हाथरस में सहपऊ के गांव रसगवां स्थित डीएल पब्लिक स्कूल (आवासीय) के कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कृतार्थ की हत्या रविवार की देर रात किसी समय हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यह बिल्कुल साफ कर दिया है। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि पोस्टमार्टम से ठीक 12 घंटे पहले उसका गला दबाया गया था।
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Hathras Murder
- फोटो : अमर उजाला
इस हिसाब से तो हॉस्टल में ही वारदात को अंजाम दिया गया होगा। यह अलग बात है कि सोमवार की सुबह 5 बजे पता उस वक्त चला, जब वह उठा नहीं। पहले साथ के बच्चों ने जगाया, फिर योग शिक्षक ने। जब शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो हल्ला मचा और प्रबंधक भी मौके पर पहुंच गया।
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योग शिक्षक ने पूछताछ में पुलिस को जो बताया उसके मुताबिक प्रबंधक उसे लेकर पहले सादाबाद के एक अस्पताल में गया और फिर सीधे आगरा। वहां चिकित्सकों ने कृतार्थ को मृत घोषित कर दिया, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब उसकी हत्या रविवार की रात को हो गई थी तो प्रबंधक सोमवार को उसकी लाश लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक क्यों दौड़ा।
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हाथरस मुख्यालय से महज 30 किलोमीटर दूर सहपऊ कस्बा है। यहां से आठ किमी दूर गांव रसगवां स्थित डीएल पब्लिक स्कूल में 600 बच्चे पढ़ते हैं, जबकि 24 बच्चे हॉस्टल में ही रहते हैं। यह सभी पांचवीं क्लास तक के हैं। इन सभी 24 बच्चों के रहने के लिए एक हॉल बना है, जिसमें सभी के बिस्तर लगे हैं।
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तुरसेन गांव निवासी श्रीकृष्ण का बेटा कृतार्थ (11) भी यहां पिछले तीन साल से था। वह कक्षा दो का छात्र था। दरअसल, सुबह साढ़े पांच बजे सभी बच्चों को योग कराया जाता है। लिहाजा इससे पहले बच्चे उठ जाते हैं। जब कृतार्थ नहीं जगा तो दूसरे बच्चों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह हिला तक नहीं।
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कुछ ही देर बाद योग शिक्षक लक्ष्मण भी यहां पहुंच गए। उन्होंने भी कृतार्थ को उठाने की कोशिश की मगर वह नहीं जगा। पुलिस हिरासत में योग शिक्षक ने जो बताया, उसके मुताबिक इसकी जानकारी स्कूल प्रबंधक दिनेश बघेल को दी गई। दिनेश भी यहां पहुंचे।
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उस वक्त बच्चे का शरीर एकदम ठंडा पड़ा था। वह उसे लेकर पहले सादाबाद गए और फिर आगरा के अस्पताल। सादाबाद में किसी नर्सिंग होम में भी बच्चे को दिखाने की बात की जा रही है तो वहां के चिकित्सक ने रिपोर्ट क्यों नहीं दी। क्यों नहीं बताया कि बच्चे में जान नहीं है। ऐसे कई सवाल हैं, जो प्रबंध तंत्र को सवालों के घेरे में ले रहे हैं।
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रविवार की रात में ही हो गई थी मौत
कृतार्थ के शव का पोस्टमार्टम सोमवार की दोपहर में दो बजे कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि बच्चे की मौत 12 घंटे पहले हुई है। यानी कि रविवार की रात को हुई है।
कृतार्थ के पेट में अन्न का एक दाना तक नहीं मिला है। इससे साफ है कि उसने खाना भी नहीं खाया है। अब जब सब बच्चों ने खाना खाया तो उसे भोजन क्यों नहीं दिया गया। यह कई सवाल ऐसे हैं, जो प्रबंध तंत्र को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।