विधायक से मारपीट के आरोप में निलंबित एसओ गोंडा अनुज कुमार सैनी ने कहा कि 11 साल की नौकरी के जीवनकाल में पहली बार मेरी वर्दी का अपमान हुआ है, जिसे कभी नहीं भूल पाऊंगा। अगर विधायक जी को मारना ही था तो सादे में कहीं भी बुला लेते। शायद, कुछ न बोलता या कहता। मगर, पिटने के बाद अपना आक्रोश मिटाने के लिए जो मन में आया वह भड़ास निकाल दी। उन्होंने उन्होंने खुद को पूरे प्रकरण में निर्दोष बताते हुए कहा कि मामला गंगाजल की तरह साफ है।
विज्ञापन
2 of 5
निलंबित एसओ अनुज कुमार सैनी
- फोटो : अमर उजाला
थाने के सीसीटीवी कैमरे में पूरा घटनाक्रम कैद है। फिलहाल, सीसीटीवी करप्ट है। रिकवर होने पर असल सच्चाई सबके सामने होगी। जिसकी रिकवरी का प्रयास किया जा रहा है। अमर उजाला से बातचीत में अनुज कुमार सैनी ने कहा कि यह पूरा एक षड्यंत्र है। विधायक कई गाड़ियों से अचानक हूटर बचाते हुए थाने में आए। उनके साथ ज्यादा लोग थे।
विज्ञापन
3 of 5
भाजपा विधायक
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी के चलते सामाजिक दूरी का ध्यान रखने हुए दुआ सलाम करते हुए सभी लोगों को कार्यालय के बाहर बैठने का इशारा किया। इस पर उन्होंने थाने पर काम कर रहे एक बुजुर्ग चौकीदार को गाली दे दी। चौकीदार को गाली देते देख विधायक को टोका। उनसे चौकीदार की उम्र का लिहाज करने को कहा। इस पर विधायक ने उन्हें गाली दे दी।
4 of 5
mla rajkumar shayogi
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले की वह कुछ समझ पाते विधायक ने थप्पड़ मारते हुए वर्दी खींच ली और नेम प्लेट तोड़ दी। अचानक हुए इस घटनाक्त्रस्म से वह हैरानी में आ गए। तत्काल उच्चाधिकारियों की मामले की जानकारी दी। उच्चाधिकारियों के पहुंचने से पहले ही विधायक ने अपना कुर्ता फाड़ लिया। अनुज कुमार के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम थाने के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। सीसीटीवी किसी तकनीकी कमी के कारण करप्ट हो गया है। जांच के दौरान उसे रिकवर किया जाएगा तो पूरे मामले की सच्चाई सभी के सामने होगी।
पिटाई के बाद गुस्से में विधायक को भला बुरा कहना स्वीकारा
उन्होंने बुढ़ापे में मार दिया तो हड्डी भी नहीं जुड़ेगी बात की वायरल वीडियो को लेकर भी अपनी सफाई दी। अनुज कुमार ने कहा कि यह मारपीट के बाद का वीडियो है। अगर कोई व्यक्ति किसी के साथ मारपीट करता है। वर्दी का अपमान करता है तो सामने वाले व्यक्ति को गुस्सा आना स्वाभाविक है। वह गुस्से में यह सब बात बोल गए थे। अनुज कुमार सैनी ने बताया कि वह मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं। अलीगढ़ में किसी थाने के प्रभारी के तौर पर यह उनका पहला चार्ज था। इससे पहले वह मथुरा और मैनपुरी में तैनात रह चुके हैं। अब वह अपना सामान समेटकर जा रहे हैं।