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रमणरेती आश्रम में बाबा रामदेव ने की हाथी की सवारी, वोकल फॉर लोकल पर बोले-मौलिक काम भी होना चाहिए

Wed, 25 Nov 2020 05:28 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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रमणरेती आश्रम में हाथी पर सवार योग गुरु - फोटो : अमर उजाला
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि तुलसी एवं वाल्मीकि जैसे संत अमर हैं। ये अपने द्वारा छोड़े गए आध्यात्मिक ज्ञानकोष के रूप में सदैव अमर रहेंगे। रमणरेती धाम में उदासीन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरुशरणानंद जी के सान्निध्य में प्रख्यात रामकथा वाचक संत मोरारी बापू की रामकथा सुनने बुधवार को आए योगऋषि बाबा रामदेव ने कहा कि स्वदेशी के बिना भारत कभी आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।
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रमणरेती आश्रम में योग करते बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री के चर्चित नारे, 'वोकल फॉर लोकल' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में कुछ मौलिक काम होना चाहिए। ईस्ट इंडिया कंपनी से लेकर कोकाकोला तक सभी ने अभी तक इस महान देश को बुरी तरह लूटा है।
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रमणरेती आश्रम में हाथी पर सवार बाबा रामदेव - फोटो : वीडियो से ली गई तस्वीर
बाबा रामदेव ने कहा मात्र स्वदेशी वस्तुओं से ही देश का काम चलने वाला नहीं है, इसके लिए हमारा पूरा अस्तित्व ही स्वदेशीमय हो जाना चाहिए। इसके लिए हमारी बोली- भाषा, खान-पान, वस्त्राभूषण, आचार-विचार सभी कुछ अपनी देश की संस्कृति के अनुरूप परिवर्तित करनी पड़ेगी। तभी हम विश्व में सम्मानित होकर विश्वगुरु का गौरवपूर्ण स्थान प्राप्त कर सकेंगे। 

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गुरु शरणानंद के साथ योग गुरु बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला
योगगुरु ने कहा कि महापुरुषों का एक-एक शब्द मंत्र होता है तथा उनकी वाणी एवं मौन दोनों समान रूप से महत्त्वपूर्ण होते हैं। योग एवं प्राणायाम के महत्व को विस्तार से रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वे रमणरेती धाम में बिना बुलाए अपने आप सदैव उसी भाव से आते हैं जिस प्रकार एक शिष्य अपने गुरु अथवा पुत्र अपने पिता के पास आता है। कार्यक्रम में मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास, स्वामी स्वरूपानंद एवं आचार्य अशोक कुमार जोशी मौजूद रहे। 
 
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बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला
बाबा रामदेव ने की हाथी की सवारी 
रमणरेती धाम पहुंचे योग गुरु बाबा रामदेव ने हाथी की सवारी की। इस दौरान गुरुशरणानंद भी मौजूद रहे। पिछली बार आश्रम में आए बाबा रामदेव हाथी की सवारी के दौरान गिरे थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव के बारे में तरह-तरह की संदेश चर्चा में आए। इस पर बाबा रामदेव ने कहा कि वह गिरे नहीं थे। हाथी से कूदते ही संभल गए थे और पूरी तरह स्वस्थ रहे, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने गलत संदेश प्रचारित कर दिए। 
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