कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार और कांग्रेस के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। इस जंग का अखाड़ा उत्तर प्रदेश-राजस्थान का बॉर्डर बना। मंगलवार को आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में यूपी-राजस्थान बॉर्डर पर दिनभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। अनुमति न मिलने के कारण प्रवासी मजदूरों के लिए भेजी गईं कांग्रेस की बसें राजस्थान में खड़ी रहीं। इस दौरान जो घटनाक्रम हुआ, उससे प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई।
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राजस्थान बॉर्डर पर खड़ी कांग्रेस की बसें
- फोटो : अमर उजाला
प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की ओर से मंगलवार को भेजी गईं 500 बसों को राजस्थान-आगरा सीमा पर रोके जाने की सूचना पर सियासी हलचल मच गई। राजस्थान से दो मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग और जुबेर खान और यूपी के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू सहित कई नेता पहुंच गए।
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यूपी बॉर्डर पर राजस्थान के मंत्री सुभाष गर्ग व जुबैर खान
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कांग्रेस नेताओं कहना था कि मजदूर पैदल चल रहे हैं, जबकि आगरा प्रशासन बसों को जिले की सीमा में घुसने नहीं दे रहा। इस पर एसपी ग्रामीण (पश्चिम) रवि कुमार ने कहा कि बसों के पास नहीं बने हैं, इसलिए रोका गया है। अनुमति मिलते ही उन्हें आगे जाने दिया जाएगा।
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आगरा आईएसबीटी पर बैग पर सिर रखकर सो रहा मासूम
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश महासचिव शबाना खंडेलवाल ने आईएसबीटी पहुंचकर मीडियाकर्मियों से कहा कि यहां मजदूर बसों के इंतजार में दो दिन से परेशान हैं, वहां राजस्थान-आगरा सीमा पर इनके लिए भेजी गईं 500 बसों को प्रशासन आने नहीं दे रहा है। योगी सरकार को जवाब देना चाहिए कि प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के इंतजाम क्यों नहीं किए?
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राजस्थान की सीमा में खड़ीं कांग्रेस की बसें
- फोटो : अमर उजाला
उधर बसें बढ़ती गईं, इधर पुलिस फोर्स
राजस्थान से पहली बस सुबह आठ बजे आई। फतेहपुर सीकरी पुलिस ने उसे रोक दिया। कंडक्टर से कहा कि राज्य सीमा में प्रवेश करने की अनुमति दिखाओ। वो नहीं दिखा पाया। इसी बीच कई और बसें आ गईं। उन्हें भी नहीं आने दिया गया। देखते ही देखते बसों की लाइन लग गई।
आगरा सीमा पर पहले सीकरी थाना पुलिस पहुंची थी। इसके बाद आसपास के थानों की फोर्स आ गई। 11 बजे तक बसें 500 हो गईं तो चार थानों की फोर्स भी जमा हो गई। एसपी पश्चिम रवि कुमार, एसडीएम किरावली डॉ. नन्द किशोर भी पहुंच गए।
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राजस्थान सरकार के मंत्री व कांग्रेस के अन्य नेता
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राजस्थान के मंत्री बोले, प्रवासियों का दर्द नहीं समझ रहे योगी
राजस्थान के मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग और जुबेर खान भी सीमा पर पहुंच गए। सुभाष गर्ग ने कहा कि योगी सरकार प्रवासी मजदूरों का दर्द नहीं समझ रही है, यह मुद्दा राजनीति करने का नहीं है। मंत्री जुबेर खान ने भी कहा कि योगी सरकार खुद बसों का इंतजाम कर नहीं पा रही है। दूसरों के भेजने पर उसे यूपी में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। 500 बसें सुबह से खड़ी हैं। यूपी सरकार प्रवासी मजदूरों के मामले में भी राजनीति पर उतर आई है।
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यूपी कांग्रेस अध्यक्ष की गाड़ी रोकते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर को यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, विधान मंडल दल के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप माथुर, जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित आदि चौमा शाहपुर बॉर्डर पर पहुंचे। प्रवासी मजदूरों के लिए कांग्रेस की बसों को जिले में अनुमति नहीं मिलने पर राजस्थान की सीमा पर धरना देकर बैठे प्रदेश अध्यक्ष को पुलिस ने मंगलवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कड़ी सुरक्षा में अधिकारी आगरा लेकर गए।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को उठाकर ले जाती पुलिस
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यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हम तो प्रवासी श्रमिकों को सहूलियत देने के लिए मानवीय आधार पर एक हजार बसें लेकर आए थे। लेकिन प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ और उनके अधिकारियों ने बसों को प्रदेश की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। यह उनकी मनमानी है।
कांग्रेस की बसों पर सियासी बवाल
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एसपी ग्रामीण (पश्चिम) रवि कुमार ने बताया कि गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार अंतरराज्यीय बस चलाने की अनुमति के लिए आवेदन करना होता है। इसके बाद पास जारी किया जाता है और अनुमति दी जाती है। कांग्रेस नेताओं ने आवेदन नहीं किया था। इसलिए उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं थी। एसपी ग्रामीण ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी से इंकार किया।