यूपी बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन हो रहा है। मूल्यांकन के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं में जो कुछ भी सामने आ रहा है, उसे पढ़कर शिक्षक भी हैरान हैं। किसी परीक्षार्थी ने कॉपी में रुपये रखने के साथ गुरुजी से पास करने के लिए प्रार्थना की है तो किसी ने अपने परिवार की कहानी ही लिख दी। किसी परीक्षार्थी ने पास होने के लिए खुद को गुरुभक्त लिखा तो किसी ने अपना मोबाइल नंबर लिखते हुए रिश्वत की पेशकश कर दी।
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उत्तर पुस्तिका में मिला 100 का नोट
आगरा में यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में परीक्षार्थियों की एक से बढ़कर एक बात सामने आ रही है। इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को गणित के प्रश्नपत्र में प्रश्न समझ में नहीं आए तो परीक्षक से ही लिखकर पास करने की प्रार्थना कर डाली। यही नहीं, परीक्षार्थी ने अपना मोबाइल नंबर देखकर परीक्षक के लिए लिखा है कि बात करके उनके खाते में 500 रुपये जाएगा। शनिवार को भी कुछ कापियों में 50 और 100 रुपये के नोट निकले।
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श्लोक की जगह लिखा यह जवाब
शुक्रवार को हाईस्कूल की हिंदी विषय की एक कापी में 50 रुपये का नोट निकला। परीक्षार्थी ने हिंदी के शब्द भी ठीक से नहीं लिखे थे। एक परीक्षार्थी ने लिखा है कि सबका सपना होता है कि वह पास हो जाए। एक बेटी कुछ आप से मांग ही है, पास करना आप के हाथ में है। एक परीक्षार्थी खुद को पास करने के लिए प्रार्थना करते हुए लिखा है कि 'काल भी उसका क्या करे, जो भक्त हो गुरु का।' कई कापियों में इस तरह की चीजें लिखी हुई मिल रही हैं।
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हिंदी विषय की उत्तर पुस्तिका में लिखी गुहार
यूपी बोर्ड में शिक्षा का क्या स्तर है, इसकी पोल उत्तर पुस्तिकाएं खोल रही हैं। हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के विद्यार्थी हिंदी तक नहीं लिख पा रहे। हिंदी विषय की परीक्षा में उत्तर पुस्तिका पर एक छात्रा ने परीक्षक से अपनी मजबूरी लिखकर पास करने की गुहार लिखी। हालत यह है कि 16 लाइन में 37 गलतियां हैं।
यह हाल आगरा में ही नहीं फिरोजाबाद, मैनपुरी और एटा में भी है। एटा में एक छात्र ने लिखा था, सर, विनम्र निवेदन है कि आप मुझे इस विषय में पास न करें। मैं बेरोजगारी के दौर में संख्या और बढ़ाना नहीं चाहता। बता दें कि इस बार सख्ती के चलते कई छात्रों ने यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ दी थी। इस सख्ती का असर उत्तर पुस्तिकाओं में देखने को मिल रहा है। परीक्षा के सवालों के जवाब की बजाय कुछ छात्र-छात्राओं ने अजब-गजब गुहारें लिखी हैं।