आगरा में मच्छर लगातार ताकतवर हो रहे हैं, 42 डिग्री सेल्सियस तापमान होने पर भी मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हुआ है। मच्छर डंक मारकर लोगों को परेशान कर रहा है। इस समय क्यूलेक्स मच्छर ज्यादा हैं। एनाफिलीज मच्छर भी पनपने लगा है। मादा एनाफिलीज के काटने से मलेरिया के परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश कर लोगों को बीमार करता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विशेषज्ञ बताते हैं कि एनाफिलीज की अधिकतम आयु 40 दिन रहती है। इसके पनपने के लिए साफ और स्थिर पानी होना जरूरी है। यह मच्छर 35 से 40 डिग्री सेल्सियस में ज्यादा प्रभावी रहता है। लेकिन अब तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर गया है, लेकिन मच्छर अभी डंक मार रहे हैं।
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जिला मलेरिया अधिकारी आरके दीक्षित बताते हैं कि 40 डिग्री सेल्सियस के बाद मच्छर ज्यादा समय तक जीवित नहीं रहता। लेकिन घरों में एसी-कूलर होने के कारण तापमान कम रहता है, जिससे मच्छर डंक मारता है। अभी क्यूलेक्स मच्छर ज्यादा है।
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एनाफिलीज मच्छर नमी वाले क्षेत्र में ज्यादा प्रजनन करता है। बरसात होने पर यह मच्छर सबसे ज्यादा खतरनाक होता है, तेजी से भी पनपता है। ऐसे में यह जुलाई और अगस्त में सबसे ज्यादा खतरनाक रहता है। इन दिनों में मलेरिया के मरीज भी खूब रहते हैं। पिछले साल स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट मानें तो 86 मरीज मलेरिया के रहे, करीब 700 के नमूने लिए गए थे। इस साल अभी मलेरिया को कोई मरीज नहीं बताया गया है।
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मलेरिया के यह हैं लक्षण:
- तेज बुखार के साथ ठंड लगना,
- उल्टी-दस्त होना, पसीना आना,
- हाथ-पैर में कंपकंपी आना
- सिर दर्द और शारीरिक कमजोरी
ये बरतें सावधानी:
- अपने आसपास जलभराव न होने दें।
- मिट्टी के तेल की कुछ बूंदे छिड़क दें।
- पूरे बाजू के कपड़े पहनकर सोएं
- मच्छरदानी का उपयोग करें।
- थोड़ा भी बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें ।