अभिषेक हत्याकांड में साजिश रचने वाली आरोपी पूजा शकून पांडेय ने 15 दिन में 2,300 किमी का सफर किया। पूजा एक शहर से दूसरे शहर भागती रही।
अलीगढ़ से भागने के बाद गाजियाबाद-हरिद्वार से मुरादाबाद, प्रयागराज और जयपुर पहुंची। अग्रिम जमानत के लिए प्रयागराज भी गई।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पूजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिस महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय का जिले में अपना रसूख था। महामंडलेश्वर हर दिन साफ सुथरा या नया भगवा चोला पहन कर सिंहासन पर विराजमान होती थी। उसी पूजा को हत्या में फरारी में चार दिन तक एक ही भगवा चोला में समय काटना पड़ा। हरिद्वार पहुंचकर उसने अपने लिए चार जोड़ी नए कपड़े खरीदे। वहां भगवा चोला उताकर उन चार जोड़ी कपड़ों से उसने आगे फरारी के दस दिन काटे। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो उसके पास बैग में तीन जोड़ी कपड़े मिले, जबकि एक जोड़ी नए कपड़े वह पहने हुए थी। मगर भगवा चोला पास नहीं था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पूजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूजा जब 26 सितंबर की रात फरार हुई, तब वह बिना कपड़े साथ लिए करीब 60 हजार रुपये लेकर भगवा चोले के ऊपर बुर्का पहनकर गई थी। यहां से भागकर डासना होते हुए 28 सितंबर की रात में हरिद्वार पहुंचकर उसने 29 सितंबर को हरिद्वार में चार जोड़ी कपड़े खरीदे। इस बीच गंगा स्नान भी किया। मगर फिर भगवा चोला उतारकर खरीदे हुए शूट पहनना शुरू कर दिया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पूजा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्हीं कपड़ों को साथ लिए वह इधर उधर दस दिन तक घूमी। इस बीच रसूखदार पूजा से वे करीबी भी दूरी बनाने लगे थे, जो हर समय हर आदेश का पालन करने को सिर के बल खड़े रहते थे। इसी वजह से उसे न तो डासना में शरण मिली। न हरिद्वार में ही सहारा मिला। मुरादाबाद रुकने के बाद वह आगे का समय जयपुर काटने पहुंची थी। मगर वहां भी उसे शरण नहीं मिली।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पूजा
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निरंजनी अखाड़े के महंत तक जानते थे मारे गए अभिषेक को
बाइक शोरूम संचालक अभिषेक की हत्या के मूल में पार्टनरशिप विवाद में पूजा व अभिषेक के रिश्तों की दूरी बड़ा कारण बनी है। यही बात अब तक अभिषेक का परिवार कहता आया है। दोनों में बेहद करीबी रिश्ते थे। इन रिश्तों के चलते अभिषेक को शादी तक नहीं करने दी। वह हमेशा साथ रहता था। यही वजह रही कि पूजा शकुन अपने साथ हमेशा अभिषेक को लेकर जाया करती थी।
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आरोपी पूजा को भेजा गया जेल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खुद निरंजनी अखड़े के संत महंत तक अभिषेक को बेहद करीब से जानते थे। जब पुलिस टीम हरिद्वार जूना व निरंजनी अखाड़े उसकी खोज में पहुंची तो वहां बातचीत में सभी संत महंत दंग रह गए। यह लडक़ा तो हमेशा पूजा के साथ आया करता था। कई बाद उसका पति साथ नहीं आता था, मगर वह जरूर आता था। दोनों में किस वजह से विवाद हुआ कि हत्या तक बात पहुंच गई।
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आरोपी पूजा को भेजा गया जेल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सन्यास जीवन के चलते नहीं रखा करवा चौथ का व्रत
पुलिस ने शुक्रवार देर शाम जब पूजा शकुन को पकड़ा, तब महिला पुलिस टीम भी साथ थी। बस में से उतारकर अपनी गाड़ी में लाने के बाद कुछ दूर चलकर पुलिस थोड़़ा आराम करने के इरादे से एक होटल पर रुकी। वहां चाय-पानी पीने का इंतजाम किया गया। तब पूजा से करवा चौथ का हवाला देकर चाय-पानी के लिए पूछा तो उसने सन्यास जीवन के चलते व्रत न रखने की बात कही। साथ में पुलिसकर्मियों द्वारा दिया गया चाय-पानी भी पीया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सरेंडर करने की दे रखी थी अधिवक्ताओं ने सलाह
अभिषेक गुप्ता हत्याकांड में गिरफ्तार पूर्व महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर होने की आस थी। इसी आस में वह फरारी के 15 दिन में 2300 किमी तक भागी। इसी आस में उसने अलीगढ़ में दायर अग्रिम जमानत अर्जी वापस लेकर अगले दिन हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दायर कराई। खुद वह अधिवक्ताओं संग हाईकोर्ट तक गई थी। तय किया था कि अग्रिम जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट के निर्णय के बाद ही सरेंडर पर विचार किया जाएगा। यह तथ्य अब उसके पकड़े जाने के बाद उजागर हो रहे हैं।