कृतार्थ के पिता नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। बेटे को भी इंजीनियर बनाने का सपना था और कलेजे पर पत्थर रखकर उसे एलकेजी से ही छात्रावास में भेज दिया था। स्कूल से उनका गांव पांच किलोमीटर की दूरी पर है। बीच-बीच में वह उससे मिलने स्कूल चले जाते थे। कृतार्थ पढ़ने-लिखने में होशियार था। उन्हें नहीं पता था उनका यह सपना पूरा नहीं होगा और शिक्षा के इस मंदिर से उन्हें उसका शव लेकर जाना पड़ेगा।

 

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
न खाना सही था न व्यवस्था... स्कूल में होती थी बच्चों की पिटाई
हाथरस के डीएल पब्लिक स्कूल में पहले भी सबकुछ सही नहीं था। दबी जुबां से बच्चे यहां की व्यवस्थाओं और शिक्षकों की शिकायत परिजनों से करते रहे हैं। शिक्षक के बच्चों को पीटने की शिकायत अभिभावकों ने भी स्कूल प्रबंधन से की थी। इसके बाद कुछ शिक्षक हटाए भी गए थे।

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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
डीसी पब्लिक स्कूल में कृतार्थ और उसकी बहन को पढ़ाने के लिए श्रीकृष्ण एक लाख रुपये सालाना खर्च कर रहे थे। इसके बाद भी वहां व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं थीं। स्कूल के छात्रावास में रहकर पढ़ने वाले 24 बच्चे जब भी घर जाते थे तो स्कूल की व्यवस्थाओं का जिक्र करते थे। श्रीकृष्ण ने बताया कि कृतार्थ जब छुट्टी में घर आता तो बताता था कि वहां खाना सही नहीं मिलता था। कपड़े भी समय पर और ठीक से साफ नहीं होते थे।

 
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Hathras Murder - फोटो : अमर उजाला
छात्रों के साथ शिक्षकों के व्यवहार पर सवाल उठते रहे हैं। शिक्षकों के छोटे बच्चों को पीटने की बात भी सामने आई। अभिभावकों ने गुस्सा जताया तो उस समय शिक्षकों को हटाकर उन्हें शांत कर दिया गयाए लेकिन कृतार्थ की हत्या की घटना और उसके बाद प्रबंधन ने जिस तरह से मामले को दबाने का प्रयास किया, उससे यह साफ है कि वहां सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था।

 
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