आगरा कमिश्नरेट बनने के बाद पहली बार पुलिस ने किसी मुल्जिम की शिनाख्त परेड कराई। जेल में पीड़ित महिला के सामने एक ही कद-काठी के 14 अभियुक्तों को खड़ा किया। पीड़िता ने एक बार सभी को देखा। इसके बाद दूसरी बार में लाइन में बीच में खड़े घर में घुसकर गले से चेन लूटने वाले को पहचान लिया। मजिस्ट्रेट के सामने हुई यह शिनाख्त केस में अहम साबित होगी। पुलिस के मुताबिक, इससे आरोपी को जमानत मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। सजा दिलाने में अहम साक्ष्य होगा।
चार दिसंबर को लायर्स कॉलोनी स्थित हेमा एन्क्लेव में लूट हुई थी। यहां के रहने वाले अनिल कुमार की सेंट जोंस चौराहे पर बृजवासी स्वीट्स के नाम से दुकान है। उनकी पत्नी रीता सुबह गमलों में पानी डाल रही थीं। तभी बाइक पर दो बदमाश आए थे। पीछे बैठा बदमाश पता पूछने के बहाने घर में घुस आया था। रीता ने बचने के लिए उसे वाईपर उठाकर मारा, लेकिन वो गले से चेन तोड़ने लगा। रीता की गुत्थमगुत्था हो गई। मगर, वो चेन लेकर अपने साथी के साथ भाग निकला।