लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हादसे का शिकार हुए अधिवक्ता बिहार से 10 साल पहले दिल्ली आए थे। महाकुंभ में स्नान कर आखिरी बार इस रिश्तेदार को वीडियो कॉल की थी। इसके बाद प्रयागराज से दिल्ली के लिए निकल गए थे। लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हादसे में अधिवक्ता का पूरा परिवार खत्म हो गया।
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कैंटर की टक्कर से कार सवार अधिवक्ता ओम प्रकाश आर्या का परिवार खत्म हो गया। वह 10 साल पहले बिहार से दिल्ली शिफ्ट हुए थे। सोमवार सुबह तक घर लौट जाना चाहते थे, इसलिए रविवार शाम को ही प्रयागराज से चल दिए। उन्होंने साले को हादसे से आठ घंटे पहले वीडियो कॉल की थी। मूलरूप से बिहार के रहने वाले ओम प्रकाश और पूर्णिमा की शादी वर्ष 2015 में हुई थी। ओम प्रकाश तीन भाइयों में छोटे थे। पिता वीर शमशेर सिंह सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं।
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महाकुंभ में स्नान के बाद सेल्फी ली
- फोटो : अमर उजाला
ओम प्रकाश शादी के एक वर्ष बाद पत्नी के साथ दिल्ली आ गए थे। चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ वह हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे। उत्तम नगर, दिल्ली निवासी चंदन सिंह उनके साले हैं। उनकी आयुर्वेदिक कंपनी है। उन्होंने बताया कि जीजा ने परिवार के साथ महाकुंभ में स्नान का कार्यक्रम बनाया। उनसे भी चलने के लिए कहा था, लेकिन काम के चलते वह नहीं जा सके। शाम चार बजे दिल्ली के लिए वो चल दिए थे। जीजा और बहन ने उनसे वीडियो कॉल पर बात की थी।
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महाकुंभ में परिवार के साथ तस्वीर खिंचवाई
- फोटो : अमर उजाला
कहा था कि सुबह तक आ जाएंगे। रात दो बजे पुलिस ने कॉल करके हादसे की जानकारी दी। पूर्णिमा दो भाइयों की इकलौती बहन थीं। परिवार में सबसे छोटी थीं। रिश्तेदारों ने बताया कि ओम प्रकाश सीए थे। उनकी वकालत की पढ़ाई पूरी हो गई थी। शुक्रवार को डिग्री मिलने की खुशी में पत्नी पूर्णिमा, बेटी अहाना व बेटा विनायक के साथ महाकुंभ गए थे।
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दर्दनाक हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महाकुंभ से लौट रहे अधिवक्ता दंपती और दो बच्चों की मौत
लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर फतेहाबाद क्षेत्र में रविवार रात अनियंत्रित कार और कैंटर में टक्कर हो गई। कार डिवाइडर को पार कर दूसरी लेन में पहुंच गई थी। हादसे में हाईकोर्ट के अधिवक्ता दिल्ली निवासी ओमप्रकाश (42), उनकी पत्नी पूर्णिमा सिंह (34), बेटी अहाना (8) और बेटे विनायक (2) की माैत हो गई। परिवार गणतंत्र दिवस पर महाकुंभ स्नान कर घर लौट रहा था। वाहनों को हटवाकर आधे घंटे बाद जाम खुलवाया जा सका।
हादसा रविवार रात करीब 12:35 बजे हुआ। गली नंबर 3, बी 50, सुभाष पार्क, उत्तम नगर, दिल्ली निवासी ओमप्रकाश आर्या चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे। उनके साले चंदन सिंह ने बताया कि दो दिन की छुट्टी होने के कारण बहनोई ओमप्रकाश और बहन पूर्णिमा भांजे व भांजी के साथ शनिवार सुबह प्रयागराज अपनी कार से गए थे। महाकुंभ स्नान कर सभी रविवार शाम लौट रहे थे।
अधिक थी कार की रफ्तार
एसीपी फतेहाबाद अमरदीप लाल ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर फतेहाबाद थाना क्षेत्र के किलोमीटर संख्या 31 पर कार अनियंत्रित हो गई। कार की रफ्तार अधिक थी। वो डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी तरफ लेन में आ गई। सामने से आ रही कैंटर से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई। कार में बैठे पिता-पुत्र छिटककर सड़क पर गिर गए।
मां-बेटी कार के अंदर ही फंस गए। एक्सप्रेस-वे पर जाम लग गया। सूचना पर यूपीडा और पुलिस की टीम पहुंच गई। कार में फंसी मां और बेटी को कार से बाहर निकालकर एसएन मेडिकल काॅलेज इमरजेंसी भेजा, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर आधा घंटा बाद जाम खुलवाया जा सका। उधर, घटना की जानकारी से परिवार में कोहराम मच गया।
कैंटर में फंस गई कार
महाकुंभ में बड़ी संख्या में लोगों के जाने से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर यातायात का दबाव है। रविवार रात हादसे के बाद जाम लग गया। वाहनों की कतार लग गई। टक्कर की वजह से कैंटर में कार फंस गई। पुलिस ने दोनों को हटाया, तब यातायात सुचारू हो सका।