पीले रंग की फूल-पत्ती से सजे घर-द्वार और आंगन में बनी रंगोली। वसंत पर्व पर आगरा के दयालबाग में ऐसी ही छटा बिखरी है। यहां 27 जनवरी से शुरू हुए चार दिवसीय वसंत महोत्सव में देश-विदेश से हजारों सत्संगी आए हैं। हर कोई वसंती उल्लास में डूबा नजर आ रहा है।
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दयालबाग में सजावट
- फोटो : अमर उजाला
वसंत पंचमी 30 जनवरी को है, लेकिन दयालबाग में यह पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। वसंत महोत्सव पर यहां विद्युत रोशनी से घर जगमग हो रहे हैं। देश-विदेश से करीब 20 हजार सत्संगी वसंत महोत्सव में शामिल होने आए हैं।
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दयालबाग शिक्षण संस्थान में भव्य सजावट
- फोटो : अमर उजाला
स्वामी नगर, प्रेम नगर, विद्युत नगर, श्वेत नगर, दयालबाग शिक्षण संस्थान, मानसरोवर गार्डन की सजावट देखते ही बन रही है।
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दयालबाग में सजाया गया घर
- फोटो : अमर उजाला
लोगों ने पीले रंग की झालर, फूल और कृत्रिम फूल-पत्ती से घरों को सजाया है। तोरण द्वार भी सजाए गए हैं, जिस पर शुभ वसंत लिखा हुआ है। चहुंओर वसंती उल्लास छाया हुआ है।
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तोरण द्वार
- फोटो : अमर उजाला
दयालबाग निवासी राजवीर कौर और गुरजीत कौर ने बताया कि वसंत पर्व पर तहरी विशेष पकवान बनता है, यह पीले रंग के चावल और मेवा डालकर बनाया जाता है। इसमें मेवा डाला जाता है। इसको अनुयायियों ने प्रसाद के तौर पर वितरण किया।
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दयालबाग में खरीददारी करतीं युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
वसंत पर्व के लिए दुकानों पर पीले रंग की कपड़े और सजावट की सामग्री की खूब बिक्री हो रही है। सबसे ज्यादा कुर्ता, दुपट्टा, टोपी की बिक्री है। लगभग हर सत्संगी इसकी खरीद कर रहा है। इसके अलावा चादर, पर्दे, साड़ी, जैकेट भी खूब पसंद की जा रही है।
यह बोले अनुयायी:
पीले रंग का विशेष महत्व होने के कारण घरों को भव्य रूप से सजाया गया है। सप्ताह भर से ही इसकी तैयारियां चल रही हैं। -सुरेंद्र सिंह
विशेष पकवान तहरी बनाई है, इसको प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। घर में भी परिवार के सदस्य इसे बड़े चाव से ग्रहण करते हैं। -संजू यादव
पीला दुपट्टा और कुर्ता खरीदा है। बच्चों के लिए टोपी भी इसी रंग की खरीदी है। चार दिन तक पूरे दयालबाग में वसंत की छटा बिखरेगी। -सुरभि