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हाथरस हत्याकांड: 'अब हमको भी मार डालो... बिन बेटियों के क्या जीना?', बिलखती मां ने बताई उस रात की पूरी कहानी

Sat, 25 Jan 2025 12:52 PM IST
शाहरुख खान प्रशांत भारती, अमर उजाला, हाथरस

सार

आगरा के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती प्रवक्ता की पत्नी वीरांगना का ने शुक्रवार को दर्द बयां किया। वीरांगना बुधवार की उस रात को जीवन में शायद ही कभी भुला पाएं। पहले से पति की बीमारी से परिवार बेहद तंग हाल में था, मगर अब इस वारदात ने उन्हें अंदर तक हिलाकर रख दिया है।
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Hathras Murder Case - फोटो : अमर उजाला
हाथरस सदर कोतवाली क्षेत्र की आशीर्वाद धाम कॉलोनी में बुधवार रात दिल दहला देने वाली घटना में शिक्षक की दो नाबालिग बेटियों की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। शिक्षक और उनकी पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। आगरा के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती प्रवक्ता की पत्नी वीरांगना का ने शुक्रवार को दर्द बयां किया। 

वीरांगना बुधवार की उस रात को जीवन में शायद ही कभी भुला पाएं। पहले से पति की बीमारी से परिवार बेहद तंग हाल में था, मगर अब इस वारदात ने उन्हें अंदर तक हिलाकर रख दिया है। हां, खुद के गले पर चाकू के वार को भुलाकर दोनों मासूम बेटियों के कत्ल पर वह इतना ही कहती हैं कि अरे अब जीकर क्या करेंगे। जब बेटियों को ही मार डाला तो हमको भी मार डालो। अब इस संपत्ति को भी सहेजकर क्या करेंगे। उस सगे जेठौत यानि पति के भतीजे ने इस दर्द को देने की साजिश रची, जिसके विषय में कभी सपने में भी नहीं सोचा था। 
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हत्या के बाद मौके पर पहुंचे लोग और पुलिस - फोटो : संवाद
महिला  और उनके पति घायल
बुधवार रात हुई वारदात में दो बेटियों की मौत के बाद वह और उनके पति घायल हैं। कॉलेज के वार्ड एक में प्रवक्ता छोटेलाल और वार्ड दो में वीरांगना भर्ती हैं। देखभाल व दुख-दर्द दूर करने के लिए वीरांगना के मायके पक्ष से भाई, बहन, भांजे-भतीजे, ननद और ननद के बच्चों के अलावा कुछ अन्य रिश्तेदार व प्रवक्ता के मित्र आए हुए हैं।
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हमले में घायल दंपती - फोटो : अमर उजाला
वह लगातार वीरांगना को संभालने की कोशिश कर रहे हैं मगर बेटियों के कत्ल की उस रात के सीन को वह अपने दिमाग एवं आंखों के सामने से हटा नहीं पा रहीं। हालात ये हैं कि गर्दन और सीधे हाथ के पंजे पर चाकू के प्रहार के चलते पट्टी बंधी है, लेकिन वह बैठकर बस बेटियों और अपने जेठौत को लेकर ही बात छेड़े जा रही हैं। हां, पहले से पैरालाइज्ड छोटेलाल जरूर बिस्तर पर लेटे-लेटे इशारों में कुछ बतियाने की कोशिश करते हैं मगर गर्दन में घाव के चलते बोल नहीं पाते। 

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मुठभेड़ के बाद पकड़े गए घायल कातिल - फोटो : अमर उजाला
बोलने लगे थे छोटेलाल, फिर आवाज बंद
वीरांगना व यहां मौजूद उनके भाई-बहन की मानें तो कुछ समय पहले तक बीमार छोटेलाल बोलने लगे थे। इशारों में बात करते थे। हारमोनियम की आवाज पर वह गाने की धुन बताते थे। लग रहा था कि जल्दी सही हो जाएंगे और स्कूल जाने लगेंगे, मगर इस वारदात में फिर गर्दन में चोट से उनकी आवाज बंद हो गई। उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। सुबह कुछ देर के लिए तबीयत बिगड़ी मगर चिकित्सकों ने जैसे-तैसे संभाला।
 
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पुलिस ने दो कातिलों को पकड़ा - फोटो : अमर उजाला
फोन पर सूचना देकर आए थे विकास-लालू
वीरांगना के अनुसार, पहले 12 जनवरी को विकास का फोन उनके मोबाइल पर आया था। हालांकि वह पहले भी अपनी बहन के साथ रहा और पूर्व में भी कई बार आया था। मगर उस रात अंजान नंबर से कॉल आया था, इसलिए उन्होंने मना कर दिया। अब बुधवार रात साढ़े आठ बजे विकास का फिर फोन आया कि हम ट्रक लेकर आए हैं। माल खाली हो रहा है। इस पर वीरांगना ने घर आने को कह दिया। वह करीब नौ बजे आए। नशे में लग रहे थे। हालचाल जानने के बाद खाना नहीं खाया। सभी बैठकर घंटों बतियाते रहे। वह घर परिवार और बीमारी आदि पर बात करते रहे मगर किसी तरह का अहसास नहीं होने दिया। सोने के बाद अचानक से उसकी नींद टूटी तो दोनों बेटियों को मृत देखा और उनकी गर्दन पर हमले की तैयारी कर रहे थे। तभी वह उठकर भागी और खुद को किसी तरह बचाया।
 
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मुठभेड़ वाली जगह पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
भांजों को खेत बंटाई पर देने के बाद से विवाद
मेडिकल कॉलेज में बातचीत के दौरान वीरांगना ने बताया कि उनके पति ने अपनी मेहनत से हाथरस वाला मकान बनवाया। कानपुर में उनके मायके के पास के इलाके में दो प्लॉट भी खरीदे थे। फतेहपुर के गांव में पुस्तैनी 10 बीघा जमीन हिस्से में है। उनके जेठ पर दो बेटे हैं। बड़ा सोनेलाल काफी समय से दुबई में रहकर नौकरी करता है। छोटा गांव में पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता है। इधर, छोटेलाल ने अपने हिस्से की कृषि भूमि पर फसल उगाने के लिए अपने भांजों को भूमि बंटाई पर दे दी थी। कई बार सोनेलाल ने इन खेतों को फसल करने के लिए मांगा था, लेकिन छोटेलाल ने यह बात नहीं मानी। इस बात को लेकर भी सोनेलाल रंजिश मानता था। इसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ था, लेकिन छोटेलाल ने किसी की भी बात नहीं मानी थी। बताया गया कि छोटेलाल को अंदेशा था कि सोनेलाल उनके खेतों को हड़प सकता है, इसलिए हर बार उसे खेत देने से साफ इन्कार कर दिया।
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मुठभेड़ में घायल कातिल - फोटो : अमर उजाला
नहीं लगाने दिया था घर का ताला
दोनों से बातचीत के दौरान रात्रि में जब वीरांगना सोने की तैयारी कर रही थीं तो वह मुख्य गेट का ताला लगवाने के लिए जा रही थीं। इस दौरान विकास ने कहा कि हम गेट पर ताला लगा देंगे। यह कहकर वीरांगना से ताला ले लिया, लेकिन मेट पर ताला न लगाकर महज गेट को बंदकर आए। हत्यारों ने घटना के बाद भागने के लिए पूरी तैयारी पहले से ही कर ली थी। वह जिस ट्रक से आए थे, उसे कॉलोनी के बाहर दून स्कूल के पास खड़ा करके आए थे। अगर गेट का ताला लगा होता तो शायद हत्यारे भागने में सफल नहीं हो पाते।

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आशीर्वाद धाम कॉलोनी में दो बच्चियों की गला रेतकर हत्या - फोटो : अमर उजाला
उन्हें नहीं पता, बीमारी में बिक गए दोनों प्लॉट
वीरांगना बताती हैं कि बीमार पति का आगरा के बड़े नर्सिंग होम से उपचार चल रहा है। स्कूल न जाने के कारण उन्हें वेतन नहीं मिल रहा। कुछ रिश्तेदार उनका सहयोग कर रहे हैं। घर के किराये, खेत की बंटाई के रुपयों से जैसे-तैसे काम चल रहा था। कानपुर में खरीदे गए दोनों प्लॉट भी बिक गाए। शायद यह जानकारी उन्हें नहीं थी। अब घर और खेत बचा है। वह अगर प्यार से मांगते तो शायद हम दे देते मगर बेटियों को मारकर अब कैसे ले पाएंगे। हमारा आगे का जीवन कैसे कटेगा।

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मृत बच्ची का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
हत्या के बाद सामान समेटकर ले जाने की योजना
वीरांगना का मानना है कि चारों की हत्या के बाद आरोपी शायद ट्रक में घर का सामान भी समेटकर ले जाते। किसी को पता भी नहीं चलता कि कौन आया और मारकर चला गया मगर उनकी नींद खुलने पर ये संभव नहीं हो पाया।

 
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मृतक बच्ची का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल स्टोर वाले ने लिए दवा के आठ हजार
मेडिकल कॉलेज में भर्ती दंपती के उपचार को लेकर सीएमओ स्तर से सभी व्यवस्थाएं निशुल्क की गई हैं मगर दवा पर्चा मिलने पर बृहस्पतिवार देर शाम बाहर के मेडिकल स्टोर वाले ने आठ हजार रुपये ले लिए। ये बातें वीरांगना से मिलने पहुंचे हाथरस के सामाजिक लोगों के समक्ष तीमारदारी में लगे रिश्तेदारों ने बताई। इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की गई है।
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