राज्यपाल आनंदी बेन पटेल पर्यटकों ने आम पर्यटकों की तरह से उन्हीं के बीच में रहकर स्मारकों का दीदार किया। सुरक्षाकर्मियों ने दूसरे पर्यटकों को हटाने की कोशिश भी की लेकिन उन्होंने ऐसा करने से उन्हें रोक दिया।
राज्यपाल ने आगरा किला, अकबर टूम (सिकंदरा) और फतेहपुर सीकरी का भ्रमण किया। एत्माद्दौला स्मारक का दीदार भी करना था लेकिन ऐन वक्त पर यहां जाने का उनका कार्यक्रम निरस्त हो गया। उनका काफिला एत्माद्दौला स्मारक पर रुके बिना ही सामने से गुजर गया।
राज्यपाल सुबह लगभग नौ बजे गोल्फ कार्ट से आगरा किला स्मारक में पहुंची। रतन सिंह की हवेली, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, अंगूरी बाग आदि को देखा। मुसम्मन बुर्ज से ताजमहल भी निहारा। इस दौरान उन्होंने किले के तमाम हिस्सों का इतिहास और यहां दीवारों, छत आदि पर की गई पच्चीकारी के बारे में जानने की उत्सुकता दिखाई।
पूर्वाह्न लगभग पौने ग्यारह बजे अकबर टूम पहुंची। यहां मुख्य स्मारक के दीदार के साथ ही परिसर में घूम रहे हिरनों को निहारा। इनके बारे में उन्होंने जानकारी भी हासिल की। राज्यपाल को इसके बाद एत्माद्दौला स्मारक देखना था, इसके लिए यहां तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं। मगर, अकबर टूम के बाद अचानक उनका कार्यक्रम बदल गया। वह एत्माद्दौला के सामने से निकल गईं। शाम को फतेहपुर सीकरी का भ्रमण किया। इस दौरान सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, डीएम एनजी रवि कुमार, एसएसपी बबलू कुमार आदि मौजूद थे।
एक ओर राज्यपाल आम पर्यटकों के बीच में ही स्मारक का भ्रमण कर रही थीं लेकिन जिस वक्त वह आगरा किले में थीं, उस वक्त स्थानीय अधिकारियों ने टिकट खिड़की पर दूसरे कुछ पर्यटकों को रोक दिया। उन्हें स्मारक के अंदर नहीं जाने दिया। जो पर्यटक स्मारक में थे, वही अंदर रहे। इससे कुछ पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ी।
दयालबाग में राधा स्वामी समाधि स्थल पहुंचीं राज्यपाल
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स्वामीबाग समाधि की भव्यता, पच्चीकारी देखने के बाद राज्यपाल ने इसकी काफी तारीफ की। उन्होंने साथ चल रहे अधिकारियों को इसके प्रचार-प्रसार को कहा। सर्किट हाउस में समाधि की तस्वीर लगाने के भी निर्देश दिए।