लॉकडाउन में ढील मिलते ही 70 दिन बाद सोमवार को आहिस्ता-आहिस्ता ही सही, लेकिन ताजनगरी चल पड़ी। कॉलोनियों में दुकानें खुलीं। खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सड़कों पर भी जिंदगी लौट आई, वाहनों की कतारें लगीं। एहतियात के साथ खोले गए दफ्तरों में जैसे ही अफसर पहुंचे, वैसे ही फरियादियों ने दस्तक दी। अब इंतजार है राजामंडी, शाहगंज, संजय प्लेस, बेलनगंज जैसे प्रमुख बाजारों के खुलने का। इनमें अभी साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन चल रहा है।
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दुकान की सफाई करता दुकानदार
- फोटो : अमर उजाला
घटिया आजम खां के दोपहर तकरीबन साढ़े 12 दुकानें खुलीं। व्यापारी साफ-सफाई में जुट गए। कई दुकानों पर ग्राहक आए थे। दुकानों के बाहर घेरे बनाए गए हैं ताकि सामाजिक दूरी का पालन हो सके।
चिम्मन पूड़ी चौराहा पर भी प्रतिष्ठान खुले थे। आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान पर माल को चमकाने का काम होने लगा। चहल-पहल रही। दुकानदारों ने बताया कि आंधी-बारिश से नुकसान हुआ है। अब दुकानें खुली हैं तो बड़ी राहत है।
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दुकान की सफाई करता दुकानदार
- फोटो : अमर उजाला
हॉस्पिटल रोड पर कपड़े से लेकर कॉस्मेटिक, फुटवियर की दुकानें खुली हुईं थीं। शोरूम के बाहर माल रखकर धुलाई की जा रही थी। दुकानदारों ने बताया कि लोग घरों से निकल रहे हैं। धीरे-धीरे सब सामान्य हो जाएगा।
शाहगंज में कोठी मीना बाजार के पास किताबों और स्टेशनरी की दुकानें खुली थीं। बाजार में कपड़े की दुकानों में सफाई कार्य चल रहा था। कपड़ों को सैनिटाइज किया जा रहा था। दुकानदारों ने सभी कर्मचारियों को बुला लिया है।
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हरीपर्वत चौराहे की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
नूरी दरवाजा क्षेत्र में साफ-सफाई के साथ रंगाई-पुताई का काम चला। पेठा बनाने के लिए कुम्हेड़ा आ चुके हैं। भट्टियां तैयार हैं। दुकानों में बारिश का पानी भरा है। उसे निकाला गया। दुकानदारों ने बताया कि जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
स्थिति जल्द ठीक होने की उम्मीद
पेठा कारोबारी राजीव ने बताया कि दुकानें बंद रहने से काफी नुकसान हुआ। पेठा खराब हो गया। अब फिर से काम शुरू किया है। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति ठीक हो जाएगी।
किताब विक्रेता दीपक चतुर्वेदी ने कहा कि लॅाकडाउन खुला है तो बहुत राहत है। बाजारों में चहल पहल लौट रही है। जल्द ही स्थिति सामान्य होगी।
जूता कारोबारी अजीम का कहना है कि राहत की बात है कि दुकानें खुलनी तो शुरू हुई। सारी बचत खत्म हो गयी थी। माल को अलग नुकसान पहुंच रहा था। दुकान खुलने के बाद ही ये पता चल पाया।
आर्टिफ़िशियल ज्वेलरी कारोबारी मनीष मित्तल ने कहा कि नुकसान तो बहुत हुआ है लेकिन यह परेशानी सभी के साथ थी। अब बाजार खुले हैं तो बड़ी राहत मिली है।