हाथरस के रसगवां के डीएल पब्लिक स्कूल के छात्रावास में पढ़ने वाले कक्षा दो के 11 वर्षीय छात्र कृतार्थ की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की हत्या में जेल गया स्कूल प्रबंधक का पिता जसोदन घर से कुछ दूरी पर स्थित अपने नलकूप पर तंत्र-मंत्र करता था। वहां उसने पूरी दुकान सी सजा रखी थी। जब पुलिस पहुंची थी तो यहां लाल मिर्च, राख, लाल रंग, कटे हुए नाखून और सिंदूर की डिब्बी मिलीं थीं।
पुलिस को पूछताछ में जो पता चला है उसके मुताबिक, शाम ढलते ही लोग जसोदन के पास पहुंच जाते थे, वह ऊपरी हवा का झांसा देकर लोगों को ठगता था। रसगवां गांव निवासी जसोदन के पिता बड़े किसान थे। उनके पास 120 बीघा जमीन थी। जसोदन छह भाई हैं। लिहाजा सभी के हिस्से में 20-20 बीघा जमीन आ गई।
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अगर गांव वालों की मानें तो जसोदन पिछले 20 साल से तंत्र मंत्र कर रहा था। उसने गांव से कुछ फासले पर स्थित अपने नलकूप पर ठिकाना बना रखा था। क्योंकि दिन के वक्त वहां लोगों का आना-जाना बना रहता है। लिहाजा वह शाम ढलने के बाद लोगों को वहां बुलाता था।
कभी-कभी तो पूरी-पूरी रात तंत्र क्रिया की जाती थी। गांव वालों ने बताया कि कुछ दिन पहले जसोदन को लकवा मार गया था। उस वक्त वह चलने फिरने से भी मोहताज हो गया था, लेकिन जब ठीक हुआ तो फिर से यही काम करने लगा। ग्रामीणों का कहना है कि वह बिगड़े हुए पीलिया को भी सही करने की गारंटी देता था।
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जसोदन की करतूत से रसगवां के लोग भी हतप्रभ
जिस शिक्षा के मंदिर में कुरीतियों, अंधविश्वास और टोने-टोटकों के खिलाफ बच्चों को जागरूक किया जाता है, उसी स्कूल का प्रबंध तंत्र और स्टाफ खुद इनका शिकार था। इस हद तक पहुंच गया कि एक बालक की जान ले ली। कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की हत्या के बाद प्रबंधक और उसके पिता जसोदन की करतूत से उनके गांव रसगवां के लोग भी हतप्रभ है।
डीएल पब्लिक स्कूल रसगवां के छात्रावास में पांच दिन पहले हुई कृतार्थ की हत्या कर दी गई थी। इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने दावा किया था कि स्कूल की तरक्की के लिए प्रबंधक दिनेश बघेल, उसके पिता जसोदन बलि देने के लिए गांव तुरसेन निवासी कृतार्थ को ले जा रहे थे और रास्ते में उसके जग जाने पर हत्या कर दी।
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जसोदन तांत्रिक रहा है, वह मासूम बालक की हत्या कर देगा, इसका विश्वास ग्रामीणों को नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जसोदन करीब 20 साल पहले तांत्रिक क्रियाएं करता था। अक्सर वह नलकूप की कोठरी में टोना-टोटका करता रहता था, लेकिन कभी मुर्गे या किसी अन्य जानवर की उसने बलि दी, यह उनकी जानकारी में नहीं है। पांच वर्ष पहले उसे लकवा मार गया था और वह पैरों से चलने के लायक नहीं रहा था। इसके बाद उसने तांत्रिक क्रियाएं करनी बंद कर दी थीं। अब वह कुछ चलने फिरने लगा था।
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कृतार्थ की हत्या में जेल गए स्कूल प्रबंधक पर बिना मान्यता स्कूल चलाने का भी मुकदमा दर्ज
छात्र कृतार्थ की हत्या में जेल गए प्रबंधक दिनेश बघेल पर बेसिक शिक्षा विभाग ने भी शिकंजा कस दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी शुक्रवार को उस पर बिना मान्यता कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं और आवासीय विद्यालय चलाने, धोखाधड़ी व आरटीई के उल्लघंन सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, राष्ट्रीय बाल आयोग ने भी घटना का संज्ञान लिया है और आयोग की एक टीम हाथरस आएगी।
बाल अधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूगो ने घटना को भयानक और अक्षम्य कृत्य बताया है। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में राज्य बाल आयोग के अध्यक्ष से बात की है और आयोग की एक टीम जल्दी हाथरस भेजी जाएगी। आयोग बच्चों की सुरक्षा के संबंध में सरकार को सिफारिशें भी देगा।
रसगवां स्थित डीएल पब्लिक स्कूल के बिना मान्यता आवासीय विद्यालय चलने का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। खंड शिक्षा अधिकारी पूनम चौधरी ने रिपोर्ट में बताया है कि विद्यालय के पास केवल कक्षा एक से पांचवीं तक की मान्यता थी, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना धोखाधड़ी से यहां एक से आठवीं तक की कक्षाओं और आवासीय विद्यालय का संचालन किया जा रहा था।
उन्होंने शुक्रवार को विद्यालय का निरीक्षण किया तो वह बंद मिला। ग्राम प्रधान मुनेश देवी ने लिखित बयान में कहा है कि इस विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही थीं और विद्यालय आवासीय था।