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आगरा जेल में हुई शिनाख्त परेड: पीड़ित महिला ने पहचाना लुटेरा, दिनदहाड़े घर में घुसकर लूटी थी सोने की चेन

Mon, 19 Dec 2022 08:00 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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लूट का आरोपी युवक - फोटो : अमर उजाला
आगरा कमिश्नरेट बनने के बाद पहली बार पुलिस ने किसी मुल्जिम की शिनाख्त परेड कराई। जेल में पीड़ित महिला के सामने एक ही कद-काठी के 14 अभियुक्तों को खड़ा किया। पीड़िता ने एक बार सभी को देखा। इसके बाद दूसरी बार में लाइन में बीच में खड़े घर में घुसकर गले से चेन लूटने वाले को पहचान लिया। मजिस्ट्रेट के सामने हुई यह शिनाख्त केस में अहम साबित होगी। पुलिस के मुताबिक, इससे आरोपी को जमानत मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। सजा दिलाने में अहम साक्ष्य होगा।

चार दिसंबर को लायर्स कॉलोनी स्थित हेमा एन्क्लेव में लूट हुई थी। यहां के रहने वाले अनिल कुमार की सेंट जोंस चौराहे पर बृजवासी स्वीट्स के नाम से दुकान है। उनकी पत्नी रीता सुबह गमलों में पानी डाल रही थीं। तभी बाइक पर दो बदमाश आए थे। पीछे बैठा बदमाश पता पूछने के बहाने घर में घुस आया था। रीता ने बचने के लिए उसे वाईपर उठाकर मारा, लेकिन वो गले से चेन तोड़ने लगा। रीता की गुत्थमगुत्था हो गई। मगर, वो चेन लेकर अपने साथी के साथ भाग निकला।
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चेन लूट कर भागता लुटेरा - फोटो : अमर उजाला

सीसीटीवी कैमरों से हुआ था खुलासा

पुलिस ने पॉश इलाके लायर्स कॉलोनी में लूट की घटना के खुलासे के लिए तकरीबन 250 से 300 सीसीटीवी कैमरे देखे थे। इसके बाद लुटेरों की पहचान हुई थी। पुलिस शामली तक पहुंची थी। दो लुटेरों को पकड़ लिया गया। इनमें शामली के झींझाना स्थित गांव जाटान खानपुर निवासी रवि बाबरिया और विजय बाबरिया हैं। उनसे दो चेन पीली धातु की बरामद की गईं। इसके अलावा एक मोबाइल कीपेड वाला, एक बाइक और 1030 रुपये बरामद किए गए। पुलिस ने दावा किया आरोपी लूट, चोरी, चेन स्नेचिंग की वारदात करते हैं। आगरा के अलावा कानपुर सहित अन्य जिलों में लूट की हैं। विजय तेज बाइक चलाता है। रवि चेन लूटता है।
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पुलिस उपायुक्त नगर विकास कुमार - फोटो : अमर उजाला

दूसरी बार घूमते ही पहचान लिया

पुलिस उपायुक्त नगर विकास कुमार ने बताया कि पीड़ित महिला रीता को सुबह जिला जेल ले जाया गया था। पुलिस ने जिन आरोपियों को जेल भेजा था। उनके साथ 12 और जेल में बंद अभियुक्तों को खड़ा कराया गया था। सभी की कद काठी एक जैसी थी। महिला को अकेले सभी को देखना था। महिला ने एक बार 14 मुल्जिमों को देखा। इसके बाद वो दोबारा घूमी। बीच में खड़े रवि की तरफ इशारा करते हुए चेन लुटेरा होने का इशारा किया। इस कार्रवाई में एसीएम की भी मौजूदगी रही।
 

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लूट का आरोपी - फोटो : अमर उजाला

आरोपी और माल की शिनाख्त केस में अहम

पुलिस उपायुक्त नगर ने बताया कि आगरा कमिश्नरेट में पुलिस प्रत्येक मुल्जिम को ठोस साक्ष्यों के साथ सजा दिलाने का कार्य कर रही है, जिससे अपराध और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इसी क्रम में शिनाख्त परेड कराई जाती है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 9 के तहत यह कार्रवाई की जाती है। न्यायालय में यह ग्राह्य साक्ष्य माना जाता है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
शिनाख्त परेड के बाद बरामद माल की शिनाख्त कराई जाती है। इन दोनों के पीड़ित के पहचानने के बाद आरोपी को जमानत मिलना आसान नहीं होता है, जब तक यह साबित नहीं हो जाए कि पहचानकर्ता गलत बोल रहा है। इसके साथ ही अगर, शिनाख्त परेड के बाद गवाह सुनवाई के दौरान किसी कारणवश मुल्जिम और माल को नहीं पहचानता है, तो भी पूर्व में ही शिनाख्त परेड की पहचान ही अहम होगी।
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