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AMU Murder Case: 'राव दानिश का कत्ल, आतिफ की हत्या का बदला...अलीगढ़ का बाप', जानें कौन है देवराज उर्फ राहत?

Sat, 03 Jan 2026 04:08 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ में एएमयू शिक्षक राव दानिश हत्याकांड के खुलासे के इंस्टा आईडी ‘देवराज गैंग अलीगढ़’ अब प्राइवेट कर दी गई है। एएमयू शिक्षक राव दानिश की हत्या का खुलासा किए जाने के कुछ घंटे बाद ही यह बदलाव किया गया है।
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शिक्षक दानिश हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
अलीगढ़ में एएमयू शिक्षक राव दानिश हत्याकांड के खुलासे के बाद मुनीर गैंग की कमान संभाल रहे कुख्यात शूटर जुबैर द्वारा संचालित इंस्टा आईडी ‘देवराज गैंग अलीगढ़’ अब प्राइवेट कर दी गई है। ये इंस्टा आईडी कल तक पब्लिक थी। इसी आईडी से आठ अक्तूबर को हत्या के घटनास्थल एएमयू कैंटिन से जुबैर ने फोटो शेयर कर धमकी का एलान किया था।

अमीर निशा सिविल लाइंस के राव दानिश अली की 24 दिसंबर की देर शाम ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या की गई थी। घटना के समय एएमयू एबीके बॉयज स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक दानिश एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में अपने साथी इमरान व भोलू संग टहलने गए थे। 

इस हत्या के खुलासे में दिल्ली के ओखला इलाके में रह रहे मूल रूप से बरला नौशा के हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों यासिर, फहद व जुबैर की भूमिका सामने आई।
जांच में उजागर हुआ कि 2018 में शाहबेज नाम के युवक की हत्या के बाद जुबैर को दानिश पर मुखबिरी करने का शक था। 
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सीटीवीटी में कैद आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सात वर्ष जेल रहने के बाद पिछले वर्ष जुलाई में ही जुबैर जेल से बाहर आया है। इसी खुन्नस में उसने साजिश रचकर अपने भाइयों यासिर व फहद से ये हत्या कराई। बृहस्पतिवार को घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने दोनों भाइयों के मददगार दानिश के पड़ोसी मित्र सलमान कुर्ते वाला को जेल भेजा है। 
 
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सीटीवीटी में कैद आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिस आईडी पर जुबैर सक्रिय था, वह बृहस्पतिवार तक पब्लिक थी, अब वह प्राइवेट हो गई है। इसके बाद पुलिस अब इन शूटर भाइयों की अन्य गतिविधियों व अन्य एकाउंटों पर काम कर रही है। साथ में इन शूटर भाइयों के अन्य करीबियों व परिचितों को भी तलाशा जा रहा है।
 

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गैंगवार में आतिफ की हत्या के बदले का लगा बायो स्टेटस
बेशक यह आईडी प्राइवेट कर दी गई है। मगर इसके बायो स्टेटस पर एएमयू छात्र आतिफ की हत्या का बदला लेने का उल्लेख है। इस बायो में लिखा है कि अपने भाई का बदला जरूर लेंगे। आतिफ का बदला जरूर होगा। बहुत जल्द होगा। अलीगढ़ का बाप। बता दें कि 2018 में शाहबेज की हत्या के बदले में जनवरी 2021 में जाकिर नगर में एएमयू छात्र आतिफ की हत्या हुई थी। 
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AMU Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
आतिफ भी जुबैर का करीबी दोस्त था और वह भी शाहबेज की हत्या में जेल गया था। मुनीर के जेल जाने व उसके मारे जाने के बाद जुबैर ने बेशक गैंग की कमान संभाल ली। बाद में एक लड़की को लेकर इस गिरोह में बिखराव हुआ और गैंगवार हुई, तभी शाहबेज व आतिफ की हत्या हुई थी।
 
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रॉव दानिश अली की हत्या पर सांत्वना देते एसएसपी - फोटो : संवाद
कौन है देवराज उर्फ राहत
शूटर जुबैर जिस आईडी को ‘देवराज गैंग अलीगढ़’ के नाम से चलाता है। वह देवराज उर्फ राहत उसका बेहद करीबी दोस्त है। मूल रूप से बिहार चंपारन का देवराज उर्फ राहत दानिश हत्याकांड में बृहस्पतिवार को जेल भेजे गए सलमान के छोटे भाई मामून को गोली लगने की घटना के बाद से गायब है। मामून भी इन दोनों का करीबी दोस्त था। उसी देवराज के नाम से ये जुबैर ये आईडी चलाता है।
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मृतक शिक्षक रॉव दानिश अली, मेडिकल पहुंचे पुलिस अधिकारी - फोटो : संवाद
एएमयू परिसर में लगी थी सलमान के भाई को गोली
बृहस्पतिवार को जेल भेजे गए सलमान के भाई मामून को 2020 में एएमयू के एसएस नार्थ परिसर में गोली लगी थी। उस हमले की घटना में अकरम टिप्पा व उसके कुछ साथी जेल भी गए थे। छह माह बाद मामून की मृत्यु हो गई, लेकिन हमले की घटना आज तक हत्या में तरमीम नहीं हुई।
 

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मृतक शिक्षक रॉव दानिश अली, मेडिकल पहुंचे पुलिस अधिकारी जानकारी करते हुए - फोटो : संवाद
तब जुबैर के साथी ने दिल्ली पुलिस पर चलाई थी गोली
शाहबेज हत्याकांड में 20 हजार का इनामी जुबैर जब 2019 में दिल्ली के न्यू फ्रेंडस कॉलोनी इलाके में दंपती से लूट में पकड़ा गया, तब पुलिस उसे रिमांड पर अलीगढ़ लेकर आई थी। सर सैयद नगर में दबिश के समय छत से कूदने पर गाजियाबाद का अपराधी अदनान गोल्डन जख्मी हो गया था, उसने पुलिस पर गोली चला दी थी। पुलिस उसे यहां हथियारों की बरामदगी के लिए लेकर आई थी। उसी से गाजियाबाद के सुदामापुरी विजय नगर के अदनान उर्फ गोल्डन, अंबर आदि के नाम उजागर हुए थे। दबिश में अदनान ने भागते समय पुलिस पर गोली चलाई थी। बाद में उसे पकड़ा गया था, तभी यह उजागर हुआ था कि जुबैर यूपी व दिल्ली में मुनीर के गैंग को ऑपरेट कर रहा था।

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मृतक शिक्षक रॉव दानिश अली - फोटो : फाइल फोटो
आठ दिसंबर को आया अलीगढ़...घटना वाले दिन आने पर जांच
राव दानिश हत्याकांड में जिन हिस्ट्रीशीटर भाइयों जुबैर व यासिर-फहद को पुलिस तलाश रही है। उनमें से जुबैर के आठ दिसंबर को आखिरी बार अलीगढ़ आने के इनपुट उसके इंस्टा एकाउंट से मिले हैं। इसके बाद वह घटना वाले दिन अलीगढ़ आया या नहीं, इस पर अभी तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं है, लेकिन कुछ इनपुट मिल रहे हैं।
 

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जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : संवाद
फहद ने 2023 में एक लूट को अंजाम दिया था, तब उसके अलीगढ़ आने के इनपुट मिले थे।पुलिस सूत्रों के अनुसार जुबैर की दो आईडी में से एक देवराज नाम से व दूसरी खुद के नाम से है। खुद के नाम वाली आईडी पर उसके तमाम वीडियो में से आखिरी वीडियो आठ दिसंबर का है, जिसमें वह अलीगढ़ आने का उल्लेख कर रहा है। इसके बाद कोई सुराग नहीं है। घटना वाले दिन यासिर और फहद के पास जिस नंबर का इनपुट मिला है, उसे कभी जुबैर भी प्रयोग करता रहा है। इसलिए घटना वाले दिन उसके अलीगढ़ आने की तस्वीर साफ नहीं। इस पर जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
 

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रॉव दानिश अली की हत्या पर सांत्वना देते एसएसपी - फोटो : संवाद
दानिश से विवादों की कड़ियां भी जोड़ रही पुलिस
हिस्ट्रीशीटर भाइयों द्वारा राव दानिश की हत्या में मुखबिरी के अलावा उनसे विवादों की कड़ियां भी पुलिस जोड़ रही है। जिसमें मुखबिरी विवाद के अलावा अन्य तरह के विवादों पर भी फोकस किया जा रहा है। इसके लिए एएमयू व इर्द गिर्द के मुखबिरों की मदद ली जा रही है। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि पूर्व में इस गिरोह में हुईं हत्याओं में दानिश की किसी तरह की भूमिका तो नहीं रही। कहीं रंगदारी से लेकर किसी व्यापारी या महिला को लेकर दानिश का इन हिस्ट्रीशीटर भाइयों से विवाद तो नहीं रहा। इसी क्रम में दानिश के तमाम करीबियों से जानकारी जुटाई जा रही है।
 
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घटनास्थल पर जांच करता डॉग स्क्वाड - फोटो : संवाद
बोले एसपी सिटी
इस विषय में एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक कहते हैं कि अब हमारा पूरा फोकस यासिर, फहद व जुबैर को पकड़ने पर है। उनके पकड़े जाने के लिए दिल्ली से भी मदद ली जा रही है। साथ में उनके विषय में एक एक कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। उनके पकड़े जाने पर ही हत्या की अन्य वजह भी सामने आ सकेंगी। यह भी स्पष्ट होगा कि वे दिल्ली में रहकर अपराध जगत के लॉरेंस सहित किन किन ग्रुपों से जुड़ गए हैं।
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