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हाथरस कांड: पीड़िता के परिजनों ने उठाया संदिग्ध महिला के राज से पर्दा, पुलिस सतर्क

Sat, 10 Oct 2020 03:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
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Hathras Gang Rape Case - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और मौत मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। शनिवार सुबह यानि की आज पीड़िता के घर में एक संदिग्ध महिला के रहने का खुलासा हुआ था, जिसके बाद हड़कंप मच गया। हालांकि दोपहर होते-होते संदिग्ध महिला का एक और वीडियो सामने आया है। यह वीडियो छह अक्तूबर का है, जब मृतका के परिजनों से मिलने के लिए सीपीआई व सीपीएम का प्रतिनिधि मंडल गांव पहुंचा था।
 
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पीड़िता के परिवार से बात करते अपर मुख्य सचिव - फोटो : अमर उजाला
जानकारी मिली है कि संदिग्ध महिला का नाम राजकुमारी है, वो मध्यप्रदेश के जबलपुर की रहने वाली है। वीडियो में महिला सीपीआई व सीपीएम का प्रतिनिधि मंडल से बात कर रही है। महिला कहती दिखाई दे रही है कि मैं केवल आत्मीयता के तौर पर हाथरस गैंगरेप पीड़िता के घर आई हूं, मेरा कोई खून का रिश्ता इस परिवार से नहीं है। पिछले तीन दिन से इनके साथ हूं। मैं इनकी लड़ाई आखिर तक लड़ना चाहूंगी। 

 

 
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पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे अपर मुख्य सचिव और डीजीपी - फोटो : अमर उजाला
वहीं, पीड़िता के परिजनों ने कहा कि वह महिला हमारी दूर की रिश्तेदार है, कोई नक्सली नहीं। परिजनों का कहना है यह सब एक साजिश है हमारे यहां जो आएगा उसे आतंकवादी बताया जा रहा है। एसपी का भी कहना है कि उन्हें नक्सल से जुड़े किसी कनेक्शन की कोई जानकारी नहीं मिली है। 

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सीसीटीवी कैमरे लगाते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि शनिवार को खबर आई कि पीड़िता के घर एक संदिग्ध महिला रह रही थी। जिसे उसकी भाभी बताया जा रहा था। संदिग्ध महिला घटना के दो दिन बाद ही गांव पहुंच गई थी। 
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Hathras Gang Rape Case - फोटो : अमर उजाला
ये था पूरा मामला?
हाथरस के चंदपा कोतवाली इलाके के एक गांव में 14 सितंबर को चार लोगों ने 19 साल की युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया था। जब बिटिया के साथ दरिंदगी हुई तब वह कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। जीभ में चोट लगी थी, रीढ की हड्डी टूटी थी।  सुबह 11 बजे उसे हाथरस के जिला अस्पताल लाया गया, जहां से अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया।  22 सितंबर तक सामान्य तरीके से बिटिया का इलाज होता रहा, जबकि उसकी हालत काफी गंभीर थी। 23 सितंबर को बिटिया को वेंटिलेटर मिला। गंभीर हालत को देखते हुए  28 सितंबर को दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की इलाज के दौरान मौत हो गई। पीड़िता के भाई की तहरीर पर चार युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। 
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