पूर्णिमा पर चांदनी रात में ताजमहल के दीदार के लिए सैलानियों में लगातार क्रेज बढ़ रहा है। शनिवार को ताजमहल के रात्रि दर्शन के लिए 24 घंटे पहले शुक्र वार को टिकटों की बिक्री शुरू हुई, लेकिन सैकड़ों पर्यटकों को मायूस लौटना पड़ा। सुबह से ही सैलानी कतार में लग गए, लेकिन दोपहर तक भी उन्हें टिकट नहीं मिल सका।
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रात में ताजमहल का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
कतार में लगने के दौरान सैलानियों में आपस में भिड़ंत भी हो गई। पूर्णिमा पर पांच दिन ताजमहल को चांदनी रात में देखना सैलानियों के लिए अनूठा मौका है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 22, माल रोड आफिस पर जैसे ही टिकटों की बिक्री शुरू हुई।
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पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
पर्यटकों के बीच टिकटों को लेकर मारामारी मची रही। दोपहर में ही पूरे चार सौ टिकट बिक गए। एक दिन पहले टिकट की बाध्यता के बाद भी सैलानियों में ताज के दीदार की ललक देखने लायक थी। कई बार सैलानियों में आपस में मारपीट होते होते बची। पर्यटक हर कीमत पर टिकट पाना चाहता था।
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ताजमहल
केंद्रीय पर्यटन सचिव रश्मि वर्मा के आगरा आने पर होटल जेपी पैलेस में हुई बैठक में पर्यटन संगठनों ने ताजमहल रात्रि दर्शन के दौरान टिकटों की संख्या दोगुनी यानी 400 से बढ़ाकर 800 करने की मांग की थी। 2005 में जब से ताजमहल का नाइटव्यू शुरू हुआ है, तभी से यह संख्या 400 है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रात 8.30 बजे से 12.30 बजे तक 30-30 मिनट के टाइम स्लॉट में 50 पर्यटकों को ताज में प्रवेश कराया जाता है। रेड सैंड स्टोन से ही नाइटव्यू कराया जा रहा है, जिसे सेंट्रल टैंक तक करने और 50 की जगह हर स्लॉट में 100 पर्यटक करने की मांग सरकार से की गई है।