विश्व पर्यटन दिवस पर इस बार न मालाएं थीं न तिलक और आरती का थाल। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सैलानियों का स्वागत पानी की बोतल देकर किया गया। गाइडों ने सैलानियों को इस बात के लिए शुक्रिया कहा कि उन्होंने ताजमहल पर आकर आगरा के सुरक्षित होने का संदेश दिया है। उनकी वजह से पर्यटन उद्योग से जुड़े लाखों लोगों की रोजी-रोटी फिर से चलने लगी है। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने पर्यटकों को 25 फीसदी की छूट दी।
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सैलानियों का स्वागत करते गाइड
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के पूर्वी गेट पर फैसिलिटी सेंटर के सामने गाइड एसोसिएशन के शमसुद्दीन खान, अखिलेश दुबे, कपिल जैन, विनोद चौधरी, नंदू गुप्ता, धीरज पाल सिंह आदि हाथों में धन्यवाद संदेश लिखे कार्ड लेकर पहुंचे। यहीं पर उन्होंने पर्यटकों को पानी की बोतल प्रदान की। निशुल्क सेवाएं भी उपलब्ध कराई। एसपी गोयल, राहुल शिवहरे, रवि सिंह प्रजापति, बॉबी कोठारी, मोहम्मद सबा, आरिफ मौजूद रहे।
कोविड-19 प्रोटोकॉल के कारण पर्यटकों का स्वागत फूल मालाओं से नहीं किया, लेकिन हमारे कुछ एंपोरियम खुले रहे जिन्होंने पर्यटकों को छूट देकर उनका शुक्रिया अदा किया। उनके आगमन ने पर्यटन से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित किया है -प्रहलाद अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा टूरिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन
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ताज के साए में सेल्फी लेतीं युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
सप्ताहांत में ताजमहल पर उमड़े सैलानी, 7 दिन में 3 गुना तक बढ़े
21 सितंबर को ताजमहल और आगरा किला पर्यटकों के लिए खोल दिए गए थे। महज 7 दिन में ही ताजमहल और आगरा किला पर पर्यटकों की संख्या में 3 गुना इजाफा हुआ है। खासकर शनिवार और रविवार को सैलानियों की संख्या जबरदस्त तरीके से बढ़ी। ताज खुलने पर सोमवार को जहां 1235 पर्यटक आए थे वहीं रविवार को इनकी संख्या 3512 हो गई। पर्यटन उद्योग सैलानियों के ताजमहल के प्रति दीवानगी से उत्साहित हुआ है। उद्यमियों का मानना है कि ताज पर सैलानियों की यह संख्या तब है, जब विदेशी उड़ानें और पर्यटक ट्रेनें बंद हैं और सैलानी केवल अपने वाहन से ही आ जा रहे हैं।
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ताजमहल पर आए सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को ताजमहल में शनिवार के मुकाबले पर्यटक ज्यादा आए। 21 सितंबर को ताजमहल खुलने के बाद यह पहला रविवार था जिस वजह से सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ। न केवल ताजमहल बल्कि आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, अकबर का मकबरा, एत्माद्दौला, समेत समय स्मारकों में सैलानियों की संख्या में करीब 3 गुना इजाफा हुआ है।
ताज के साथ कराएं आगरा दर्शन- जागो आगरा
संस्था जागो आगरा ने कोरोना के कारण लगे झटके से उबरने के लिए ‘आगरा दर्शन' का सुझाव दिया है। संस्थापक मनीष अग्रवाल के मुताबिक पर्यटकों को आगरा में 3 दिन रोकने के हिसाब से प्रचार किया जाए। इस पर्यटन सीजन से ही यह कार्य शुरू हो सकता है। आगरा दर्शन में हर श्रेणी के पर्यटक के बजट के अनुसार सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं। शहरी क्षेत्र की धरोहरों के साथ बाह, सीकरी, सूर सरोवर, जोधपुर झाल के प्राकृतिक सौंदर्य को जोड़ें। आगरा दर्शन के साथ सैलानियों को उन स्थलों को भी दिखाना चाहिए जहां शहर के पारंपरिक उत्पाद बनते हैं। देशी-विदेशी मेहमानों के आने से इन उद्यमियों में बेहतर प्रदर्शन की ललक उत्पन्न होगी। इसके साथ ही इनको अपने उत्पादों की सीधे बिक्री का मौका मिल सकेगा।