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एएमयू हिंसा: घर जा रहे 600 से ज्यादा कश्मीरी छात्र बर्फबारी में फंसे, कुछ शहर में ही भटकने को मजबूर

Tue, 17 Dec 2019 07:11 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अलीगढ़ में विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
एएमयू बवाल के तीसरे दिन मंगलवार को भी शहर के हालात सामान्य नहीं रहे। सुबह से ही जमालपुर में प्रदर्शन शुरू हो गए। कई हजार की संख्या में एकत्रित लोग जमालपुर पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट पर कूच करने का एलान किया था और काफी आक्रोश में आगे बढ़ रहे थे। घंटों समझाने के बाद उन्हें बमुश्किल रोका जा सका। इसके अलावा सिविल लाइंस, दोदपुर, मेडिकल रोड, अमीर निशा, ऊपर कोट के बाजार बंद रहे।

 
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : अमर उजाला
रविवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने शरद कालीन अवकाश घोषित कर दिया और आवासीय हॉलों को खाली करने का फरमान जारी कर दिया। इसके बाद देश के अलग अलग हिस्सों में रहने वाले हिंदुस्तानी छात्रों की रवानगी भी शुरू हो गई।
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प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : अमर उजाला
इनसब का सबसे ज्यादा असर विदेशी, कश्मीरी और रिसर्च कर रहे छात्रों पर पड़ रहा है। विदेशी छात्र इतनी जल्दी अपने देश भी नहीं जा सकते और अधिकांश के कोई स्थानीय अभिभावक भी नहीं हैं। इसलिए कुछ छात्र आसपास की मस्जिदों के जमात में पहुंचे हैं और वहीं पर शरण भी लिए हुए हैं।

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जम्मू कश्मीर में बंद सड़क - फोटो : अमर उजाला
वहीं जम्मू-कश्मीर में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सामने परेशानियों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब 600 से अधिक छात्र जम्मू में फंसे हुए हैं, क्योंकि आगे रास्तों पर बर्फ है और यातायात ठप है। अब वहां पर फंसे हुए छात्र और छात्राएं न तो घर जा सकते हैं और न ही कॉलेज वापस आ सकते हैं। ऐसे में उनके पास रास्ता साफ होने का इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। 
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नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
हालांकि एएमयू बंद और छात्रावासों के खाली होने के बाद भी शहर में प्रदर्शन नहीं थम रहा है। माना जा रहा है कि इसके पीछे एएमयू के छात्र नेताओं का हाथ है। वो घूम-घूम कर लोगों की मदद ले रहे हैं। यह शहर में ही कहीं शरण पा रहे हैं। इसे लेकर अंदरखाने इन नेताओं को जिला बदर किए जाने की तैयारी चल रही है।
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