हाथरस के गांव अर्जुनपुर में मंगलवार की शाम को करीब छह बजे एक अनुसूचित जाति के युवक की सीने में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
यूपी के हाथरस में पशु मित्र की हत्या पर जमकर बवाल हुआ है। गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घरों पर पथराव कर दिया। अनुसूचित जाति के युवक की हत्या से गुस्साई भीड़ ने आगरा-अलीगढ़ हाईवे भी जाम कर दिया। इस घटना से गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घरों पर पथराव कर दिया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। एसपी चिंरजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि कोतवाली चंदपा क्षेत्र के अर्जुनपुर निवासी विनय कुमार (48) मुरसान पशु चिकित्सालय में बतौर पशु मित्र कार्यरत थे।
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उनके भाई लीतेश ने जो पुलिस को बताया है उसके अनुसार, शाम को करीब छह बजे विनय अपने घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर बने एक घेर में पशुओं को देखने के लिए गए थे, वहां पहले से ही गांव के गब्बर उर्फ शिव, राजेश कौशिक और उनके तीन साथी घात लगाकर बैठे थे।
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उन्होंने विनय को अकेला पाकर दबोच लिया और इसके बाद चाकू से वार किए। चाकू उनके दिल में जाकर लगा, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं घटना की जानकारी पाकर आसपास के गांवों से समाज के लोग थाने पर पहुंच गए और आगरा-अलीगढ़ हाईवे को जाम कर दिया।
पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया था। वहीं आरोपियों के घरों पर भी भीड़ ने पथराव कर दिया था। एएसपी अशोक कुमार पुलिस बल के साथ थाना चंदपा पर पहुंचे और भीड़ को समझा-बुझाकर शांत किया। जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा देकर जाम खुलवाया।
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घटना के मूल में एक पुराना विवाद बताया जा रहा है। भाई लीतेश ने बताया कि करीब छह माह पहले विनय की आरोपियों से कुछ कहासुनी हुई थी, तभी से वह उससे रंजिश रखते थे। गाली-गलौज और जाति सूचक शब्द कहते रहते थे। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पीड़ित परिवार और आरोपियों के घरों पर भी पुलिस तैनात की गई है।
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सीने में धंसा था चाकू शव लेकर परिजन पहुंचे अस्पताल
मृतक विनय के भाई लीतेश ने बताया कि गिरफ्तार गब्बर उर्फ शिव, राजेश कौशिक सहित पांच आरोपियों ने उनके भाई को दबोच लिया था और उसके हाथ पकड़ लिए। इस वजह से वह विरोध भी नहीं कर पाए। एक ने विनय के सीने पर इतनी जोर से प्रहार किया कि चाकू उसके दिल में फंसा रह गया और खून बहता रहा। उसी हालत में वह शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद बागला जिला अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी पहुंच गए और घटना पर रोष जताया।
बिलखती मां बोलीं, ऐसी भी क्या रंजिश, जो बच्चों के सिर से छीन लिया पिता का साया
विनय की मौत की खबर मिलते ही गांव अर्जुनपुर से मां पुष्पा देवी व अन्य परिजन बागला जिला अस्पताल पहुंच गए। यहां चीख-पुकार मच गई। बिलखती मां बस एक ही बात बार-बार कह रही थी कि ऐसी भी क्या रंजिश थी, जो तीन बच्चों से पिता का साया छीन लिया। हमने तो कुछ ऐसा कुछ कहा भी नहीं। अब इन बच्चों की देखभाल कौन करेगा।