बुधवार को मथुरा पहुंचे कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और डीजीपी सुलखान सिंह को पब्लिक का भारी विरोध झेलना पड़ा। खुद भाजपाइयों ने कहना शुरू कर दिया कि वह तो इस्तीफा दे देंगे। जो पार्टी सुरक्षा नहीं दे सकती वहां रहने से क्या फायदा। बदमाशों द्वारा मारे गए सराफों के परिवार वाले भी बिलख बिलख कर न्याय की मांग कर रहे थे।
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मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
यहां मौजूद लोगों ने कहा कि ऐसे तो कारोबार बंद हो जाएंगे। अब तो बदमाशों का राज हो गया है। डीजीपी बार बार लोगों को शांत कराने की कोशिश करते मगर गुस्साए लोग किसी की सुनने को तैयार नहीं थे।
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श्रीकांत शर्मा
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा प्रदेश पुलिस के मुखिया सुलखान सिंह के साथ सुबह को दस बजे मथुरा पहुंचे। सबसे पहले दोनों सिविल लाइंस में बदमाशों द्वारा मारे गए विकास अग्रवाल के घर पहुंचे। यहां परिवार वालों को सांत्वना दी। इस दौरान आसपास के लोग भी पहुंच गए थे।
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मथुरा श्रीकांत शर्मा
- फोटो : SELF
लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि जंगलराज बन गया है लेकिन सरकार कुछ नहीं कर पा रही है। हमारे बेटे को मार दिया गया। लोगों में दहशत है। विकास के पिता मोहनलाल अग्रवाल ने कहा कि विकास की दो जुड़वां बेटियां हैं। वह पापा के बिना सो भी नहीं पा रही हैं। यहां मौजूदा कुछ भाजपाइयों ने कह दिया कि अगर घटना का जल्द खुलासा नहीं हुआ तो वह लोग पार्टी से इस्तीफा दे देंगे।
कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और डीजीपी सुलखान सिंह
- फोटो : अमर उजाला
यहां डीजीपी और कैबिनेट मंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है। इसके बाद मंत्री और डीजीपी डेपिंयर नगर में सर्राफ मेघ अग्रवाल के घर पर पहुंचे। यहां लोगों ने कहा कि शहर में कानून नाम की चीज नहीं रह गई है। गुडों का राज कायम हो गया है। यहां कुछ लोगों ने कैबिनेट मंत्री से ही पूछना शुरू कर दिया कि उन्होंने दो महीने के भीतर आखिर किया क्या है।