फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना काल में बिगड़ी ताज नगरी की आबोहवा, सितंबर में प्रदूषण ने तोड़ा रिकॉर्ड

Fri, 11 Sep 2020 12:08 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
आवागमन और बाजारों के खुलने पर लगे प्रतिबंधों को खत्म किए जाने के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या में उछाल आने के साथ आगरा में प्रदूषण का स्तर भी कई गुना बढ़ गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट में गुरुवार को आगरा देश का छठवां सबसे प्रदूषित शहर रहा। प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रदूषण के मामले में आगरा नंबर एक पर है। बीते पांच वर्षों में भी सितंबर के महीने में प्रदूषण इसी साल सबसे अधिक बढ़ा है। 
विज्ञापन

2 of 5
ड्रोन से ली गई आगरा शहर की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को आगरा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई- एयर क्वालिटी इंडेक्स) 150 पर रहा। हाल के दिनों में सभी बाजार खोल देने, बसों का संचालन और यातायात जाम लगना प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी का कारण माना जा रहा है। 10 सितंबर की वायु गुणवत्ता से तुलना करें तो पांच सालों में सबसे ज्यादा प्रदूषण रिकॉर्ड किया गया। बीते साल से ढाई गुना ज्यादा प्रदूषण रहा।
विज्ञापन

3 of 5
आगरा में जाम (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
वाहनों की संख्या बढ़ने, जाम के कारण बढ़ा प्रदूषण 
वाहनों में ईंधन जलने के कारण गुरुवार को कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 45 गुना ज्यादा हो गई। खतरनाक पार्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम की मात्रा 230 तक हो गई, जो सामान्य से 4 गुना ज्यादा है। सितंबर के महीने में धूल कणों की मात्रा 40 से 80 के बीच ही बनी रही है लेकिन पहली बार धूल कणों की संख्या 200 के पार पहुंची है। विशेषज्ञ उमेश शर्मा के मुताबिक बारिश कम होने के कारण धूल कणों की मात्रा बढ़ी है।  
 

4 of 5
आगरा शहर - फोटो : अमर उजाला
देश के सबसे प्रदूषित शहर 
शहर               - सूचकांक 
चरखी दादरी   - 245 
भिवाड़ी          - 241 
बल्लभगढ़       - 213 
फरीदाबाद     - 179 
अहमदाबाद   - 171 
आगरा           - 150  
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
पांच वर्षों में सबसे ज्यादा रहा प्रदूषण 
सितंबर के महीने में मानसूनी बारिश के कारण धूल कणों और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा में कमी रहती थी, लेकिन इस बार प्रदूषण स्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते 5 सालों में सबसे ज्यादा प्रदूषण इसी साल 10 सितंबर को दर्ज किया गया है। 5 में से 3 साल 2016, 2018 और 2019 में प्रदूषण स्तर मानक से कम रहा। वहीं, 2017 और 2020 में दो से ढाई गुना के बीच में बना रहा है।  

10 सितंबर   -  एक्यूआई 
2016          -   45 
2017          - 132 
2018          -  46 
2019          - 61 
2020         - 150
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें