आगरा में सोमवार को प्री मानसून बारिश ने ही नगर निगम के नाला सफाई अभियान की पोल खोल कर रख दी। नालों की सफाई न होने पर शहर में जगह जगह जलभराव हो गया। कम से कम दस इलाके तालाब बने नजर आए। जलभराव से दो पहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जलभराव में होकर निकलते वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार दोपहर बारिश हुई। बारिश से निचले इलाके ही नहीं बल्कि पॉश कॉलोनियों में भी पानी भर गया। नाली चोक होने से सड़कें पानी से लबालब हो गईं। घरों के आगे भी पानी भर गया। आने जाने पर लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जलभराव में होकर निकलते वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
मदिया कटरा पर कई दो पहिया वाहन पानी में बंद हो गए। वाहन चालकों को पैदल पैदल वाहन खींचने पड़े। जयपुर हाउस में नाली चोक होने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई। सड़क और घरों में पानी भर गया।
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पहली बारिश में ही सड़कों पर हुआ जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
जयपुर हाउस के पार्षद मुकुल गर्ग का कहना है कि वो पिछले छह माह से सीवर की समस्या को लेकर शिकायत करते घूम रहे थे, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। प्री मानसून बारिश में जहां कुछ समय के लिए मौसम सुहाना हुआ। वहीं, उससे अधिक परेशानी पैदा हो गई।
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बारिश में ताजमहल का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक घंटे तक हुई बारिश से शहर तो जलमग्न हो गया, लेकिन लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। बारिश बंद होने के कुछ देर बाद ही उमस भरी गर्मी ने लोगों का परेशान कर दिया। उधर, नाले व नाली चोक होने से जगह-जगह भरे पानी से बदबू उठ रही थी। इससे राहगीरों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश से शहर के जयपुर रोड, आवास विकास, पृथ्वीनाथ फाटक, शंकरगढ़ की पुलिया, साकेत कॉलोनी, मदिया कटरा, अलवतिया रोड, सुभाष नगर, सेंट जोंस से लोहामंडी पुल, जयपुर हाउस आदि इलाकों में जलभराव हो गया।