ज्येष्ठ मास में प्रचंड गर्मी ने हर किसी को बेहाल कर दिया है। आसमान से सूरज आग बरसा रहा है, जिससे धरती भी दहक रही है। भीषण गर्मी से जहां जीव-जंतु और इंसान व्याकुल हो रहे हैं, वहीं भगवान पर इसका असर पड़ रहा है। मथुरा और वृंदावन में गर्मी से भगवान को राहत देने के लिए भक्त तरह तरह के जनत कर रहे हैं।
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खस की टटिया में विराजमान भगवान
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन के रंगनाथ मंदिर में भगवान को गर्मी से बचाने के लिए ज्येष्ठ अष्टमी सोमवार से वसंत उत्सव की शुरुआत की गई। भगवान मंदिर के गर्भगृह से निकलकर बगीचे में खस की टटियों में विराजमान हो गए हैं। यहां वो पांच दिन विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। खस की टाटिया के बीच विराजमान भगवान गोदा रंगमन्नार का चंदन से बने जल से त्रिमंजन (अभिषेक) किया जा रहा है।
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खस की टटिया में विराजे भगवान
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के सेवायतों ने भगवान गोदा रंगमन्नार को ठंडक प्रदान करने के लिए विशेष श्रृंगार किया। वहीं मंदिर परिसर स्बगीचे में फव्वारे चल रहे हैं। ताकि भगवान को गर्मी का अहसास न हो। इस अवसर पर अनघा श्रीनिवासन, स्वामी रंगा, स्वामी पुरुषोत्तम मिश्रा, स्वामी राजेंद्र, कन्हैया, बबुआ, लखन लाल पाठक, राजेंद्र दुबे, विश्वास, विजय अग्रवाल, जुगल आदि उपस्थित रहे।
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रंगनाथ मंदिर वृंदावन
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन स्थित विष्णुस्वरूप भगवान रंगनाथ (रंगजी) वैष्णव संप्रदाय का एक बड़ा मंदिर है। भगवान रंगनाथ के अलावा माता गोदा को मुख्य मंदिर से परिसर में स्थित बगीचे में निर्मित खस की टटिया में विराजमान कराया गया है। लू से बचाव के लिए मंडप को चारों तरफ से खस की टाट से ढका गया है।
मथुरा समेत पूरा ब्रज इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। मथुरा का तापमान तो 50 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। सूर्य देवता के प्रकोप से इंसान बेहाल है। भीषण गर्मी का असर मंदिरों में भी देखा जा रहा है, जहां भगवान को गर्मी से बचाने के लिए तरह तरह के उपाय किए जा रहे हैं।