बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देतीं छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
विश्व जनसंख्या दिवस पर ताजनगरी आगरा से खुशखबर है। आज बेटियां किसी से कम नहीं है। इस बात को अब ज्यादातर लोग मानने लगे हैं। यही कारण है कि बेटियों के जन्मदर में लगातार वृद्धि हो रही है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का असर भी दिखने लगा है। वर्ष 2001 से अब तक पर नजर डालें तो बेटियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक आगरा जिले में महिला-पुरुष का औसत 866/1000 था। बेटियों के कम औसत से पारिवारिक ढांचा भी बिगड़ने लगा, तब बेटियों की महत्ता लोग समझने लगे। भ्रूण लिंग जांच पर सख्त कानून और जागरूकता के चलते बेटियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2018 में महिला-पुरुष का औसत 928/1000 पहुंच गया है।
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स का कहना है कि परिवार और समाज के लिए बेटियां जरूरी हैं। इनकी कमी से आने वाली विकृतियां और पारिवारिक ढांचा भी बिगड़ा। अब लोग जागरूक हुए हैं और बेटियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो शुभ संकेत हैं।