होली खेलती विधवा माताएं
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महिला आश्रय सदन में रह रहीं माताओं ने बताया कि यह बहुत ही अच्छा अनुभव है। नए आध्यात्मिक अंदाज में होली का आनंद लिया। सुमित्रादासी वर्षों से वृंदावन में रहकर अपने प्रभु की भक्ति कर रहीं है, वे कहतीं हैं कि वर्षों तक उन्होंने कभी होली नहीं मनाई, त्योहार का मतलब ही वह भूल चुकी थीं लेकिन अब अपने आराध्य को समर्पित कर होली खेली।