अलीगढ़ में बाइक शोरूम संचालक अभिषेक की हत्या में आरोपी पूजा शकुन पांडेय 20 साल पहले मिट्टी का तेल डालकर कॉलेज की छत पर चढ़ गई थी। आरोपी महामंडलेश्वर ने पिता के निलंबन के विरोध में जेवी जैन कॉलेज सहारनपुर में बखेड़ा किया था। आत्मदाह की चेतावनी दी थी।
अलीगढ़ में बाइक शोरूम संचालक अभिषेक की हत्या में आरोपी पूजा शकुन पांडेय उर्फ महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती का छात्र जीवन से ही विवादों से नाता रहा है। वर्ष 2005 में उसके पिता आरआर आजाद जेवी जैन कॉलेज में प्राचार्य थे और उन्हें निलंबित कर दिया गया था, जिसके विरोध में वह कॉलेज की छत पर चढ़ गई थी और खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। पांच घंटे तक कॉलेज में बखेड़ा चला था।
यह घटना सहरानपुर में 20 फरवरी 2005 को हुई थी। उस समय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दबाव में कॉलेज की प्रबंध समिति ने आरआर आजाद का निलंबन वापस ले लिया था, तब जाकर पूजा कॉलेज की छत से उतरी थी।
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पूजा शकुन (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां-बाप, भाई और नौकर के साथ हुई थी गिरफ्तार
उसके बाद समर्थकों के साथ आरआर आजाद कॉलेज के प्राचार्य कक्ष पर पहुंचे और ताला तोड़कर प्राचार्य की कुर्सी कब्जा ली थी। देर शाम समर्थकों की भीड़ छंटने के बाद पुलिस ने पूजा को आत्मदाह की कोशिश करने और उसे आत्मदाह करने के लिए उकसाने में पिता आरआर आजाद, मां शकुंतला, भाई विवेक व नौकर हरीसिंह को गिरफ्तार कर लिया था।
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पूजा शकुन का स्वागत करते हुए अभिषेक गुप्ता (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दरअसल, 2005 में पूजा के पिता आरआर. आजाद जेवी जैन कॉलेज के प्राचार्य थे, जिन्हें अनियमिताओं के आरोप में प्रबंध समिति ने निलंबित कर दिया था। डॉक्टर अनिल वर्मा को उनके स्थान पर प्राचार्य बनाया गया था। उस समय पूजा भी जेवी जैन कॉलेज में ही पढ़ती थी।
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पूजा शकुन (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुर्खियों में रही थी घटना
पिता को निलंबित किए जाने के विरोध में वह कॉलेज की छत पर चढ़ गई और उन्हें बहाल नहीं करने पर माचिस लहराते हुए आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। इतना ही नहीं पूजा ने यह भी धमकी दी थी कि डॉक्टर अनिल वर्मा को चाकू मारकर खुद भी जान दे देगी।
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अभिषेक गुप्ता के साथ पूजा शकुन (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामला गरमाता देख पुलिस प्रशासन ने अनिल वर्मा को भी कॉलेज आने से रोक दिया था और उनसे कहा था कि आपके कॉलेज आने से विवाद और बढ़ सकता है, वह कोई गलत कदम उठा सकती है।
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महामंडलेश्वर पूजा शकून पिस्टल चलाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूजा के जीवन से जुड़े विवाद
1.प्रेम विवाह कर बदला था अपना नाम
अलीगढ़ में प्रो. आरआर आजाद के दो बच्चों में छोटी पूजा का परिवार द्वारा रखा गया नाम पूजा ही था। मगर वर्ष 2008 में पीएचडी करने के समय पूजा ने परिवार के विरोध के बीच अशोक पांडेय संग शादी की। वे गाजियाबाद आ गए। तब पूजा ने अपना नाम बदलकर पूजा शकुन पांडेय रखा था। तभी वह गाजियाबाद के कॉलेज में गणित की प्रोफेसर बनीं। अशोक संग यहां बस गई।
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अभिषेक गुप्ता के साथ पूजा शकुन (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
2.
छात्रा की आत्महत्या पर छोड़ी प्रोफेसरी
पूजा जिस कॉलेज में पढ़ाती थी। उस कॉलेज में 2012 में दूसरे समुदाय के छात्र के प्रेम जाल में फंसी छात्रा ने आत्महत्या की थी। इसी घटना में पूजा ने हिंदुत्व का झंडा उठाकर अपने पिता प्रो. आरआर आजाद के नाम से एक एनजीओ आजाद हिंद सामाजिक कल्याण समिति बनाया। खुद जॉब छोड़ दी। अशोक पांडेय को इस एनजीओ का प्रमोटर बनाया। फिर हिंदू महासभा में शामिल होकर काम शुरू कर दिया।
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अभिषेक गुप्ता के साथ पूजा शकुन (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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शरिया की तर्ज पर बनाई हिंदू अदालत, दिए आदेश
अलीगढ़ में हिंदू महासभा के बाद संन्यास ग्रहण करने पर पूजा ने अपने पति से तलाक भी लिया। साथ में शरिया कानून की तर्ज पर 15 अगस्त 2018 को सनातन हिंदू न्यायपीठ का गठन कर खुद उसकी मुख्य न्यायाधीश बनी। उस समय कई निर्णय भी सुनाए गए थे। जिसमें लोगों ने पूजा की बात भी मानी थी।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी और पूजा शकून की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
4.
गांधी के पुतले को गोली मार बनी लेडी गोडसे
इसी बीच पढ़ने के इरादे से अभिषेक को उसके परिवार ने पूजा के पास भेज दिया था। तभी 2 अक्तूबर 2019 में पूजा शकुन ने अपने घर में ही गांधी के पुतले को गोली मारकर सुर्खियां बटोरीं। उस समय सबसे पहले अभिषेक जेल गया। बाद में पूजा व अशोक भी जेल गए। तब सोशल मीडिया पर पूजा को लेडी गोडसे के नाम से संबोधित कर प्रचारित किया गया।