अलीगढ़ में तिहरे हत्याकांड को अंजाम अचानक नहीं दिया गया। इसकी पटकथा कई दिनों पहले लिख दी गई थी। घर में विवाद दो साल से चल रहा था और छोटे बेटे ने दो दिन पहले यानि शनिवार को हत्या करने का एलान तक कर दिया था। मगर परिवार के किसी सदस्य को ऐसा अंदाजा न था कि यह ऐसा कर बैठेगा। ये बातें खुद बड़े भाई रामेश्वर ने पुलिस व मीडिया के सामने रखीं।
इसकी हरकतों से परेशान था परिवार : रामेश्वर
पुलिस पूछताछ में रामेश्वर ने बताया कि हम दोनों के बीच में एक भाई महेंद्र और था। वह करीब दस वर्ष पहले अचानक गायब हो गया, जिसका आज तक पता नहीं लगा। सौरभ की हरकतों से माता-पिता परेशान रहते थे। डिप्लोमा करने के बाद यह घर रहने लगा। कहता था कि या तो सरकारी नौकरी के लिए दस लाख रुपये की रिश्वत का इंतजाम कर दो। या फिर बड़े भाई की तरह जिम खुलवाने के लिए दस लाख रुपये दे दो।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कभी अपनी शादी कराने की जिद करता था। चूंकि उसकी हरकतें ऐसी थीं। इसलिए सभी उससे परेशान थे। परिवार के सदस्य एक ही बात कहते थे कि पहले तू अपनी आदतों में सुधार कर ले, फिर तेरी शादी व व्यापार की व्यवस्था की जाएगी। इसे लेकर वह माता पिता को मारपीट तक करता था। उसकी इसी आदतों से तंग आकर रामेश्वर व उसकी पत्नी रश्मी घर के एक हिस्से में अलग रहने लगे थे।
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आरोपी सौरभ
- फोटो : अमर उजाला
एक मर्तबा उसे माता-पिता से मारपीट करने पर थाने में बंद भी कराया गया था। सोचा था कि इसकी हरकतें सुधरेंगी। मगर कोई सुधार नहीं हुआ। दो दिन पहले इसने फिर रुपयों की मांग की। इस पर घर में झगड़ा हुआ। उस समय इसने एलान किया था कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो वह हत्या तक का कदम उठा सकता है।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मां-बाप पर नहीं गया ध्यान, बेटी को लेकर भागा रामेश्वर
इस घटना के बाद रामेश्वर की पत्नी अपनी बेटी को गोद में लिए बिलख रही थी। बेटी सिसक रही थी। इसी बीच किसी पड़ोसी ने रामेश्वर को फोन किया कि तेरी बेटी को किसी ने मारा है और वह गंभीर है। इस पर रामेश्वर जिम से दौड़ता हुआ घर पहुंचा। आनन-फानन बिना समय गवाएं बेटी की हालत देखी और पत्नी सहित बेटी को लेकर मेडिकल कॉलेज भागा। उसने उस समय तक और मेडिकल कॉलेज पहुंचने तक अपने माता-पिता के विषय में कतई नहीं सोचा।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों द्वारा बेटी को मृत घोषित किए जाने के बाद उसे मोहल्ले से दूसरा फोन पहुंचा कि माता-पिता को भी मार दिया गया है। पुलिस घर आ गई है। तब वह दंग रहा। मगर वह उस समय भी बदहवास हालत में अपनी बेटी को जगाने की जिद करता रहा। बाद में घर लौटने तक बेटी की मौत के गम में माता-पिता का गम भूल बैठे बेसुध हो गए।
नशेड़ियों का रहता जमावड़ा, लूट के बाद हत्या का मचा शोर
जिस इलाके में घटना हुई है, उस इलाके में एक खाली प्लाट के पास दिन भर नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। शुरुआत में जब शोर मचा तो लोगों को और खुद रामेश्वर दंपती को यही लगा कि लूट के बाद किसी ने इस हत्या को अंजाम दिया है, मगर थोड़ी देर बाद पुलिस आई और सौरभ का वीडियो रिकार्ड बयान दिखा, तब अहसास हुआ कि इस घटना को खुद सौरभ ने अंजाम दिया है।