अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में शिक्षक की मौत मामले में लॉरेंस गैंग के शूटरों की भी लोकेशन की तलाश की जा रही है। लॉरेंस गैंग के जो शूटर पुलिस जांच के दायरे में हैं, वे अलीगढ़ के रहने वाले हैं और दिल्ली में भी सक्रिय है, कुछ दिन पहले ही जमानत पर तिहाड़ जेल से बाहर आए हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के एबीके बॉयज स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली (45) की हत्या की गुत्थी तीसरे दिन भी अनसुलझी है। अब तक सामने आए पुराने विवादों की जानकारी के बाद शक की सुई लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े शूटरों की ओर भी घूम रही है और घटना के समय उनकी लोकेशन कहां थी, पुलिस इसकी जानकारी कर रही है। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानीय अपराधी भी जांच के दायरे में हैं।
लॉरेंस गैंग के जो शूटर पुलिस जांच के दायरे में हैं, वे अलीगढ़ के रहने वाले हैं और दिल्ली में भी सक्रिय है, कुछ दिन पहले ही जमानत पर तिहाड़ जेल से बाहर आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस घटना की जांच में सीसीटीवी से कोई महत्वपूर्ण मदद नहीं मिली है, अब मुखबिरों के जरिये दानिश से जुड़े विवादों पर काम शुरू कर दिया है। उनके जरिये यह जानने का प्रयास हो रहा है कि किस विवाद में हत्या हो सकती है।
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हत्या के बाद मेडिकल पर इकट्ठा भीड़
- फोटो : संवाद
इसी क्रम में दानिश के करीबियों, परिजनों, परिचितों के मदद से जो विवाद सामने आए हैं, उनमें एएमयू में छात्र राजनीति के समय के विवाद, वर्तमान शिक्षण कार्य से जुड़े विवाद, इससे इतर दानिश अली के सामाजिक रूप से सक्रियता से जुड़े विवाद सहित कुल चार विवाद सामने आए हैं। पुलिस उनसे जुड़े लोगों, उनकी बदमाशों से करीबी आदि का भी विवरण जुटा रही है। दानिश का मोबाइल लेकर उसमें हुई बातचीत, दर्ज नंबरों व सोशल मीडिया एकाउंटों को भी देखा जा रहा है।
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हत्या के बाद पहुंचे एसएसपी नीरज जादौन
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घटना में पेशेवर अपराधियों के होने का शक
पुलिस को घटनास्थल पर हत्या के समय का जो सीसीटीवी फुटेज मिला है। उसमें एक शूटर गुस्से में दानिश के गिरने के बाद भी उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रहा है। उसका दूसरा साथी पीछे खड़ा है। उसने भी फायर किए हैं। पुलिस का मानना है यह किसी पेशेवर शूटर या बदमाश रहा है और निजी खुन्नस में उसने अपना गुस्सा उतारा है। आमतौर पर कोई नया अपराधी या सुपारी लेकर हत्या करने वाला ऐसा दुस्साहस नहीं दिखाता।
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शिक्षक की हत्या के बाद मेडिकल पहुंचीं एएमयू वीसी नईमा खातून
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दहशत में आए लोग, छोटा भाई लेकर भागा
हत्याकांड के बाद आसपास के लोग दहशत में आ गए थे। एएमयू सुरक्षाकर्मी बस वहां पहुंचकर अधिकारियों, पुलिस व परिवार को खबर देने में लगे रहे। सभी डर गए थे। खबर पर आनन फानन छोटा भाई फराज जब वहां पहुंचा तो वह खुद दानिश को मेडिकल कॉलेज लेकर भागा, तब तक देर हो चुकी थी।
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जांच करते पुलिस अधिकारी
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एएमयू में ये कैसी सुरक्षा..कब तक होती रहेंगी हत्या
पुलिस प्रशासन के पत्राचार से इतर एएमयू इंतजामिया को हाईकोर्ट तक हिदायत दे चुका है। सुरक्षा के मजबूत प्रबंध के बीच बाहरियों के प्रवेश पर चेकिंग के साथ उनका रिकॉर्ड रखा जाए, लेकिन घटना वाले दिन परिसर के 50 से अधिक सीसीटीवी बंद थे। बाहरियों का कोई रिकॉर्ड या चेकिंग नहीं थी। ऐसे में सवाल यही है कि एएमयू में ये कैसे सुरक्षा प्रबंध हैं, जिनकी कमजोरी की आड़ में हत्या सरीखे जघन्य अपराध होते रहेंगे।
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रॉव दानिश अली की हत्या पर सांत्वना देते एसएसपी
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सीसीटीवी में सिर्फ नगला पटवारी की ओर जाते मिले अपराधी
दानिश की हत्या का एक सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिला है, जिसमें बदमाश गोली मारते दिख रहे हैं। इसके बाद एक सीसीटीवी फुटेज में काले स्कूटर पर हेलमेट लगाए बदमाश पुरानी चुंगी वाले सेंचुरी गेट से निकलते दिखाई दे रहे हैं। वे नगला पटवारी वाले रास्ते पर बने ओवरब्रिज की ओर गए। इसके बाद गलियों में ओझल हो गए।
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मृतक शिक्षक रॉव दानिश अली
- फोटो : फाइल फोटो
इससे पहले एएमयू में बदमाश किस रास्ते से घुसे। उन दोनों के साथ सहयोग में अन्य कितने बदमाश थे। कोई उन्हें दानिश की लोकेशन बता रहा था या नहीं। इस विषय में सीसीटीवी ने कोई सहयोग नहीं किया। इसकी प्रमुख वजह मुख्य मार्गों का सीसीटीवी का बंद होना रहा है।
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हत्या की सूचना पर जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंची एएमयू की वीसी प्रोफेसर नईमा खातून
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कहीं मजहर नईम-कौशर हत्याकांड सरीखे न हों परिणाम
एएमयू में हत्या या अपराध होना कोई नई बात नहीं। झगड़े, फसाद, फायरिंग या हमलों को छोड़ दें तो इस वर्ष परिसर में यह तीसरी हत्या है। सबसे पहले मिंटो सर्किल के बाहर छात्र कैफ की हत्या हुई। इसके बाद जुलाई मेंं एएमयू कर्मी नदीम की हत्या निजी विवाद में हुई। अब यह दिसंबर मेंं शिक्षक दानिश की हत्या हुई है।
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घटनास्थल पर जांच करता डॉग स्क्वाड
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दो हत्याओं का पुलिस ने खुलासा तत्काल कर दिया। मगर यह गुत्थी नहीं सुलझ रही। इस हत्या के बाद एएमयू परिसर में 2006-07 में क्रमवार हुईं तीन छात्रों की हत्या की चर्चा शुरू हो गई है, जिसमें छात्र मोहसिन की हत्या के बाद मजहर नईम व कौशर की क्रमवार हत्याएं हुईं। मोहिसन की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया। बाकी दो हत्याओं का खुलासा न होने पर मजहर की हत्या की जांच सीबीआई को मिली, जिसने दोनों हत्याएं खोली थीं। इसके बाद वर्ष 2014 में आलमगीर व 2016 में दो छात्राओं की हत्या भी खुली हैं।
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घटनास्थल का निरीक्षण करते एसएसपी नीरज कुमार जादौन
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परिसर में अपराधियों को संरक्षण पर सवाल
एएमयू परिसर में अपराधियों के संरक्षण पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। इसी का नतीजा रहा है कि आए दिन झगड़े, फायरिंग तक की घटनाएं होती हैं। परिसर में ही लोग उनमें सुलह तक करा देते हैं। कई तो उनमें हिस्ट्रीशीटर तक हो जाते हैं। मगर संरक्षण पाए रहते हैं।
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जेएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी के बाहर लगी लोगों की भीड़
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हाई पावर कमेटी का निर्णय..बिना जांच एएमयू में प्रवेश नहीं
अब बिना जांच एएमयू में किसी का प्रवेश नहीं होगा। एएमयू में घटना के बाद कुलपति प्रो.नईमा खातून की अध्यक्षता में शुक्रवार को सुरक्षा मुद्दे पर हाई पावर कमेटी में यह निर्णय लिया गया है। अब प्रवेश के समय किसी भी बाहरी को अपना रिकॉर्ड दर्ज कराना होगा। आने का कारण भी बताना होगा। अगर छात्र हैं तो परिचय पत्र दिखाना होगा। इस संबंध में परिसर में सीसीटीवी से लेकर हॉल हॉस्टलों की चेकिंग पर भी जोर दिया गया।
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विलाप करते परिजनों को सांत्वना देते एसएसपी नीरज कुमार जादौन
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कुलपति ने सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि अब किसी भी स्तर पर सुरक्षा में कोई लापरवाही न होने पाए। साथ में किसी भी अपराध में अब यह आरोप न उछलने पाए कि कोई भी एएमयू में अब बिना जांच के प्रवेश कर जाता है। रिकॉर्ड रखना इसलिए भी जरूरी है कि अगर कभी कोई घटना हो तो पुलिस को कार्रवाई में मदद मिल सके।
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हत्या के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज में लगी भीड़
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यह है मामला
बुधवार देर शाम 8:45 बजे मूल बुलंदशहर डिबाई हाल अमीर निशा सिविल लाइंस के राव दानिश अली की एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई थी। एबीके बॉयज स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक दानिश घटना के समय रोजाना की तरह अपने साथी इमरान व भोलू संग टहलने गए थे। तभी स्कूटी सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। उनके छोटे भाई एएमयू इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षक राव फराज अली ने सिविल लाइंस अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। बता दें कि दानिश की मां एएमयू में शिक्षिका रही हैं। पिता एएमयूकर्मी रहे हैं, जबकि ससुर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा से विधायक रहे हैं।
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हत्या के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे एसपी सिटी व अन्य अधिकारी
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हमारे पास सीसीटीवी फुटेज में जो भी था, वो दिया गया है। ये गलत है कि करीब 50 सीसीटीवी बंद थे। ये मशीनरी है, कुछ सीसीटीवी बंद हो सकते हैं। हर समय सभी चालू रहें, ये संभव नहीं है। बाकी सुरक्षा के मसले पर अब परिसर में विशेष रूप से चेकिंग, प्रवेश पर रिकॉर्ड रखना, हॉस्टलों व कक्षाओं में चेकिंग की प्रक्रिया तेज करा दी गई है। यह अनवरत जारी रहेगी।-प्रो.वसीम अली, प्राक्टर एएमयू
मृतक शिक्षक रॉव दानिश अली, मेडिकल पहुंचे पुलिस अधिकारी
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एएमयू में शिक्षक की हत्या में अभी बहुत ज्यादा कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। कुछ पुराने विवाद भी दिखवाए जा रहे हैं। उनसे जुड़े अपराधियों पर फोकस किया गया है। वे वर्तमान में कहां हैं, उनकी लोकेशन उस दिन कहां थी। ये सब जुटाया जा रहा है।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी