यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह एक स्लीपर कोच निजी बस ने आगे जा रही ईको कार में टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए। हादसे के शिकार हुए लोग राजाखेड़ा धौलपुर और आगरा के रहने वाले हैं।
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हादसे में क्षतिग्रस्त बस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोजगार की तलाश में 20 साल पहले धौलपुर जिले के राजखेड़ा क्षेत्र के गंगोलियापुरा गांव से दिल्ली पहुंचे दिनेश ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि जिस सफर ने उनके बच्चों का भविष्य संवारा, वही एक दिन उनकी जिंदगी छीन लेगा। तब उनका बड़ा बेटा महज दो साल का था। पत्नी सुनीता और बच्चे को साथ लेकर वे गांव से दिल्ली आए थे। होटल में नौकरी से शुरुआत की। दिन-रात मेहनत की, परिवार का पेट पाला, बच्चों को पढ़ाया और गांव में माता-पिता को भी खर्च भेजते रहे। संघर्ष के साल बीतते गए।
बाद में उन्होंने नोएडा के सेक्टर-41 में चाय की दुकान शुरू की। हलवाई का काम भी करते रहे। मेहनत रंग लाने लगी थी। बड़ा बेटा राहुल (22) को हाल ही में आयकर विभाग में फील्ड की नौकरी मिली थी। छोटा बेटा सुमित (17) 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। दो दशक की मेहनत के बाद परिवार सुकून के दिनों की दहलीज पर खड़ा था।
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भाई-भाभी की मौत पर बिलखता संजय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैंसर से भाई की मौत, अब हादसे ने तोड़ा परिवार
दिनेश चार भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई बच्चू सिंह भी हलवाई का काम करते थे। बच्चू के बेटे दशरथ ने बताया कि कैंसर से जूझ रहे उनके पिता की दो महीने पहले मौत हो गई थी। परिवार शोक में डूबा था। खोटे त्योहार पर उनके ताऊ दिनेश अपनी पत्नी सुनीता के साथ गांव आ रहे थे। रास्ते में हुए हादसे में दोनों की मौत हो गई। एक ही परिवार पर दो महीने में दूसरी बार दुखों का पहाड़ टूटा। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पिंकी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बोर्ड परीक्षा के कारण बेटे नहीं आए थे साथ
मृतक दिनेश के बेटे राहुल और सुमित पढ़ाई और फिर नौकरी के कारण नोएडा में ही रह गए। हादसे की खबर मिलते ही दोनों भाई नोएडा सेक्टर-41 स्थित आगापुर गांव से धौलपुर के लिए रवाना हो गए। अब जिन बेटों का भविष्य संवारने के लिए मां-बाप ने गांव छोड़ा था, वे दोनों अचानक अनाथ हो गए।
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विजय की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रोजगार नहीं, इसलिए पलायन ही मजबूरी
दशरथ ने बताया कि वह अपने चाचा के साथ दो दिन पहले ही दिल्ली से धौलपुर पहुंचे। उनके पैतृक राजखेड़ा क्षेत्र के गांवों में अधिकतर परिवार रोजगार के लिए दिल्ली-एनसीआर में काम कर रहे हैं। गांव में एक-दो बीघा जमीन से परिवार का गुजारा नहीं होता। हलवाई और छोटे-मोटे काम के सहारे लोग शहरों में किराए पर रहकर जिंदगी काट रहे हैं। रोजी-रोटी की तलाश में छोड़ा गया गांव अब शोक में डूबा है।
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दिनेश चंद्र की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना एक्सप्रेस-वे पर बस ने कार को रौंदा, छह लोगों की मौत
यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह एक स्लीपर कोच निजी बस ने आगे जा रही ईको कार में टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए। हादसे के शिकार हुए लोग राजाखेड़ा धौलपुर और आगरा के रहने वाले हैं। ये दिल्ली और नोएडा से अपने गांव लौट रहे थे। तेज रफ्तार पर बस चालक के ओवरटेक करने को दुर्घटना की वजह बताया जा रहा है।
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छह की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस में गमगीन परिजन
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हादसा मंगलवार तड़के 4:15 बजे सादाबाद क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन 141 पर गांव हरिया गढ़ी के पास हुआ। पुलिस के अनुसार ईको कार एक्सप्रेस-वे की दूसरी लेन में चल रही थी, उसके पीछे नोएडा से आगरा होते हुए ग्वालियर जा रही बस भी इसी लेन में थी। अचानक चालक ने तेज गति पर बस को कार के नजदीक से ओवरटेक करने का प्रयास किया। इस दौरान बस ने कार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार सड़क पर लहराते हुए घिटसती हुई चली गई और पलट गई। हादसे के बीद चीख-पुकार मच गई।
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छह की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर रोते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बस की सवारियों ने ही चालक-परिचालक को दबोच लिया। एकत्रित लोगों ने पुलिस को खबर दी। सूचना पर हाईवे की क्रेन व एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। कार में बच्चों सहित करीब 16 लोग सवार थे। इनमें तीन महिलाओं सहित छह लोगों की मौत हो गई।
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हाथरस में हादसे के बाद एंबुलेंस से घायलों को लेकर जाते कर्मचारी
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हादसे के करीब आधा घंटे बाद घायल व मृतकों को बाहर निकाला गया और हाईवे की एंबुलेंस से ही सीएचसी खंदौली ले जाया गया। हादसे में दस लोग घायल हुए, जिनमें से नौ को आगरा ले जाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को एक्सप्रेस-वे से हटाकर यातायात सुचारू कराया। एएसपी रामानंद कुशवाहा व एसडीएम सादाबाद मनीष चौधरी ने घटनास्थल का जायजा लिया। बस के दोनों चालकों व परिचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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हादसे में क्षतिग्रस्त बस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे में इनकी हुई मौत
दिनेश (50) निवासी गंगोलियापुरा राजाखेड़ा धौलपुर, उनकी पत्नी सुनीता (48), लोकेश (28) निवासी सोमली का घेर राजाखेड़ा, विजय (26) निवासी चोरंगा बेहड़ थाना बाह आगरा, उनकी पत्नी पिंकी (22), नत्थो देवी (65) निवासी रोहई खास शमशाबाद, आगरा की मौत हो गई।
हाथरस में हादसे के बाद मौके पर पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ये हुए घायल
हादसे में विजय का बेटा लक्ष्य (एक), बेटी प्राची (3), भतीजे आर्यन (08), अंशु (06), साली पूनम बघेल (15) घायल हो गईं। इनके अलावा ईको चालक वीरेंद्र निवासी गडरपुर, राजाखेड़ा, वीरेंद्र का बेटा आयुष, मनोज निवासी बाजना, मनोज की पत्नी रानी व तीन साल का बेटा जयदीप उर्फ रोहिल घायल हुए हैं।