फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश के बाद 'स्मार्टसिटी' में सरकारी स्कूल बन गए तालाब, ऐसे हो रही पढ़ाई

Sat, 22 Jul 2017 04:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
1 of 6
स्कूल में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी बनने जा रही ताजनगरी आगरा की हकीकत की यही तस्वीर है। यह स्कूल है जगदीशपुरा का। नाम है प्राचीन प्राथमिक विद्यालय । मानसून क्या आया, बच्चों की मुसीबत आ गई। शनिवार को स्कूल पहुंचे तो पानी भरा था। इमारत जर्जर है, कभी भी गिर सकती है, इसलिए टीचर ने खुले मैदान में बिठा दिया। 
विज्ञापन

2 of 6
स्कूल में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
बैठने के लिए बेंच क्या टाट-पट्टी तक नहीं है। बेचारे बच्चे, बैठने के लिए कोई टूटी ईंट उठा लाया, तो कोई चप्पल उतारकर उन पर ही बैठ गया। पढ़ाई भी ठीक से नहीं हुई, क्योंकि ब्लैक बोर्ड नहीं था। और तो और मिड डे मील भी नहीं मिला। घास पर बैठे बच्चों को मच्छर काटते रहे।
विज्ञापन

3 of 6
स्कूल में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
यह हकीकत सिर्फ बानगी है। शहर के आधे से ज्यादा स्कूलों का यही हाल है। जर्जर इमारत, बारिश को झेल नहीं पाईं। जगदीशपुरा का यह विद्यालय किराए के भवन में चलता है। आधे में मकान मालिक रहता है, आधे में स्कूल चलता है। बीती तीन जुलाई को हुई बरसात के बाद ईंट पर बैठकर बच्चे पढ़े थे। 

4 of 6
स्कूल में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को हुई बारिश में बच्चे और शिक्षक सभी भीग गए। इस विद्यालय में 66 बच्चे पढ़ते हैं। इसी परिसर में जूनियर हाईस्कूल का भी एक कमरा है। इसमें 26 छात्र-छात्राएं हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
स्कूल में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
मुख्य शिक्षिका अलका पालीवाल बताती हैं कि स्कूल किराए पर चल रहा है। कमरा नहीं है। जिला प्रशासन और विभाग के अधिकारियों से सुविधा कराने की मांग कर चुके हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
स्कूल में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
इस विद्यालय में शौचालय भी नहीं है। पेयजल की व्यवस्था भी नहीं। बच्चे पानी पीने के लिए दूर जाते हैं। मिड-डे मील भी खुले में बनता है। वह भी रसोई गैस पर नहीं, लकड़ी से जलने वाले चूल्हे पर।


(फोटो- राहुल कुमार/प्रशांत झा)
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें