आगरा में पांच साल के बाद मध्य जून में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। साल 2016 में प्री मानसून के कारण चार दिन तक बादल और बूंदाबांदी ने राहत दी थी, लेकिन इस बार मध्य जून में न तो बारिश ही हुई और न ही प्री मानसून के बादल छाए। उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। तापमान 40 डिग्री पर है लेकिन लोग पसीने से तरबतर हैं।
विज्ञापन
2 of 5
गर्मी से परेशान युवतियां धूप से बचाव करती हुईं
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग के मुताबिक 19 जून से पहले उन्हें गर्मी से राहत नहीं मिल पाएगी। मानसून के इस बार तय समय से पहले उत्तर प्रदेश में दस्तक दिए जाने का पूर्वानुमान जताया जा रहा है लेकिन प्री मानसून ने अभी तक लोगों को कोई राहत नहीं दी है। रविवार को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से दो डिग्री ज्यादा है।
विज्ञापन
3 of 5
भीषण गर्मी से बचाव के लिए पानी पीती युवती
- फोटो : अमर उजाला
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले तीन दिनों तक गर्मी और उमस से कोई राहत मिलने वाली नहीं है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, उमस भी परेशान करती रहेगी। 19 जून से पहले मौसम के मिजाज में बदलाव नहीं आ पाएगा।
4 of 5
बच्चे को धूप से बचाते अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
उमस भरी गर्मी में कूलर और पंखे फेल साबित हो रहे हैं। ऐसे में एसी की मांग बढ़ गई है। पहले दिन में जो दो से तीन घंटे एसी चलते थे अब पांच से छह घंटे तक एसी चलाया जा रहा है। यही हाल रात में भी है। रात में दो-तीन घंटे एसी चलाने वाले भी अब छह से आठ घंटे तक चला रहे हैं। इससे बिजली की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है। बिजली की मांग अब 320 से 325 मेगावाट पहुंच रही है, जबकि बीते सालों में जून में यह 450 से 480 मेगावाट तक रही है।