वसंती मौसम में विदेशी पक्षी सात समंदर पार कर कासगंज जिले की दरियावगंज झील पर पहुंच गए हैं। इन परिंदों की अठखेलियों ने दरियावगंज झील की खूबसूरती को और बढ़ा दिया है। रविवार को वेटलैंड दिवस (आर्द्रभूमि दिवस) के अवसर पर यहां पहुंचे स्कूली बच्चे और अफसर प्राकृतिक संदुरता के बीच अठखेलियां करते पक्षियों को अपने कमरे में कैद करने से खुद को रोक नहीं पाए।
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दरियावगंज झील में विदेशी पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
सर्द मौसम में कासगंज जिले की जमीन पर हर साल विदेशी परिंदे आते हैं। रंग-बिरंगे पक्षी जिले के आर्द्र क्षेत्रों में पहुंचते हैं। इस बार वन विभाग ने अधिक से अधिक मेहमान परिंदों को दरियावगंज झील पर संरक्षण देने की योजना बनाई। इस झील को आकर्षक बनाया है। इन दिनों झील पर विदेशी परिंदे प्रवास कर रहे हैं, जो आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
रविवार को आर्द्रभूमि दिवस पर विदेशी पक्षियों का आकर्षण देखने के लिए दरियावगंज झील पर कई स्कूलों के बच्चों सहित पक्षी प्रेमी पहुंचे। अफसरों एवं विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पक्षियों के महत्व के बारे में बताया। इस दौरान दरियावगंज झील पर हुई प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पक्षी के बारे में अपने तर्क रखे, वहीं विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
वन विभाग के अनुसार झील में ग्रोलेक गूज, फूट्स, कारगोनेट, पर्पल गूज, पर्पल हेरोन, पिन्टेन, सोबलर, हैडिक गूज, हैरोज सहित कई विदेशी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। आर्द्रभूमि दिवस पर वन विभाग ने राजकीय पक्षी सारस के संरक्षण का संकल्प लिया। जिले में राजकीय पक्षी सारस की गणना पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ ने बताया कि विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर गौखुर आर्द्र क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित कराए गए। विद्यार्थियों ने झील पर पहुंचकर विदेशी पक्षियों की चहलकदमी देखी और पक्षियों के बारे में जानकारी प्राप्त की है। इस अवसर पर पटियाली के एसडीएम शिवकुमार, तहसीलदार तिमराज सिंह एवं रेंज ऑफिसर अशोक शाक्य भी मौजूद रहे।