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एएमयू शिक्षक हत्याकांड में खुलासा: कैंटीन से इंस्टाग्राम ID पर जुबैर ने किया था एलान, अब बाहर आ गए...देख लेंगे

Fri, 02 Jan 2026 11:53 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एएमयू शिक्षक की हत्या के बाद जांच में जुटी पुलिस ने जब दानिश से जुड़े विवादों पर काम किया तो एक विवाद जुबैर से जुड़ा भी सामने आया। 
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पकड़ा गया हत्यारोपी - फोटो : पुलिस
जेल से रिहा होने के बाद जुबैर अक्तूबर 2025 को एएमयू आया था और जिस जगह दानिश की हत्या हुई, वहां उसने अपने 10-12 साथियों के साथ खड़े होकर अपनी इंस्टा आईडी पर फोटो डाला था। साथ ही ऐलान करते हुए लिखा था कि अब बाहर आ गए हैं, विरोधियों को देख लेंगे, जो भी उनके साथ खड़ा है, उसे भी देख लेंगे। इसी पोस्ट से पुलिस का माथा ठनका और जांच की दिशा उसकी ओर केंद्रित की।

एएमयू शिक्षक की हत्या के बाद जांच में जुटी पुलिस ने जब दानिश से जुड़े विवादों पर काम किया तो एक विवाद जुबैर से जुड़ा भी सामने आया। इसके बाद उसके बारे में जानकारी की गई। वह पूर्व में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। पता चला कि जून 2025 में उसे वहां से जमानत मिल गई। इसके बाद उसे अलीगढ़ जेल भेजा गया। जुलाई माह में यहां से भी वह जमानत पर रिहा हो गया। इस दौरान सात वर्ष तक जेल में रहने के चलते जुबैर के बारे में कोई बहुत अच्छे सुराग या नंबर पुलिस के पास नहीं थे। इसी बीच मुखबिरों से उसके सोशल एकाउंटों जुबैरके 728 और देवराज गैंग अलीगढ़ की जानकारी मिली। इसी क्रम में उसके एक इंस्टा एकाउंट से 10 अक्तूबर की आखिरी पोस्ट मिली।
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इंस्टाग्राम पर जुबैर ने किया था एलान - फोटो : पुलिस
जुबैर पर सिपाही व सगे भाई की हत्या सहित कई अपराध
चार भाइयों में तीन जुबैर, यासिर व फहद बरला थाने से हिस्ट्रीशीटर हैं। जुबैर ने मुनीर संग रेलवे स्टेशन के सहारे पान दरीबा में रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या कर उसकी सरकारी पिस्टल लूटी थी। पिस्टल को जुबैर के अपराधी भाई सद्दाम ने अपने पास रख लिया। जिसके बाद मुनीर व जुबैर ने उसकी हत्या कर दी थी। इसमें खुर्रम नाम का युवक जेल गया था। बाद में मुनीर के पकड़े जाने पर सद्दाम की हत्या का सच उजागर हुआ था। इसके अलावा अलीगढ़ में 12 लूट की घटनाएं जुबैर पर खुली थीं। उस पर यूपी में कुल 22 अपराधों के अलावा दिल्ली में मुनीर संग हत्या के अलावा अन्य अपराध दर्ज हैं। उसके दूसरे भाई फहद पर हमला, लूट, रंगदारी के 12 व यासिर पर 7 अपराध दर्ज हैं। उनके दिल्ली के अपराधों का विवरण पुलिस जुटा रही है।
 
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एएमयू सुलेमान हॉल के सामने समय 20.58 बजे - फोटो : पुलिस
जुबैर पर दो बार चली गोली, एक छात्रा की गई जान
मुनीर के जेल जाने के बाद अलीगढ़ में जुबैर पर आपसी गुटबाजी में दो बार गोली चली। पहली घटना आठ मई 2017 को अमीर निशा के बाहर हुई। उससे अलग हुए जहूर ने गोली चलाई। उस समय एएमयू की नाबालिग छात्रा अनम के स्कूल से घर जाते समय गोली लग गई। बाद में उसकी जान चली गई। दूसरी घटना 2018 में गूलर रोड पर हुई, उसमें भी जुबैर बच गया था।
 

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थाना सिविल लाईन स्थित दोदपुर गोस्त वाली गली में सिफत अपार्टमेंट में अभियुक्त सलमान व अन्य समय 18.44 - फोटो : पुलिस
दोस्ती में पत्नी को मायके छोड़ सलमान ने घर में ठहराया
जुबैर की सलमान से गहरी दोस्ती है। इसी दोस्ती में उसने जुबैर के कहने पर सलमान ने उसके दोनों भाई अपने घर रुकवाए। हत्या से पहले सलमान की ससुराल में कोई शादी थी। जहां वह अपनी पत्नी को लेकर गया था। वापस आते समय पत्नी को वहीं छोड़ आया।
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एएमयू लाइब्रेरी समय 20.50 बजे - फोटो : पुलिस
सलमान भी जा चुका है जेल, भाई की भी हुई थी हत्या
अलीगढ़ पुलिस को अभी तक सलमान व दानिश के बीच किसी विवाद की खबर तो नहीं मिली। मगर हां, ये जरूर उजागर हुआ है कि सलमान डेढ़ दशक पहले कभी हमले के आरोप में जेल गया था। इसके बाद 2019 में सलमान के भाई मामून को एएमयू परिसर में गोली मारी गई थी। जिसमें दो अन्य आरोपी जेल गए थे। कुछ माह बाद मामून की गोली के घाव से ही मृत्यु घोषित की गई थी। इस दिशा में भी पुलिस अब सुराग तलाश रही है कि कहीं उस हत्या से दानिश का कोई जुड़ाव तो नहीं था। हालांकि सलमान व दानिश के भाई फराज का एक विवाद जरूर पूर्व में हुआ था, लेकिन ऐसा नहीं था कि उसमें हत्या हो जाए। दोनों परिवारों के बीच संबंध ठीक थे। दानिश की मां एएमयू में शिक्षिका रही हैं। पिता एएमयूकर्मी रहे हैं, जबकि ससुर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा से विधायक रहे हैं। खुद भाई फरार भी एएमयू इंजीनियरिंग में शिक्षक है।
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एएमयू में हुई शिक्षक की हत्या में गिरफ्तार आरोपी से बरामद कार - फोटो : संवाद
शाहबेज की हत्या में आया था नाम, तभी से राव दानिश पर मुखबिरी करने का शक
अलीगढ़ एसएसपी ने बताया कि इन तीनों भाइयों में जुबैर शातिर अपराधी है। 23 अक्तूबर 2018 को शाहबेज की आपसी गैंगवार में हबीब हॉल के पास हत्या हुई थी। इसमें जुबैर और उसके साथी नामजद हुए थे। इस मामले और बाद में दिल्ली में हुई गिरफ्तारी में जुबैर को राव दानिश अली पर मुखबिरी का शक था।

एसएसपी ने बताया कि उस समय शाहबेज की हत्या में शामिल जुबैर के साथियों को अलीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आया था। अप्रैल 2019 में जुबैर को दिल्ली पुलिस ने उसे पत्नी हुदा के साथ न्यू फ्रेंड्स कालोनी में हुई लूट के एक मामले में गिरफ्तार किया था, तभी से जुबैर को एएमयू में सक्रिय रहने वाले राव दानिश पर मुखबिरी करने का शक था और वह उससे मन में खुन्नस पाले हुए था। जुबैर इसी वर्ष जुलाई माह में जमानत पर बाहर आ गया। जेल में रहने के दौरान ही उसके लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप सहित दिल्ली-एनसीआर में सक्रिया कई अपराधियों से उसके संपर्क हुए।
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एएमयू में हुई शिक्षक की हत्या में गिरफ्तार आरोपी से बरामद स्कूटी - फोटो : संवाद
मददगार ने घर में ठहराया, हत्या के बाद दिल्ली छोड़ा
सीसीटीवी व सर्विलांस से उजागर हुआ कि घटना से एक दिन पहले यासिर-फहद अलीगढ़ आए थे। यहां आने पर उनकी दानिश के पड़ोसी मित्र अमीर निशा गोस्त वाली गली के सलमान कुर्ते वाले ने मदद की, अपने घर में ठहराया और हत्या के बाद दिल्ली ले जाकर छोड़ा था।

एसएसपी ने बताया कि पहले दिन सलमान उन्हें अपनी गाड़ी से सूतमिल बस अड्डे से अपने घर लेकर आया। रात को घर में ठहराया, अगले दिन शाम चार बजे उन्हें मेडिकल रोड पर जामिया उर्दू के पास छोड़ा। वहां से उन दोनों ने एक काली स्कूटी उठाई और उसकी एक मिस्त्री से सर्विस भी कराई। उसी शाम दानिश की हत्या को अंजाम देकर दोनों भाई उसी स्कूटी से एएमयू से निकलकर पुरानी चुंगी वाले पुल के पास पहुंचे। वहां तय योजना के तहत सलमान अपनी गाड़ी लेकर पहुंचा। वहां से फहद उसके साथ गाड़ी में सवार हो गया, जबकि यासिर स्कूटी लेकर गभाना तक गया। गभाना टोल से पहले स्कूटी यासिर ने हाईवे सहारे गड्ढे में गिरा दी। फिर वह भी सलमान की गाड़ी में सवार हो गया। इसके बाद सलमान दोनों भाइयों को दिल्ली ओखला में छोड़कर वापस अलीगढ़ आया। 

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एएमयू में हुई शिक्षक की हत्या में गिरफ्तार आरोपी - फोटो : संवाद
टीम ने देखे 500 से ज्यादा सीसीटीवी, अब शूटरों के पीछे
इस घटना के खुलासे में लगी सिटी एसओजी के एसआई विनय, मुख्य आरक्षी नटवर सिंह, सिपाही प्रिन्सुभ मौतला, आकाश शर्मा, कुलदीप सिंह, मनोज कुमार, सुगन्ध प्रताप व मनवीर शामिल रहे। इस पूरी टीम ने 500 से अधिक सीसीटीवी देखे। साथ में सर्विलांस व सोशल मीडिया पर काम किया। तब जाकर यह सुराग हाथ लगे। एसएसपी ने पूरी टीम की पीठ ठोंकी है। एसपी सिटी व सीओ तृतीय की अगुवाई में बाकी शूटरों को पकडऩे को टीम लगाई है। कुछ सदस्य दिल्ली सहित अलग अलग जगहों पर डेरा डाले हुए हैं। इनपुट जुटा रहे हैं।

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रॉव दानिश अली - फोटो : फाइल फाटो
दानिश के जनाजे में था सलमान, अब चुप्पी साधी
दोनों शूटरों को दिल्ली छोडक़र आने के बाद सलमान अपने घर पर सामान्य दिनों की तरह रहा। इसके बाद अगले दिन वह मृत दानिश के परिवार से भी सांत्वना देने के लिए मिला। दोपहर में दानिश के जनाजे में भी शामिल हुआ। अब पकड़े जाने पर पुलिस ने सलमान का दानिश के भाई फराज व अन्य परिजनों से सामना कराया तो वह उनके सामने कुछ नहीं बोला। बस चुप्पी साध गया।

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जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : संवाद
सीसीटीवी में कैद हुए दोनों भाई, पकड़ा गया सलमान
पुलिस ने जब घटनास्थल से निकलने वाले सभी रास्तों के सीसीटीवी देखे तो घटनास्थल से निकलते समय एक जगह काली स्कूटी पर यासिर-फहद दिखे। इसके बाद सलमान के घर पर लिफट में चढ़ते समय सलमान के साथ दोनों के चेहरे स्पष्ट हो गए। घटना के पहले सूतमिल से सलमान के साथ गाड़ी में आते व घटना के बाद दिल्ली रोड पर गाड़ी व साथ में स्कूटर से जाते भी ये दिखे। इसके बाद पुलिस का शक पुख्ता होता चला गया। सलमान को पकड़ा गया तो उसने पुलिस को स्कूटी भी बरामद करा दी। साथ में उसकी सर्विस करने वाले मिस्त्री ने दोनों को पहचाना। सूत मिल से अमीर निशा आने, केला नगर, मेडिकल रोड, जामिया उर्दू, घटनास्थल, फिर दिल्ली रोड के सीसीटीवी में घूमते फिरते, आते जाते कई जगह दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने सलमान को पकड़ लिया। साथ में उससे हत्या में प्रयुक्त कार व स्कूटी बरामद की है। 
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गिरफ्तार आरोपी से बरामद कार व स्कूटी - फोटो : संवाद
किलिंग मशीन ए कंपनी नाम से था मुनीर ग्रुप
बरला क्षेत्र के तीनों भाइयों का परिवार कभी शहर के सिविल लाइंस इलाके में आकर बसा था। बाद में अलीगढ़ में अपराध व मुनीर के साथ होने के चलते पुलिस इनके पीछे रहती थी। इसलिए ये तीनों भाई दिल्ली ओखला में बस गए। पिता व अन्य परिजन यही रह गए। मुनीर के साथ रहने तक इन्होंने सोशल मीडिया पर खुद का ग्रुप किलिंग मशीन ए कंपनी के नाम से चलाया था। मुनीर के बाद तीनों भाई जेल गए। यासिर-फहद डेढ़ वर्ष पहले ही दिल्ली जेल से छूटे थे। उसके बाद वे अपने तीसरे भाई को रिहा कराने में लग गए। उसके छूटकर आने के बाद इस हत्या को अंजाम दिया।
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