बीते साल गोल्डी काइरोनोमस कीड़ों के हमले के बाद हरी हुई ताज की दीवारें अब काली पड़ रही हैं। ताजमहल के मुख्य गुंबद की संगमरमरी आर्च और दीवारों पर काले रंग के धब्बे पाए गए हैं। एएसआई रसायन शाखा ने इन दागों की जांच के लिए दो अधिकारियों की टीम बना दी है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
पहले की तरह कीड़ों के हमले की जांच को गुरुवार रात को दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई, जो कीड़ों की पहचान और उनके द्वारा छोड़े जाने वाले मल पर नजर रखेंगे। शुक्रवार को ताज बंदी पर काले धब्बों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
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यमुना नदी में भारी प्रदूषण के कारण पनपे कीड़ों से अप्रैल और अक्तूबर में ही ताज की उत्तरी दीवार पर हरे धब्बे लगते रहे हैं, लेकिन गुरुवार को इसी दीवार पर काले धब्बे दिखाई दिए। एएसआई रसायन शाखा ने काले धब्बों की जांच के लिए तुरंत दो रसायनविद आशुतोष चौहान और अभिलाषा को भेजा।
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गुंबद की उत्तरी आर्च पर ऊंचाई ज्यादा होने से प्रथम दृष्टया धब्बों की दो वजह नजर आई हैं। पहली बारिश के मौसम में आर्द्रता ज्यादा होने से संगमरमर पर एल्गल ग्रोथ (काई) का जमाव हो सकता है। दूसरी कीड़ों द्वारा छोड़े गये मल से संभव है।
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कीड़ों और मल की जांच के लिए एएसआई रसायन शाखा के दो कर्मचारी रात भर ताज पर तैनात किए गए हैं। सुबह कीड़ों के हमले से जुड़े सैंपल लिए जाएंगे। खास पहलू ये है कि काले दाग बेहद ऊंचाई पर वहीं है, जहां संगमरमर की डिजाइन है।
अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद डॉ. एम के भटनागर ने बताया कि ताज पर काले रंग के दाग किससे लगे हैं, इसकी जांच के लिए दो अधिकारियों को लगाया गया है। दो कर्मचारियों की ड्यूटी रात भर लगाई गई है जो जांचेंगे कि यह कीड़ों द्वारा छोड़े जाने वाले मल के कारण तो नहीं हैं। शुक्रवार को काले दाग के सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी, तब इसकी वजह पता चल सकेगी।