महिला स्पेशल सखी बस सेवा बंद हो जाने के बाद अब सिटी बसों में महिलाओं को धक्के खाने पड़ रहे हैं। महिलाओं के आरक्षित सीटों पर पुरुषों का कब्जा है। इस पर कंडक्टर कुछ कहता भी नहीं है। अमर उजाला टीम ने भगवान टाकीज से प्रतापपुरा तक सिटी बस में सफर कर महिलाओं की परेशानियों का जायजा लिया...
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महिला सीट पर बैठे पुरुष
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर 2.15 बजे, स्थान: भगवान टाकीज: आगरा कैंट जाने वाली सिटी बस में खासी भीड़ है। महिला सीटों की कतार में पुरुष बैठे हैं। इनके बीच में एक महिला भी बैठी हुई है। हरीपर्वत चौराहे पर बस रुकती है तो 15-16 सवारियां चढ़ती हैं, जबकि 8-10 उतर जाती हैं। इनमें तीन युवतियां भी हैं, वह सीट देखती हैं मगर कोई सीट खाली नहीं है। कंडक्टर उन्हें बस में ही आगे की ओर बढ़ने का इशारा करता है। वह युवकों की धक्का मुक्की के बीच आगे बढ़ती है। सीट न मिलने पर खडी़ हो जाती हैं।
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सिटी बस में बैठने के लिए जद्दोजहद करतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
सेंट जोंस चौराहा, समय : 3:25 बजे, दो युवतियों के साथ ही पांच युवक भी बस में चढ़ते हैं। दो लोग उतरते हैं तो सीट खाली हो जाती हैं। एक युवक भागकर सीट पर बैठ जाता है। यह देख युवती तेजी से कदम बढ़ाती है मगर पहले से खड़ा युवक फुर्ती से सीट पर बैठ जाता है। युवती खड़े होकर देखती रह जाती हैं।
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सिटी बस में महिलाएं बीच में खड़ा युवक
- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं की सीट खाली नहीं करें तो कंडक्टर से शिकायत करें
सवाल: सिटी बसों में महिला सीट पर पुरुष कब्जा कर लेते हैं, उन्हें कंडक्टर उठाते तक नहीं हैं? जवाब: कंडक्टर को निर्देश है कि महिला सीट पर महिलाओं को ही बैठाएं, अगर कोई व्यक्ति सीट से नहीं छोड़ता है तो गाड़ी को रोक दें।
सवाल: इसके बाद भी महिला सीटों पर पुरुष सफर कर रहे हैं। चेकिंग क्यों नहीं करते हैं अधिकारी। जवाब: चेकिंग दस्ता संजय प्लेस, प्रताप पुरा पर रहता है, उन्हें भी निर्देश दिए गए हैं कि वह महिला सीटों पर महिलाओं को ही बैठाएं। एमजी रोड पर बसें भी बढ़ा दी गई हैं। आरबीएल शर्मा, एमडी, महानगर बस सेवा
कंडक्टर को राजा मंडी से हरीपर्वत का दो लोगों का किराया दस रुपये पकड़ाते हैं, वह टिकट नहीं देकर आगे बढ़ जाता है। टिकट मांगने पर चार रुपये और मांगने लगता है। कहता है कि टिकट सात रुपये प्रति सवारी है। इस तरह सिटी बसों में एक से दो चौराहों के बीच का टिकट कंडक्टर किसी सवारी को नहीं दे रहा था।